मिशन शक्ति की सफलता नहीं रख सकते गोपनीय:डीआरडीओ प्रमुख

0
74

भारत के अंतरिक्ष सुरक्षा कार्यक्रम ‘मिशन शक्ति’ पर विगत दिनों टिप्पणी करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेसी नेता पी चिदंबरम ने उसका खुलासा करने पर केंद्र सरकार को ‘बेवकूफ’ करार दिया था. उनका कहना था कि भारत को Aset क्षमता का सार्वजनिक तौर पर बतौर उपलब्धि जिक्र नहीं करना चाहिए था। शनिवार को ‘मिशन शक्ति’ पर मीडिया से बात करते हुए डीआरडीओ प्रमुख जीएस रेड्डी ने चिदंबरम के बयान का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि इस तरह के परीक्षण को गुप्त नहीं रखा जा सकता है. उनके मुताबिक भारत ने जमीन से अंतरिक्ष में सैटेलाइट मार गिरा राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर हासिल किया है.

डीआरडीओ चीफ ने कहा कि भारत ने अंतरिक्ष में सैटेलाइट मार गिराने की क्षमता को प्रदर्शित किया है. भारत ने अंतरिक्ष में सैन्य ताकत हासिल की है. डीआरडीओ ने अंतरिक्ष में एंटी सैटेलाइट मिसाइल (ASAT) से लाइव सैटेलाइट को मार गिराने का प्रेजेंटेशन वीडियो भी जारी किया है.
उन्होंने आगे कहा कि सैन्य क्षेत्र में अंतरिक्ष एक नई महत्ता और भूमिका अख्तियार कर चुका है. भारत जैसा देश जब ‘मिशन शक्ति’ सरीखे किसी काम को अंजाम देता है, अंतरिक्ष में किसी सजीव लक्ष्य यानी सैटेलाइट को भेदता है, तो ऐसे कामों को अंजाम देने लायक क्षमता का ही प्रदर्शन किया जाता है. सैन्य क्षेत्र में वैसे भी माना जाता है कि सुरक्षा का सबसे बेहतर तरीका ‘निवारण’ ही होता है. ‘मिशन शक्ति’ के जरिए भारत ने दिखा दिया है कि वह जमीन से अंतरिक्ष में किसी लक्ष्य को मार गिराने में सक्षम है. इस तकनीक और क्षमता का प्रयोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी हो सकता है.

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिशन शक्ति की सफलता के बाद ऐलान किया था कि भारत ने अंतरिक्ष में लाइव सैटेलाइट को मार गिराया है. भारत ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है. इससे पहले अमेरिका, रूस और चीन ने ऐसी क्षमता हासिल की थी. वहीं, पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मिशन शक्ति की सफलता की जानकारी सार्वजनिक करने की कड़ी आलोचना की थी.

यह भी पढ़े  नरेन्द्र मोदी सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का प्रस्ताव लोकसभा से पारित कराया : सुशील मोदी

उन्होंने कहा था कि सिर्फ एक मूर्ख सरकार ही ऐसे डिफेंस सीक्रेट को सार्वजनिक कर सकती है. कांग्रेस नेता चिदंबरम ने ट्वीट किया था, ‘अंतरिक्ष में सैटेलाइट को मार गिराने की क्षमता कई वर्षों से है. एक बुद्धिमान सरकार ऐसी क्षमता को सीक्रेट रखेगी. सिर्फ एक मूर्ख सरकार ही इसको उजागर करेगी और डिफेंस सीक्रेट से विश्वासघात करेगी.’

इसके अलावा डीआरडीओ चीफ सतीश रेड्डी ने नासा को भी जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि इस परीक्षण से अंतरिक्ष में पैदा हुआ मलबा 45 दिन में खत्म हो जाएगा. दरअसल, अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मिशन शक्ति की सफलता के बाद कहा था कि इस परीक्षण की वजह से एंटी सैटेलाइट मिसाइल के मलबे के 400 टुकड़े अंतरिक्ष में फैल गए हैं, जिससे अंतरिक्ष स्टेशन और अंतरिक्ष यात्रियों के लिए खतरा पैदा हो गया है.

इससे पहले इसरो चेयरमैन के सीनियर एडवाइजर तपन मिश्रा ने नासा को करारा जवाब दिया था. मिश्रा ने कहा था कि भारतीय वैज्ञानिक कभी कोई ऐसा काम नहीं करेंगे, जिससे उनके देश को शर्मिंदगी झेलनी पड़े.

यह भी पढ़े  रालोसपा के राष्ट्रीय और प्रदेश कमेटी के अधिकारियों ने छोड़ी पार्टी

अहमदाबाद स्थित स्पेस एप्लीकेंशंस सेंटर के पूर्व निदेशक तमन मिश्रा ने कहा था, ‘कई बार शादी में भी कुछ सबसे अच्छे दोस्त खाने की आलोचना करते हैं. जब हम कुछ अलग काम करते हैं, तो हमें अक्सर फूलों की माला नहीं पहनाई जाती हैं. यह जिंदगी का अहम हिस्सा है. भारत ने अंतरिक्ष में 300 किमी की ऊंचाई पर परीक्षण किया, जहां वायु का दबाव बहुत ही कम होता है.’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here