महादलित परिवारों को उजाड़ रही राज्य सरकार:: भाकपा

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JAN SHAKTI BHAWAN ME SECRATARY SATYANARAYAN SINGH KA PRESS CONFRENCE

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव सत्यनारायण सिंह ने कहा कि नीतीश सरकार महादलित परिवारों को बासगीत का पर्चा देकर बसाने के बजाय पूर्व से बसे हुए परिवारों को उजाड़ने रही है। मधुबनी जिले के खुटौना प्रखंड की वीरपुर पंचायत में साठ वर्षो से बसे मुसहर जाति के 102 परिवारों को जेसीवी से उजाड़ दिया गया। इस घटना की हमारी पार्टी निंदा करती है और सरकार से मांग करती है कि सभी 102 परिवारों को बसाने का कार्य करे। पीड़ित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास, पांच डिसलिम भूमि, मुआवजा के तौर पर पांच लाख रुपये देने की भी मांग की।ये बातें भाकपा राज्य सचिव ने घटना स्थल का दौरा करने के बाद सोमवार को कही। उनके साथ जांच टीम में पार्टी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रामनरेश पाण्डेय, मधुबनी जिला सचिव मिथिलेश कुमार झा, राज्य परिषद सदस्य रामनारायण यादव, लक्ष्मण चौधरी, सूर्यनारायण यादव, खुटौना अंचल सचिव विनोद यादव आदि नेता शामिल थे। उन्होंने कहा कि 1984 में ही दलित परिवारों को वासगीत का पर्चा मिला था। इसी के आधार पर इंदिरा आवास, बिजली कनेक्शन आदि सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। फिर क्यों तोड़ा गया इसका जवाब सरकार को देना होगा। उन्होंने फिर से उसी जमीन पर उजाड़े गए परिवारों को बसाने और हाईकोर्ट के डबल बेंच में अपील की जायेगी। उन्होंने कहा कि मधुबनी प्रशासन द्वारा भारी पुलिस बल के साथ जेसीबी से घरों को तहस-नहस कर बर्बाद कर गरीबों को बेदखल कर सड़क पर छोड़ देने की कार्रवाई की गयी है। इस तरह की बारदात की हम निंदा करते हैं। प्रशासन कहा रहा कि उच्च न्यायालय के आदेश से गरीबों को बेदखल किया गया है। अगर मामला उच्च न्यायालय में दायर था तो पर्चाधारियों के पक्ष में प्रशासन को उच्च न्यायालय में उच्च स्तरीय पैरवी करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि नीतीश राज में आए दिन गरीब दलित कमजोर वगरे पर जुल्म ढाए जा रहे हैं और बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए ही अतिक्रमण के नाम पर गरीबों को उजाड़ा जा रहा है। एक तरफ राज्य सरकार कहती हैं कि पर्चा धारियों को सुरक्षा दिया जाएगा । दूसरी तरफ पर्चा धारियों को बेदखल किया जा रहा है। भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने पहले कार्यकाल में भूमि सुधार आयोग का गठन किया था। आयोग ने अपनी सिफारिशें दे दी हैं। आयोग ने कहा है कि बिहार में पांच लाख बेघर परिवार हैं तो 23 लाख भूमिहीन परिवार हैं। इन परिवारों को आयोग ने 10-10 डिसमिल आवासीय भूमि उपलब्ध कराने के अनुशंसा की है,लेकिन नीतीश सरकार ने आयोग के अनुशंसा को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। अब तो और हद हो गयी है जब नीतीश कुमार महागठबंधन से हटकर भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाया है। तब से भूमि सुधार विभाग भी भाजपा के कोटे में दे दिया है। भाजपा के रामनारायण मंडल बिहार के भूमि सुधार मंत्री हैं।

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