राज्यपाल ने 2016 बैच के आईएएस व वन सेवा के अफसरों की मुलाकात

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PATNA RAJBHVAN MEIN RAJPAL SE 2016 BATCH KE BHARTIYE PERSHASANIC SEVA KE ADHIKARIYON NE RAJPAL SATYAPAL MALLICK SE MULAQAT KI

राजभवन में राज्यपाल सत्य पाल मलिक से 2016 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं भारतीय वन सेवा के परीक्ष्यमान अधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात की। भारतीय प्रशासनिक सेवा-2016 के प्रोबेशनर अधिकारियों के 10 सदस्यीय दल ने ‘‘बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड)’ के महानिदेशक शशिशेखर शर्मा के साथ राजभवन आकर राज्यपाल मलिक से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने प्रोबेशनर अधिकारियों को ईमानदारी और सत्यनिष्ठापूर्वक अपने दायित्वों के कुशलतापूर्वक निर्वहन हेतु अभिप्रेरित किया। राज्यपाल ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों से कहा कि समाज की अंतिम कतार में रहनेवाले अभिवंचित वर्ग की पीड़ाओं को दूर कर उनकी समस्याओं का हरसंभव निदान ढ़ूँढ़ने का प्रयास किया जाना चाहिए। श्री मलिक ने कहा कि निरीह गरीब जन तथा आम लोगों की सेवा कर सभी प्रशासनिक अधिकारियों को एक आदर्श मिशाल पेश करनी चाहिए। राज्यपाल ने अधिकारियों को बिहार की प्राचीन गौरवमय ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासतों एवं परम्पराओं के बारे में भी बताया। आधुनिक बिहार के विकास की भरपूर संभावनाएँ यहाँ के कृषि क्षेत्र के विकास पर निर्भर करती हैं। दूसरी हरित क्रांति सर्वाधिक रूप से बिहार में ही सफल हो सकती है। राज्यपाल ने उज्ज्वल भविष्य के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के परिक्ष्यमान युवा अधिकारियों को शुभकामनाएँ भी दी। राज्यपाल ने वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव त्रिपुरारि शरण के नेतृत्व में राजभवन आये, 2016 बैच के भारतीय वन सेवा के पाँच परीक्ष्यमान अधिकारियों से मुलाकात के दौरान उन्हें बधाई देते हुए उनके सफल भावी जीवन की कामना की। राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण-सुरक्षा आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। राज्यपाल ने अधिकारियों को मुलाकात के दौरान ‘‘गाँवों में विभिन्न पुराने वृक्षों की विरासत’ का अययन एवं सव्रेक्षण कराने तथा उनकी कमती जा रही प्रजातियों को सुरक्षित रखने हेतु सार्थक प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने कहा कि ‘‘‘‘हर परिसर, हरित परिसर’’ के कार्यक्रम का व्यापक रूप से कार्यान्वयन होना चाहिए। उन्होंने स्कूल-कॉलेज के परिसरों में प्राथमिकतापूर्वक वृक्षारोपण कराने को कहा। राज्यपाल द्वारा आगामी बरसात के मौसम में हरित-चादर को और अधिक बढ़ाने हेतु ठोस कार्यक्रम संचालित कराने पर जोर दिया गया तथा वृक्षारोपण को जनान्दोलन का रूप दिये जाने की आवश्यकता बतायी गई। राज्यपाल ने कहा कि गाँवों के तालाब भी जल के अभाव में आज सूख रहे हैं, जिन्हें जिन्दा रखा जाना बहुत जरूरी है। राज्यपाल ने कहा कि हरित-आवरण बहाल रहने पर वष्ापात समय पर तथा पूर्ण रूप में होता है। फलत: इन तालाबों के सूखने की नौबत नहीं आती। राज्यपाल ने तालाबों के बहुद्देशीय महत्व के बारे में भी अधिकारियों को बताया। राज्यपाल श्री मलिक ने अधिकारियों के दोनों समूहों से पृथक-पृथक उक्त मुलाकातें कीं।

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