राजीवनगर के विशेष आसरा गृह से चार लड़कियों को भगाने का प्रयास

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Patna: Security personeel raid at government run Aashra Home under Rajiv Nagar Police station in patna on Friday August 10, 2018

राजधानी के आसरा गृह से चार लड़कियों को भगाने का प्रयास पड़ोसी ने किया। उसकी मंशा गलत थी। दरअसल, आसरा गृह से लड़कियों के भागने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलके में अफरातफरी मच गयी। मामला राजीवनगर के नेपाली नगर चंद्र विहार कॉलोनी स्थित विशेष आसरा गृह का है। पुलिस के मुताबिक पड़ोसी अधेड़ रामनगीना सिंह उर्फ बनारसी ने लड़कियों को गलत नीयत से भगाने का प्रयास किया। पकड़े जाने के डर से उसने ही पुलिस को खबर की ताकि संस्था के लोग फंस सके। बनारसी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मौके से आरी व लोहे की कटी छड़ बरामद की गयी है। विशेष आसरा गृह में मूक-बधिर और मंद बुद्धि लड़कियां और महिलाएं रहती हैं।विशेष आसरा गृह के सचिव चिरंतन और कोषाध्यक्ष मनीषा के मुताबिक यह संस्था डा. सुरेन्द्र कुमार यादव के किराये के मकान में संचालित है। विभाग की ओर से इस वर्ष 16 अप्रैल से आसरा गृह शुरू किया गया था। उसके लिए बजाप्ते तीन-चार बार मौका मुआयना किया गया था। यहां एक सौ लड़कियों को रखने की क्षमता है। पहले से यहां 50 लड़कियां रह रही थीं और हाल में पटना सिटी रिमांड होम व एनजीओ निशांत से 25 और आयी थीं। चिरंतन और मनीषा के मुताबिक शुक्रवार सुबह सात बजे के लगभग मकान मालिक का फोन आया कि उनके आसरा गृह से चार लड़कियों ने खिड़की की छड़ काट कर भागने का प्रयास किया।मौके पर पहुंचने पर मिली षड्यंत्र की जानकारीपटना। सचिव और कोषाध्यक्ष के मुताबिक आसरा गृह में नौ महिलाकर्मी कार्य करती हैं। तीन पुरु ष गार्ड हैं जो बाहर गेट पर ही डय़ूटी करते हैं। मौके पर पहुंचकर उन दोनों ने महिलाकर्मियों से पूछताछ की तो पता चला कि 17 वर्ष की लड़की ने बताया कि बगल के पड़ोसी अंकल ने उन लोगों को भगाने का प्रयास किया। सचिव चिरंतन के मुताबिक पड़ोसी बनारसी बराबर उक्त लड़की को चॉकलेट और मौसमी फल आम, लीची बगैरह देता था। आसरा गृह और बनारसी का घर एकदम सटा है। वह खिड़की से हमेशा सामान देता था और लड़कियों के साथ छेड़खानी करता था। इस वजह से उसके घर की ओर की खिड़की में घेरा डाल कर बेल्डिंग करा दी थी। वार्डन रेणु सिंह के मुताबिक लड़कियों ने बताया कि बगल के अंकल ने आरी से खिड़की की छड़ काटी थी। रेणु सिंह के मुताबिक छड़ कटने के बाद तीन लड़कियों को खिड़की से बाहर निकालने का प्रयास किया। चौथी लड़की को बनारसी ने ईट मारकर जगाने का प्रयास किया तो वह जगी। उसका भी हाथ खींचकर बाहर लाने का प्रयास किया गया लेकिन उसने अन्य तीनों को कमरे के अंदर खींच लिया। मामले में हंगामा न हो और पुलिस से पकड़े जाने के कारण उसने ही मुहल्ले के लोगों के साथ मिलकर पुलिस को लड़कियों के भागने की जानकारी दी।डीएसपी (विधि व्यवस्था) मनोज सुधांशु के अलावा सर्किल इंस्पेक्टर ललन कुमार, राजीव नगर थानेदार रोहण कुमार के साथ पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक (बाल सुरक्षा) दिलीप कुमार कामत भी मौके पर बुलाए गये। पुलिस ने मौका मुआयना किया। वहां खिड़की के पास आरी और कटी छड़ मिली। कर्मियों को थाने लाया गया। बनारसी को भी पुलिस ने उस वक्त पूछताछ के लिए थाने लाया। डीएसपी मनोज सुधांशु के मुताबिक छानबीन व पूछताछ के बाद मामला सामने आया कि पड़ोसी रामनगीना सिंह उर्फ बनारसी की नीयत ठीक नहीं थी। वह पहले भी बच्चियों के साथ छेड़खानी करता था। पुलिस ने पाया कि इस पूरे प्रकरण में बनारसी की भूमिका संदिग्ध थी। उसने गलत नीयत के कारण वहां से लड़कियों को भगाने का प्रयास किया। वह पहले भी भूमि विवाद के मामले में जेल जा चुका है और चार्जशीटेड है। डीएसपी के मुताबिक किसी भी लड़की के साथ दुष्कर्म की बात सामने नहीं आयी है। पुलिस ने रामनगीना उर्फ बनारसी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ वरीय अधिकारियों के निर्देश के मुताबिक सुसंगत धारा में मामला दर्ज किया जाएगा।

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