मुजफ्फरपुर बालिका अल्पवास गृह यौन शोषण मामला ,मंजू वर्मा ने दिया इस्तीफा

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MINISTER MANJU VERMA KA RESIGNING KE BAD PRESS CONFRENCE

नीतीश से मुलाकात के बाद समाज कल्याण मंत्री ने छोड़ा पदब्रजेश से मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा की 17 बार बातचीत कोर्ट में पेशी के दौरान भी ब्रजेश ने बातचीत की सच्चाई स्वीकारीशिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा को समाज कल्याण का अतिरिक्त प्रभार
सूबे की समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा ने मुजफ्फरपुर बालिका अल्पावास गृह यौन शोषण मामले को लेकर बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करते हुए राज्यपाल को अनुशंसा भेज दी। दिल्ली में होने के बावजूद राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने मुख्यमंत्री की अनुशंसा पर श्रीमती वर्मा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। सूत्रों ने यहां बताया कि श्रीमती वर्मा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात के बाद उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस बीच शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा को समाज कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।श्रीमती वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा की यौन शोषण कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर से फोन पर हुई बातचीत के खुलासे के बाद से ही उन पर मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने का दबाव विपक्ष की ओर से बनाया जा रहा था। हालांकि श्रीमती वर्मा ने इस मामले में अपने पति की किसी भी तरह से संलिप्तता से इनकार किया था। इससे पूर्व आज मुजफ्फरपुर न्यायालय में पेशी के दौरान मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर ने पत्रकारों से बातचीत में एक बार फिर दोहराया कि चंद्रशेखर वर्मा के साथ उसकी कई बार बातचीत हुई है। वहीं, इससे पहले पुलिस जांच में भी ब्रजेश के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) में श्री वर्मा के साथ 17 बार बातचीत होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद से श्रीमती वर्मा पर इस्तीफे के लिए और भी दबाव बढ़ गया था। वहीं, समाज कल्याण विभाग ने टीआईएसएस की अंकेक्षण रिपोर्ट पर कार्रवाई में देर करने के आरोप में विभाग के सहायक निदेशक दिवेश कुमार शर्मा समेत 13 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस मामले में श्री शर्मा ने ही 31 मई 2018 को महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विभाग ने सहायक निदेशक मुजफ्फरपुर दिवेश कुमार शर्मा के अलावा सहायक निदेशक (भोजपुर) आलोक रंजन, सहायक निदेशक (भागलपुर) गीतांजलि प्रसाद, सहायक निदेशक (मधुबनी) कुमार सत्यकाम, सहायक निदेशक (अररिया) घनश्याम रविदास और सहायक निदेशक (मुंगेर) सीमा कुमारी को निलंबित कर दिया है। अन्य निलंबित अधिकारियों में बाल संरक्षण पदाधिकारी (पटना) नवलेश कुमार सिंह, तत्कालीन बाल संरक्षण पदाधिकारी (मुंगेर) अमरजीत कुमार, तत्कालीन बाल संरक्षण पदाधिकारी (भागलपुर) रंजन कुमार, बाल संरक्षण पदाधिकारी (गया) मीराजुद्दीन सदानी, तत्कालीन बाल संरक्षण पदाधिकारी (मधुबनी) संगीत कुमार ठाकुर, तत्कालीन बाल संरक्षण पदाधिकारी (मोतिहारी) विकास कुमार और अधीक्षक पय्रेक्षण गृह (अररिया ) मोहम्मद फिरोज शामिल हैं। वहीं, भागलुपर जिले के बालगृह में बच्चों के साथ मारपीट और र्दुव्‍यवहार करने के आरोप में गृह के तत्कालीन अधीक्षक प्रदीप शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 06 अगस्त को लोकसंवाद के बाद कहा था कि मुजफ्फरपुर बालिका अल्पावास गृह में बच्चियों के साथ बलात्कार के मामले में मंत्री हों या कोई और, जो भी दोषी पाया जायेंगे उसे बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने कहा था कि सरकार ने इस मामले की जानकारी मिलते ही कार्रवाई की है। इस मामले में बिहार पुलिस अच्छा काम कर रही थी लेकिन भ्रम की स्थिति न रहे इसलिए इसकी जांच सीबीआई से कराने की अनुशंसा की गयी। साथ ही सरकार ने उच्च न्यायालय से इस मामले की जांच की निगरानी करने का भी अनुरोध किया है, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुजफ्फरपुर अल्पावास गृह की निगरानी के लिए समाज कल्याण विभाग के जो भी अधिकारी जिम्मेवार थे, उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जा रही है। उन्होंने समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के इस्तीफे के संबंध में पूछे जाने पर कहा था कि इस मामले में जो कोई मंत्री जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। नीतीश ने कहा था कि अब राज्य में बच्चों से जुड़े सभी सुधार या कल्याण गृहों का संचालन किसी भी गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) के जरिए नहीं होगा। राज्य सरकार ऐसे सुधार या कल्याण गृहों का संचालन खुद करेगी। 

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