मुस्लिम उम्मीदवारों पर नहीं बरसी राजग की कृपा

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file photo

बिहार में इस बार लोकसभा चुनाव में राजग के सिर्फ एक घटक जदयू ने एक सीट पर मुस्लिम समुदाय से उम्मीदवार खड़ा किया। वहीं भाजपा ने तो अपने लोकप्रिय मुस्लिम चेहरा पूर्व केन्द्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन को राज्य की किसी भी सीट से प्रत्याशी के योग्य नहीं समझा।राजग की बिहार की 40 में से 39 लोकसभा सीटों के लिए आज जारी उम्मीदवारों की सूची में जदयू ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में अपने कोटे की केवल एक सीट किशनगंज से मुसलमान समुदाय के महमूद अशरफ को उम्मीदवार घोषित किया है। इससे पहले वर्ष 2009 के आम चुनाव में जदयू ने किशनगंज सीट से ही श्री अशरफ को टिकट दिया था। जदयू ने वर्ष 2014 के आम चुनाव में राज्य की अलग-अलग सीटों से कुल पांच मुसलमान उम्मीदवार खड़े किये थे। उसने उस वर्ष शिवहर से शाहिद अली खान, मधुबनी से गुलाम गौस, किशनगंज से अख्तर-उल-ईमान, सारण से सलीम परवेज और भागलपुर से अबू कैसर को टिकट दिया था। इससे पूर्व जदयू ने डॉ. मोनाजिर हसन को वर्ष 2004 के चुनाव में मुंगेर से और 2009 में बेगूसराय से अपना उम्मीदवार बनाया था। वहीं, वर्ष 2019 की बिहार राजग की सूची से पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा का एक बड़ा मुस्लिम चेहरा शाहनवाज हुसैन का नाम भी पहली बार गायब है। श्री हुसैन पिछले लोकसभा चुनाव में भागलपुर से भाजपा के प्रत्याशी थे और महज आठ हजार वोट के अंतर से चुनाव हार गये थे। इससे पहले 2004 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के सुशील कुमार मोदी विजयी हुए थे और वर्ष 2005 में राज्य के उपमुख्यमंत्री का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने इस सीट से इस्तीफा दे दिया था इसके बाद इस सीट के लिए हुए उपचुनाव में श्री हुसैन जीतकर संसद पहुंचे थे। श्री हुसैन पहली बार 1999 में किशनगंज से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। इसके बाद वर्ष 2004 में किशनगंज से भाजपा के उम्मीदवार बनाये गये थे। लेकिन, राजद के मो. तस्लीमुद्दीन से हार गये थे। वर्ष 2019 में राजग में सीटों के तालमेल के तहत भागलपुर सीट जदयू के खाते में चली गयी है। जदयू ने इस सीट से अजय कुमार मंडल को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, राजग के अन्य घटक लोजपा ने अपनी छह में से पांच सीटों पर प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है। इन सीटों पर एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को खड़ा नहीं किया गया है। अभी उसकी एक सीट खगड़िया से प्रत्याशी के नाम की घोषणा होनी शेष है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में लोजपा ने इस सीट से चौधरी महबूब अली कैसर को टिकट दिया था और वह जीतकर संसद पहुंचे थे।

एनडीए में टिकट कटने के बाद भागलपुर के पूर्व सांसद शाहनाबाज हुसैन ने ट्वीट कर भाजपा के प्रति अपनी आस्था बरकरार रहने की बात कही है. उन्होंने लिखा है कि भागलपुर की जनता से मिले प्यार को वह कभी नहीं भुला सकते हैं. वह भाजपा के टिकट से इस बार नहीं लड़ रहे हैं, क्योंकि गठबंधन में यह सीट जदयू के खाते में चली गयी है. इससे उनका भी टिकट अन्य छह सांसदों की तरह कट गया है. फिर भी भाजपा कार्यकर्ताओं और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत अन्य सीनियर लीडर की तरफ से मिल रहे आशीर्वाद के काफी आभारी हैं.
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