मुलायम सिंह ने वही कहा जो महसूस किया’:सुशील मोदी

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PATNA - BIHAR VIDAN SAVA M E B . J . P LEDAR SUSHIL MODI PARLIMANT ME MULAYAM SING KI VASHAN PAR MEDIA KO SAMBODHIT KARTA

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सपा के शीर्ष पुरु ष मुलायम सिंह यादव ने पिछले 55 महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज देख कर बिना किसी लाग-लपेट के वही कहा, जो महसूस किया। उन्होंने माना कि यह सरकार सबका साथ लेकर सबका विकास करने का वादा निभाने में सफल रही। उनका बयान दुष्प्रचार में लगी मायावती, ममता बनर्जी, सोनिया गांधी और लालू प्रसाद को पूरी तरह एक्सपोज करने वाला है। श्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि बिहार की एक्सीडेंटल सीएम राबड़ी देवी को मुलायम सिंह जी का बयान इतना बुरा लगा कि वे एक बुजुर्ग नेता के विवेक पर सवाल उठा रही हैं। उन्हें तो अपने कम पढ़े-लिखे बेटे ही सबसे ज्यादा बुद्धिमान लगते हैं। राजद-कांग्रेस की सरकार बिहार को न सड़क दे पायी, न गांवों तक बिजली पहुंचा सकी। लाठी में तेल पिलाने वाले लालू प्रसाद आईटी का मजाक उड़ाते रहे। एनडीए सरकार में तेज विकास और ढांचागत विकास से रोजगार के बढ़ते अवसर देख कर इनकी छाती फट रही है, इसलिए ये लोग पटना में मेट्रो रेल के 13411 करोड़ के प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने का भी स्वागत नहीं कर पा रहे हैं। बिहार को मेट्रो मिलना एक बड़ी उपलब्धि होगी।

 राज्य के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि वाहनों से हो रहे प्रदूषण से राजधानी को मुक्त करने के लिए पीयूसी के दो सौ नये केन्द्र खोले जाएंगे। यह केन्द्र पेट्रोल पंप व गाड़ियों के सर्विसिंग केन्द्रों पर खोले जाएंगे। श्री मोदी आज राजद विधान पार्षद प्रो. रामचंद्र पूव्रे के अल्पसूचित प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वाहनों से होने वाला उत्सर्जन भी वायु प्रदूषण के लिए कारक के रूप में चिन्हित है। इसके अतिरिक्त सड़क धूल कण, ठोस अपशिष्ट को खुले में जलाना, निर्माण क्रियाकलाप, घरेलू क्षेत्र में उपयोग किये जाने वाले जीवाश्म ईधन व आस-पास स्थापित ईट भट्टों से होने वाले उत्सर्जन भी बायु प्रदूषण के अन्य कारण हैं। वैसे वायु प्रदूषण के विभिन्न गैसीय प्रदूषक निर्धारित मानक के अधीन पाये जाते हैं। परन्तु छोटे कण पीएम.25 की मात्रा मानक से अधिक पाई जाती है। पिछले तीन वर्षो के आंकड़ों के अनुसार पटना के परिवेशीय वायु में छोटे कण पदार्थ की मात्रा (वर्ष 2016, 2017 व 2018 में छोटे कणों की मात्रा क्रमश: 122.51,116.15 व 118.16 के स्तर में कोई वृद्धि दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि पटना शहर की परिवेशीय वायु गुणवत्ता में सुधार लाने व प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए कार्य योजना तैयार किया गया है। वाहन उत्सर्जन के निवारण हेतु गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा ऊर्जा गंगा प्रोजेक्ट के तहत पटना शहर में पांच आउटलेट के माध्यम से सीएनजी की आपूत्तर्ि व्यवस्था बनाने का कार्य प्रक्रिया में है। साथ ही सड़क धूल कण निवारण के लिए पटना के सड़कों के किनारे फ्लैंक को पेब्ड किया जा रहा है। सड़कों की सफाई भी स्वीपिंग मशीन से करने के लिए पटना नगर निगम द्वारा व्यवस्था बनायी गयी है। ईट भट्टों से प्रदूषण को रोकने के लिए स्वच्छतर तकनीक में परिवर्तित करने का निर्देश अगस्त 2019 तक दिया गया है।

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