मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले से चिंतित राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

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राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्य में बालक-बालिका और महिलाओं के उत्पीड़न के मामलों के निपटारे के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करनक और बालक-बालिका और नारी अल्पावास गृहों की सतत मॉनिटरिंग का भी सुझाव दिया है। राज्यपाल ने इन गृहों के सुधार के लिए बुद्धिजीवियों की राय भी आमंत्रित करने की अपेक्षा की है। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की है कि राज्य सरकार मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण जैसे गंभीर मामले में उचित कदम उठाएगी, ताकि यहां बालक-बालिका और महिलाएं भयमुक्त वातावरण में रह सकें। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने केंद्रीय विधि न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद और पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को भी इस संबंध में अपने सुझाव से अवगत कराया है। मुजफ्फपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले में राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस पर चिंता जताई है। राज्यपाल ने अपने पत्र में इस घटना को हृदय विदारक और मानवता के लिए कलंक बताया। साथ ही उन्होंने पत्र में सीएम को कई सुझाव भी दिये। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने इस मामले की राज्य सरकार द्वारा सीबीआई जांच की अनुशंसा की सराहना की।

मुख्यमंत्री को भेजे गये पत्र में राज्यपाल ने लिखा है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौनशोषण शोषण मामले का जल्द संज्ञान लेने के लिए मुख्यमंत्री प्रशंसा के पात्र हैं. मुख्यमंत्री को लिखे दूसरे पत्र में राज्यपाल ने कहा है कि आप वैसे ही बच्चों और महिलाओं के मामले में सदैव सजग व संवेदनशील रहते हैं. ऐसे में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सभी बालक, बालिका व नारी अल्पावास गृहों  में अनियमितता की खबरें लिखी जा रही हैं तो अल्पावास व बालिका गृहों का सघन निरीक्षण व सतत  मॉनीटरिंग का सिस्टम विकसित करें.
इसके अलावा राज्यपाल ने सक्षम संगठनों (विशेषज्ञ) से सोशल ऑडिट कराने के लिए संस्थागत सिस्टम विकसित करने का भी सुझाव दिया है. बालिका, बालक व नारी अल्पावास गृहों में सुधार और विकास के लिए बुद्धिजीवियों का भी फिडबैक लेने का सुझाव दिया गया है.  अंत में राज्यपाल ने लिखा है कि राज्य सरकार उनके इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी, जिससे कि बच्चे, बच्चियों और महिलाओं का सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण जीवन सुनिश्चित हो सके.
 
ऐसे मामलों के निष्पादन के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का हो गठन, हाईकोर्ट व केंद्र करें सहयोग 
राज्यपाल ने यह भी लिखा है कि मुख्यमंत्री को राज्य की अदालतों में  बालक,बालिका व महिला उत्पीड़न के जो लंबित मामले हैं, उनके तेजी से निष्पादन के लिए  फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की पहल करनी चाहिए.
ऐसा होने से अपराधियों  को जल्द सजा मिलेगी. इससे समाज में सकारात्मक संदेश भी जायेगा. फास्ट ट्रैक  कोर्ट की स्थापना में पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सहयोग करें.  राज्यपाल ने केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद को भी लिख कर  फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन में सहयोग करने की बात कही है.
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