मांझी पर सस्पेंस बरकरार, जदयू नेताओं के भी बदले सुर

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बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को रिझाने की कोशिश शुरु है. अभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मांझी के गांव महकार में करोड़ों की योजना का उद्घाटन किया है. कभी मांझी के खिलाफ बोलने वाले जदयू के नेताओं के सुर भी बदल गये हैं. लेकिन इसके बाद भी मांझी को लेकर सस्पेंस बरकरार है.

बिहार में अगले चुनाव में दलितों की भूमिका अहम होगी यह बात जीतन राम मांझी कई बार बोल चुके हैं. मांझी पर न केवल लालू प्रसाद की नजर है, बल्कि जदयू और बीजेपी की भी नजर है.

मांझी एनडीए में रहते हुए कुछ नहीं मिलने से नाराज भी हैं. लेकिन जदयू में मिलने की बात पर मांझी खुलकर कुछ भी बोलने से बचते हुए कहते हैं जदयू और हम एनडीए के भाई-भाई ही हैं. वहीं जदयू के नेता मांझी द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपने गांव महकार बुलाये जाने पर किसी तरह की सियासत से नहीं देखने की बात कह रहे हैं.

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बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव का कहना है कि मांझी एनडीए में है और रहेंगे, इस पर किसी तरह का भ्रम नहीं है. कभी जीतन राम मांझी को लेकर जदयू प्रवक्ताओं ने क्या-क्या नहीं कहे थे. नीतीश कुमार ने विभिषण तक कहा था, लेकिन राजनीति परिस्थितियां बदलने के बाद जदयू नेताओं के सुर भी बदले हैं. हालांकि मांझी ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं.

चुनाव में अभी समय है. निश्चित ही मांझी कुछ समय संस्पेंस बनाये रखना चाहते हैं. इस बीच मोलभाव को अंतिम रूप देने की कोशिश भी करेंगे, क्योंकि अपने बेटे की राजनीतिक भविष्य को भी तय करना है. ऐसे में जहां बेहतर मौका मिलेगा डील वहीं करेंगे यह तय है.

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