मुजफ्फरपुर में एक पत्रकार पर जानलेवा हमला ,रोध में मुख्यमंत्री का पुतला दहन, निकाला आक्रोश मार्च

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पत्रकार पर हमले के विरोध में मुख्यमंत्री का पुतला दहन, निकाला आक्रोश मार्च
औराई | प्रखंड के पत्रकार फिरोज अख्तर पर शुक्रवार की शाम हुए हमले के खिलाफ इंसाफ मंच के राज्य पार्षद सह माले जिला कमेटी सदस्य आफताब आलम के नेतृत्व में आक्रोश मार्च निकाला। वहीं, सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए औराई चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। कहा कि बिहार में महा जंगलराज चल रहा है। मौके पर राज्य सचिव सूरज कुमार सिंह,असलम रहमानी, मोहम्मद शमशेर आलम, मो. इरफान, शाहनवाज, राकेश कुमार, राधेश्याम ठाकुर, मो. सद्दाम अलीमी, नसीरुद्दीन, आकाश यादव, कृष्ण राज, मो. तैय्यब भी थे। दूसरी ओर, राजद प्रखंड अध्यक्ष मो. एजाज, छात्र राजद के जिलाध्यक्ष अमरेन्द्र यादव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरविंद कुमार मुकुल सहित कई नेताओं ने घटना की निंदा की है।

पत्रकारों की सुरक्षा व अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग : मीनापुर| पत्रकारों की सुरक्षा व अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कौशलेन्द्र झा की अध्यक्षता में हुई बैठक में पत्रकारों ने औराई में हमले की भर्त्सना की। मौके पर राजकिशोर प्रसाद, संतोष गुप्ता, कृष्ण माधव सिंह, विश्वनाथ कुशवाहा, अनिल ठाकुर थे।

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कातिलाना हमले की जनप्रतिनिधियों ने निंदा की : देवरिया कोठी | स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने घटना की निंदा की है। पत्रकार पर हुए हमले को लोकतंत्र पर हमला बताया है। निंदा करने वालों में पूर्व कृषि मंत्री सह राजद विधायक रामविचार राय, पूर्व जिप सदस्य पृथ्वीनाथ राय, जिप सदस्य देवेशचंद्र, जयप्रकाश यादव, ललन पासवान, बबलू कुमार, विजय साह, राम गोविंद शर्मा, अशोक कुमार साह, रोहित सिंह, गोपाल साह आदि शामिल हैं।

मुजफ्फरपुर में एक पत्रकार पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया था । औराई में फिरोज अख्तर नाम के एक पत्रकार पर अज्ञात हमलावरों ने गोली चला दी और उसकी बाइक, मोबाइल फोन और नकदी के साथ बदमाश फरार हो गए। पत्रकार का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है। अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि पत्रकार पर हमले के पीछे किसका हाथ है।

घटना के मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।बता दें कि देश में पत्रकार पर हमले की यह पहली घटना नहीं है इससे पहले भी बिहार समेत अलग-अलग राज्यों में पत्रकारों को निशाना बनाया जा चुका है। हाल ही में विदआउट बॉर्डर्स की रिपोर्ट सामने आई थी जिसमें यह बताया गया था दुनिया देशों में पत्रकार कितने सुरक्षित और असुरक्षित हैं। पत्रकारों के लिए असुरक्षित देशों में भारत का नाम भी शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार साल 2018 में हमलों में 6 पत्रकार मारे गए और अन्य कई पर जानलेवा हमला भी किया गया।

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