राजद सुप्रीमो लालू की जमानत अर्जियां खारिज

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झारखंड उच्च न्यायालय ने देवघर-दुमका चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को बड़ा झटका देते हुए सभी तीनों मामले में उनकी जमानत याचिकाएं बृहस्पतिवार को खारिज कर दीं। न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह ने लालू प्रसाद की जमानत याचिकाओं को खारिज करने का फैसला सुनाया। लालू की जमानत याचिकाओं पर अदालत ने चार जनवरी को सुनवाई पूरी की थी। लालू प्रसाद ने देवघर-दुमका, चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में जमानत की गुहार लगाई थी। इस फैसले से 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार की तैयारी कर रहे राजद को बड़ा झटका लगने की आशंका है क्योंकि पार्टी के स्टार प्रचारक लालू प्रसाद के अब बिरसा मुंडा जेल में रहने की संभावना बढ़ गयी है। मामले में अब उच्चतम न्यायालय से कोई राहत मिलने पर ही वे जेल से बाहर आ सकेंगे।

कपिल सिब्बल ने जिरह के दौरान क्या कुछ कहा था?

1- लोकसभा चुनाव सिर पर हैं, लालू यादव आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और टिकटों के बंटवारे से लेकर तमाम चुनावी रणनीति के लिए पार्टी को उनकी जरूरत है.

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2- लालू यादव की तबियत बेहद ही खराब है, ये मेडिकल इमरजेंसी का मामला है, उन्हें 13 तरह की बीमारियां हैं और एक दिन में 17 दवाएं लेनी पड़ती हैं.

3- जिन मामलों में लालू यादव को सजा दी गई है, उनमें लालू के खिलाफ कोई भी पुख्ता सबूत नहीं हैं. सभी मामलों में एकसमान सबूत पेश किए गए हैं जो सिर्फ गवाहों पर ही आधारित हैं जो विश्वसनीय नहीं हैं. जब इन मामलों में कई लोगों बरी किया गया है फिर लालू यादव को सजा क्यों?

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