मुख्यमंत्री ने किया 53 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

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Patna-June.11,2019-Bihar Chief Minister Nitish Kumar with Deputy Chief Minister Sushil Kumar Modi, Union Law & IT Minister Ravishankar Prasad and Union Minister of State for Health & Family Welfare Ashwini Kumar Choubey during lay foundation stone ceremony of ultra modern 500 bed multi storey hospital at the campus of Indira Gandhi Institute of Medical Sciences (IGIMS) in Patna.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड की 492.25 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित 48 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं 105.25 करोड़ रूपये की लागत वाली 5 परियोजनाओं का शिलान्यास रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट का अनावरण कर किया। पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव श्री अमृत लाल मीणा ने मुख्यमंत्री को पुष्प-गुच्छ भेंटकर उनका अभिनन्दन किया। मुख्यमंत्री के समक्ष बिहार राज्य पुल निर्माण निगम पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के 44वें स्थापना दिवस के मौके पर तत्कालीन जिलाधिकारी दरभंगा एवं वर्तमान में मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव सह निदेशक सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग चंद्रशेखर सिंह, गोपालगंज के जिलाधिकारी अनिमेष पराशर, सारण के जिलाधिकारी सुब्रत सेन सहित बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड से जुड़े अधिकारियों, कर्मियों एवं संवेदकों को उत्कृष्ट कार्य के लिये सीएम ने सम्मानित किया। पथ निर्माण मंत्री नन्दकिशोर यादव ने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की ओर से मुख्यमंत्री को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिये 1 करोड़ पांच लाख का चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने ने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि बिहार राज्य पुल निर्माण निगम नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा जो बिहारवासियों के लिए गौरव की बात होगी। बिहार के लोगों को भी लगेगा कि हमारा कॉरपोरेशन बिहार के बाहर भी कम कर रहा है।

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बिहार राज्य पुल निर्माण निगम मरणासन्न की स्थिति में आ गया था लेकिन 2006 से इसे पुनर्जीवित करने की दिशा में काम शुरू किया गया, आज स्थिति यह है कि पुल निर्माण निगम के द्वारा हजारों छोटे-बड़े पुलों का गुणवत्ता के साथ निर्माण किया गया है। सड़क हो या पुल उसकी गुणवत्ता, निर्धारित समय सीमा के अंदर निर्माण कार्य और उसका रखरखाव तीन सबसे अहम चीज होती है। हमलोगों ने हर क्षेत्र में रखरखाव के लिए नई नीतियाँ बना दी है। पथ निर्माण विभाग के साथ-साथ ग्रामीण कार्य विभाग के तहत आने वाली नये सड़कों का निर्माण या जर्जर सडकों के पुनर्निर्माण का कार्य अब जो होगा, उसके इस्टीमेट में मेंटेनेंस का भी प्रावधान करने की व्यवस्था होगी। यह उसके पॉलिसी का अंग होना चाहिए और इस संदर्भ में फैसला लिया गया है। यही नहीं लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून के दायरे में भी मेंटेनेस के काम को लाया गया है ताकि सभी सड़कों का निरंतर रखरखाव सुनिश्चित हो सके तथा रखरखाव के अभाव में सड़क के जर्जर रहने की स्थिति के लिये जो भी अधिकारी दोषी पाये जायेंगे उन पर विभागीय कार्रवाई की जायेगी। यह बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के 44वें स्थापना दिवस समारोह में कही। उन्होंने कहा कि सड़कों की तरह ही पुलों का भी मेंटेनेस होना चाहिए। रेलवे में रेल पुलों के रखरखाव के लिए एक अलग विंग होता है जो निरंतर उसकी देखरेख करता है। उसी तर्ज पर पथ निर्माण विभाग और पुल निर्माण निगम को भी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि पथों एवं पुलों का निरंतर मेंटेनेस होता रहे। हमलोगों ने यह भी तय किया है कि जिस मकसद के लिए भवन का निर्माण होना है, उसकी तमाम जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उसके नियमित रखरखाव एवं साफ-सफाई की भी व्यवस्था का प्रबंध सुनिश्चित होनी चाहिए। अच्छी सड़कें बनने से कुछ लोग तेजी से वाहन चलाते हैं, जिसके कारण सड़क दुर्घटनाएं होती है। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लायी जाए, इसके लिए ब्लैक स्पाट को चिन्हित करते हुए दुर्घटना के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है। इसके अलावा अंडरपास, ओवरब्रिज और एलिवेटेड रोड बनाया जा रहा है। हमलोगों ने पुल के साथ-साथ एप्रोच्च रोड को भी स्वीकृत करने का निर्णय लिया है ताकि कोई कठिनाई नहीं हो सके। बिहार के किसी भी सुदूरवर्ती इलाके से पांच घंटे के अंदर राजधानी पहुंचने का हमलोगों ने लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए अनेक नये पुलों एवं सड़कों का निर्माण होना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए अब पथ निर्माण विभाग के साथ ही ग्रामीण कार्य विभाग के तहत निर्मित होने वाली सड़कों के दोनों किनारे पेड़ लगाने का फैसला लिया गया है ताकि बिहार का हरित आवरण दुरुस्त रहे। उन्होंने कहा कि रेलवे के साथ बिहार सरकार का एग्रीमेंट हुआ है, जिसके तहत अब पथ निर्माण विभाग को आरओबी बनाना है। पथ निर्माण मंत्री से उन्होंने कहा कि हम तो यही कहेंगे कि आरओबी बनाने का काम बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को ही दे दीजियेगा क्योंकि आरओबी बहुत ही सेंसिटिव होता है। इसमें रेलवे के पैसे से ब्रिज जबकि राज्य सरकार के पैसे से एप्रोच्च रोड बनना है। उन्होंने कहा कि पुल निर्माण निगम का लक्ष्य बिहार के बाहर भी काम करने का है और एनएचएआई से काम भी मिला है। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि पुल निर्माण निगम गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए इसी मुश्तैदी के साथ आगे भी काम करता रहेगा।

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