महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा से ही सशक्त बनता है राष्ट्र : राज्यपाल

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Patna-Aug.4,2018-Bihar Governor Satyapal Mallik is lighting the lamp to inaugurating Gender Orientation workshop at Raj Bhawan in Patna.

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि महिलाओं के प्रति संवेदनशील सभ्य समाज से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। दुनिया का कोई भी समाज तब तक सभ्य और सुसंस्कृत नहीं कहा जायेगा, जब तक वह महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और समानता की गारंटी नहीं देता। नारी उत्पीड़न के मसले का हल केवल कानून बनाने मात्र से ही संभव नहीं, बल्कि इसके लिए व्यक्ति को अपने नजरिये में बदलाव लाने की जरूरत है,अपनी सोच में नारियों के प्रति बराबरी और आदर का भाव समाहित करना जरूरी है। महिलाओं में पुरु षों की तुलना में किसी भी रूप में कार्य क्षमता की बिल्कुल ही कमी नहीं है। वे ज्ञान-विज्ञान के हर क्षेत्र में कामयाबी हासिल कर रही हैं। महिलाएं खेलकूद-कुश्ती, तीरंदाजी आदि में तो पुरु षों की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन कर ही रही हैं। पर्वतारोहण, वायुयान परिचालन आदि क्षेत्रों में भी उनकी प्रतिभा का प्रसार नजर आता है। कन्या भ्रूण हत्या तो एक जघन्य अपराध है, जिस पर हर हाल में नियंतण्रपाया जाना चाहिए। राज्यपाल शनिवार को राजभवन में जेन्डर उन्मुखीकरण से संबंधित आयोजित एक कार्यशाला का उद्घाटन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अपने दायित्वों के प्रति ईमानदारी तथा कार्य के प्रति निष्ठा महिलाओं में पुरु षों की तुलना में ज्यादा होती है। महिलाएं वाह्य दबाव या लालच में कम फंसती हैं, भ्रष्टाचार के मामलों में काफी कम संलिप्तता पायी जाती है, जबकि पुरु ष आसानी से इसमें फंस जाते हैं। उन्होंने कहा कि अजातशत्रु के प्रधानमंत्री ने वैशाली गणराज्य के विरुद्ध युद्ध में सफलता की संभावनाओं पर जब भगवान बुद्ध से जिज्ञासा की थी, तब भगवान बुद्ध ने प्रधानमंत्री से कुछ प्रश्न किये थे। उन्होंने पूछा था कि ‘‘वैशाली गणराज्य में नीतिगत निर्णय क्या सभाओं के माध्यम से सामूहिक रूप में लिए जाते है बुजुगरे को सम्मान तो वहां प्राप्त है नारियों को आदर की निगाह से तो देखा जाता है। इन सारे प्रश्नों के उत्तर स्वीकारात्मक रूप से मिलने पर भगवान बुद्ध ने कहा था कि ‘‘तब फिर वैशाली गणराज्य को कोई भी ताकत परास्त नहीं कर सकती। राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं को अपने विरुद्ध होने वाले-उत्पीड़न का खुलकर प्रतिकार करना चाहिए। महिलाओं को अपने कार्यक्षेत्र में बदनिगाही को बिल्कुल ही बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। उन्हें अपने विरुद्ध अपमान की बातों को अपनी सहकर्मी महिला मित्रों से जरूर साझा करना चाहिए और गलत निगाह रखने वाले के खिलाफ अपने भरपूर गुस्से का इजहार कर उसे दंडित कराना चाहिए। इस क्रम में राज्यपाल ने ‘‘महाभारत’ की महिला पात्र ‘‘द्रौपदी’ से शिक्षा ग्रहण करने की सीख दी, जिन्होंने अपने विरुद्ध कौरवों के अपमान का बदला उनका सर्वनाश कर लिया था। राज्यपाल ने कहा कि मेरा यह सामाजिक अनुभव है कि मां-बाप के लिए आज बेटों से ज्यादा बेटियां ही मदगार साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि कई जगह महिलाओं के विरुद्ध होने वाले उत्पीड़न में महिलाएं भी शामिल नजर आती हैं। उन्होंने दहेज हत्याओं को एक जघन्य मानवीय अपराध बताते हुए कहा कि अपने घर आयी दुल्हन को जलाकर राख करने वाले परिवार को तो कठोर से कठोर सजा मिलनी ही चाहिए। राज्यपाल ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले की जांच सीबीआई द्वारा कराये जाने के राज्य सरकार के निर्णय की प्रशंसा की और विास व्यक्त किया कि मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना में शामिल प्रत्येक अपराधी को कठोरतम दंड मिलेगा। उन्होंने कहा कि महिला विकास निगम को विविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भी ‘‘जेन्डर उन्मुखीकरण’ पर कार्यशालाएं आयोजित करनी चाहिए। नारी सशक्तीकरण के लिए और सघन अभियान चलाने का सुझाव दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने कहा कि हर संस्था को नारी सशक्तीकरण की दिशा में ठोस कार्य करने चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज और संस्थाओं में नारियों के प्रति कुदृष्टि रखने वालों की पहचान कर उन्हें सख्त रूप से दंडित कराने के साथ-साथ, मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी पुरु ष-मानसिकता में परिवर्तन लाए जाने के प्रयास होने चाहिए। कार्यक्रम को महिला विकास निगम की प्रबंध निदेशक डॉ. एन.विजयालक्ष्मी, प्रो. शिखा माथुर,आनंद माधब,डॉ.सुहासिनी राव, डॅ.शिखा माथुर, अशीष कुमार, रंजना दास आदि ने संबोधित किया। धन्यवाद ज्ञापन एस आनंद ने किया।

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