मैं सरकार का विरोधी नहीं और न ही विपक्ष का साथी : हार्दिक

0
138
file photo : PATNA S K M HALL MEIN PATEL JAGROOKTA SAMMELAN KO SAMBODHIT KERTE HARDIK PATEL

पटना – पटेल आरक्षण आंदोलन से उभरे नेता हार्दिक पटेल ने कहा कि ‘‘ मैं सरकार विरोधी नहीं और न ही विपक्ष का साथी हूं। मैं यहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विरोध करने नहीं आया हूं। कुर्मी, कुशवाहा और धानुक समाज के साथ पूरे समाज को जागरूक करने आया हूं कि अपने अधिकार के लिए लड़ें। बिहार में तो महागठबंधन को जनता ने सत्ता सौंपी थी, लेकिन जब गठबंधन छोड़ जब नीतीश कुमार भाजपा के साथ चले गए, तो अब बिहार को विशेष राज्य का दर्जा तो दिला दें। विशेष पैकेज भी बिहार का बकाया है। बिहार पिछड़ा राज्य है, विशेष दर्जा इसका अधिकार है। शनिवार को वे श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में पटेल जागरूकता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि ‘‘ मैं अभी 24 साल का हूं। किसी पार्टी का सदस्य नहीं हूं। किसी पार्टी के साथ मेरा नाम नहीं जोड़ना चाहिए। बिहार में मुझे चुनाव नहीं लड़ना है। दूसरों को आगे बढ़ाने के बदले आप लोग खुद आगे बढ़िए। यह मत कहिए हार्दिक भाई तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं। हम आगे बढ़ जाएंगे, लेकिन आप क्यों पीछे रहना चाहते हैं। हार्दिक ने कहा 1994 में कुर्मी चेतना रैली से भले ही कुछ लोग नेता और मंत्री बन गए, लेकिन समाज अभी भी पीछे रह गया है। जल्द ही गांधी मैदान में रैली करेंगे, जिसमें 10 लाख लोग जुटेंगे। एक माह तक बिहार में रह कर गांव-गांव में लोगों को जागरूक करूंगा। कुर्मी मूल रूप से किसान हैं। मोबाइल और एसी बनाने वाले करोड़पति हैं और किसान भूखा मर रहा है। आंदोलन की जरूरत है। गुजरात में पटेल समाज को कमल वालों ने मूर्ख बना कर रखा था, जब जगा तो नरेंद्र मोदी और अमित शाह को एक माह तक चुनाव में पसीने छूट गए।उन्होंने कहा कि गुजराज में 2 करोड़ पटेल हैं। वहां भी पहले कुर्मी और कुशवाहा को अलग करने की राजनीति चलती थी। हमने सब को एक किया। बिहार में भी लगभग सवा करोड़ पटेल की आबादी है। कुर्मी, कुशवाहा और धानुक मिला कर यहां 12 प्रतिशत आबादी है। लेकिन दिल पर हाथ रख कर बोलिए सामाजिक और राजनीतिक रूप से आबादी के हिसाब से सत्ता में हिस्सेदारी मिली। किसी एक व्यक्ति को सत्ता मिल जाने से सभी का भला नहीं होता है। हार्दिक ने राज्य सरकार और प्रशासन पर पटेल जागरूकता सम्मेलन को विफल कराने के लिए कुचक्र का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में 200 गाड़ियों को आने से प्रशासन ने रोका। पटेल छात्रावास में भी जाकर सम्मेलन में नहीं जाने के लिए उकसाया जा रहा था। बिहार के युवा अपने अधिकार के लिए लड़ेंगे। सम्मेलन में हार्दिक के निशाने पर नीतीश थे। कटाक्ष किया कि ‘‘ चाचा काहे डरते हैं मुझसे। आप मुझे बुलाते तो मैं जरूर आपसे मिलने आता। आप तो अपने हैं, लेकिन आपने तो रास्ता ही बदल लिया। शायद मुझे बुलाते तो दिल्ली वाले आपसे नाराज हो जाते।’

यह भी पढ़े  बिहार में आए 'जल प्रलय' से अभी तक 43 लोगों की मौत, राहत कार्य जारी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here