महिला सिपाहियों का आरोप- डीएसपी कहते थे केबिन में आओगी तो जितनी कहोगी उतने दिन की छुट्टी देंगे

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महिला सिपाहियों ने पुलिस लाइन के डीएसपी पर दुर्व्यवहार और शोषण के आरोप लगाए हैं। 32 महिला सिपाहियों ने गुरुवार को राज्य महिला आयोग में अपनी शिकायत दर्ज कराई। एक महिला सिपाही ने कहा कि जब भी कोई बीमार होती तो डीएसपी अपने केबिन में बुलाते थे। कहते थे- केबिन में आओगी तो जितनी बोलोगी उतनी छुट्टी देंगे। जब कहती थी कि सर मर जाएंगे तो डीएसपी कहते थे-मर जाओगी तो पांच आदमी बुलवाकर फेंक देंगे और नई बहाली हो जाएगी।

पीरियड के दौरान स्पेशल लीव मांगते थे तो हमें वीडियो लाने को कहा जाता था। दुबली-पतली लड़कियों को डीएसपी अपने घर बुलाते थे। कहते थे- मेरे साथ रहोगी तो स्वस्थ रहोगी। जब भी हम केबिन में जाते थे ताे उनकी नजर गलत होती थी। परेड के दौरान डीएसपी अश्लील हरकत और गंदे इशारे करते थे। ग्राउंड की परेड में शौचालय नहीं था। छुट्टी लेकर शौचालय जाया करते थे तो रिपोर्ट करने की धमकी दी जाती थी। जब कोई लड़की बेहोश हो जाती थी तो उसको सबके सामने बेइज्जत किया जाता था। कहा जाता था कि तुम पैसे देकर नौकरी में आई हो क्या?

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महिला पुलिसकर्मियों ने कहा कि  167 में 77 महिला पुलिसकर्मियों के बर्खास्त होने से उनकी स्थिति बिगड़ती जा रही है। कई डिप्रेशन में चली गई हैं। हम 15 अगस्त से ही बिना फिजिकल व मेंटल ट्रेनिंग के ड्यूटी कर रहे हैं। बर्खास्त सिपाहियों में कई ऐसी हैं जो उस वक्त पुलिस लाइन में थी ही नहीं। उन्होंने आयोग की अध्यक्ष दिलमणि मिश्रा के सामने कहा कि उनकी स्थिति आत्महत्या करने की हो गई है। कहा- गलती हुई उसके लिए हम माफी मांगते हैं, लेकिन नौकरी लौटा दें। तीन महीनों से हम रेंट और खाने पर 30-35 हजार रुपए खर्च कर चुके हैं। हमें एक रुपया भी अबतक नहीं मिला है। सभी के बयान महिला आयोग में दर्ज हो गए हैं।

12 सिपाहियों को बिना बयान लिए ही कर दिया बर्खास्त : उन्होंने आरोप लगाया कि 12 लड़कियों को बयान के लिए चयनित किया गया और फिर बिना उनका पक्ष जाने ही बर्खास्त कर दिया गया। हमें बस इस आधार पर बर्खास्त किया गया कि हमने मीडिया में अपनी बात रखी थी। डीएसपी का  गार्ड महिला सिपाहियों से कहता था, उनसे मिलो।  जहां बोलोगी वहां पोस्टिंग करा देंगे।  वहीं सभी महिला सिपाहियों ने कहा कि घटना के दिन डीएसपी के कहने पर ही  10 राउंड फायरिंग हुई, जिसके बाद महिलाएं उग्र हो गईं।

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वीडियो फुटेज व तस्वीर से हो रही उपद्रव करने वालों की पहचान : पुलिस लाइन में बगावत के मामले की जांच जारी है। 75 पुलिसकर्मियों को नौकरी से हटा दिया गया है। बर्खास्तगी की तलवार 75 और पुलिसकर्मियों पर लटकी हुई है। वीडियो फुटेज, पेपर कटिंग से लेकर अन्य माध्यमों से पुलिस उनकी शिनाख्त करने में जुटी है। इसी क्रम में जांच कर रहे अधिकारी गुरुवार को बीएमपी 5, 10, 14 व 16 गए थे। वहां पहुंचकर पुलिस ने उनकी पहचान की है। सूत्रों के अनुसार करीब एक दर्जन की पहचान की गई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस छठ के बाद गिरफ्तारी वॉरंट लेगी: पुलिस का मानना है कि इसमें वही पुलिसकर्मी शामिल नहीं थे जिन्हें नौकरी से हटाया गया। पहचान के बाद एक साथ इन्हें भी हटा दिया जाएगा। इधर, बर्खास्त हुए 175 को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस छठ के बाद कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट लेगी। वारंट मिलने के बाद पुलिस इन लोगों को गिरफ्तार करेगी। अगर पटना से फरार पाए गए तो उनके घरों तक पुलिस जाएगी। पुलिस ने सभी 175 का नाम व पूरा पता हासिल कर लिया है। जोन आईजी नैयर हसनैन खान ने बताया कि जिन 175 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया गया है, उनकी गिरफ्तारी होगी।

सभी लड़कियों की शिकायत दर्ज कर ली गई है। महिला आयोग संज्ञान लेकर न्यायसंगत कार्रवाई करेगा। डीजीपी से मामले की जानकारी मांगी गई है। आयोग भी मामले की जांच करेगा और महिला पुलिसकर्मियों के आरोप सही पाए जाने पर उन्हें न्याय दिलाएगा। -दिलमणी मिश्रा, महिला आयोग की अध्यक्ष

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