रक्सौल-काठमांडो के बीच चलेंगी ट्रेनें, भारत और नेपाल रेल लाइन बिछाने पर सहमत,

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भारत और नेपाल रेल लाइन बिछाने पर सहमत, खुली सीमा का रुकेगा दुरुपयोगमोदी-ओली ने किया मोतिहारी से अमलेखगंज गैस पाइपलाइन परियोजना का शिलान्यासबीरगंज में एकीकृत जांच चौकी खुली, सागरमाथा के देश को सागर तक की कनेक्टिविटीसड़क निर्माण, कृषि, शिक्षा, पर्यटन, कौशल विकास, स्वास्य के क्षेत्र में सहयोग पर जोर 
द नई दिल्ली (एसएनबी)। भारत एवं नेपाल ने अपने सदियों पुराने ऐतिहासिक संबंधों के नये युग का सूत्रपात करते हुए कनेक्टिविटी के विस्तार पर तेजी से काम करने और दोनों देशों की खुली सीमा के दुरुपयोग को रोकने का शनिवार को संकल्प लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री खड़ग प्रसाद शर्मा ‘‘ओली’ के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत में ये सहमतियां बनीं। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने मोतिहारी (बिहार) से अमलेखगंज (नेपाल) के बीच गैस पाइपलाइन परियोजना का शिलान्यास किया और बीरगंज में एकीकृत जांच चौकी का उद्घाटन किया। बैठक में गृह मंत्री राजनाथ सिंह, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धम्रेन्द्र प्रधान, वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ला, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव विजय गोखले एवं अन्य अधिकारियों ने शिरकत की। मोदी ने अपने प्रेस वक्तव्य में कहा कि ओली की यात्रा नेपाल में ऐतिहासिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के पूरी होने की पृष्ठभूमि में हो रही है जो नेपाल की बहुत बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2006 में शुरू संक्रमण काल का यह उत्कर्ष है जिसके लिए वह नेपाल की जनता एवं सरकार को हृदय से बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल के स्वर्णिम अध्याय का शुभारंभ हो रहा है और नेपाल के तीव्र आर्थिक विकास एवं नेपालियों की खुशहाली के लिए भारत प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उनका सबका साथ सबका विकास का नारा और ओली का ‘‘समृद्ध नेपाल, सुखी नेपाली’ का सपना एक दूसरे का पूरक है। मोदी ने अपने वक्तव्य में नेपाल को नदियों के माध्यम से राष्ट्रीय जलमार्ग की कनेक्टिविटी देने का ऐलान करते हुए कहा, सागरमाथा के देश को अब सागर तक की कनेक्टिविटी मिलेगी। उन्होंने बीरगंज आईसीपी के उद्घाटन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बाकी तीन आईसीपी को जल्द पूरा करने के साथ चार अन्य आईसीपी खोलने का काम किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने रक्सौल से काठमांडू तक रेललाइन बिछाने के बारे में भी आगे बढ़ने की घोषणा की। 
कृषि में भी सहयोगबैठक में तराई में सड़कों का तेजी से निर्माण करने, कृषि खासकर जैविक कृषि, पशुपालन, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, पर्यटन के लिए रामायण एवं बौद्ध सर्किट पर मिलकर काम करने, शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्य के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के बारे में बात हुई है।

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