ममता राज में खूनी हुआ पंचायत चुनाव, अब तक 10 की मौत, सीपीएम कार्यकर्ताओं को जिंदा जलाया

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पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान राज्य में जमकर हिंसा हुई है। कई जगहों पर हुई हिंसक झड़पों में 10 लोगों की मौत हो गई है जबकि 50 से ज्यादा घायल हुए हैं। इस हिंसा को लेकर गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। बतादें कि जगह-जगह बैलेट बॉक्स लूट, बमबाजी, गोलीबारी, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई हैं। मुर्शिदाबाद और दिनाजपुर में बैलेट बॉक्स को लूट लिया गया। वहीं मुर्शिदाबाद में ही टीएमसी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। पश्चिम बंगाल में सोमवार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में दोपहर 1 बजे तक 41.51 फीसद मतदान हुए।

एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद पश्चिम बंगाल में बहुप्रतीक्षित पंचायत चुनाव आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हो रहे हैं। पश्चिम बंगाल में चल रहे पंचायत चुनाव मतदान के दौरान हुई जबरदस्त हिंसा में अब तक 10 लोगों की मौत हो गई है। वहीं लेफ्ट पार्टियों ने चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर हिंसा के विरोध में प्रदर्शन किया है। बर्द्धमान, चौबीस परगना, मालदा, कूचबिहार समेत कई इलाकों में हिंसक झड़प हुई। बता दें कि अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले राज्य में आज होने वाला पंचायत चुनाव अंतिम बड़ा चुनाव है।

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मतदान सुबह सात बजे शुरू हो गया है जो शाम पांच बजे तक चलेगा। मतगणना 17 मई को की जाएगी। एक चरण में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए तीव्र प्रचार अभियान हुआ था। चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान हुई हिंसा को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस, भाजपा, कांग्रेस और वाममोर्चा के नेताओं ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए।

सोमवार सुबह उत्तर 24 परगना के आमडांगा में वोट देने जा रहे माकपा कार्यकर्ता की बम मारकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप तृणमूल कार्यकर्ताओं पर लगा है। वहीं दूसरी और दक्षिण 24 परगना के कुलतली में तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके साथ नदिया जिले के शांतिपुर में एक तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता की लाश मिली है ।

भाजपा कार्यकर्ता पर चाकू से हमला
बिलकांडा में भाजपा समर्थक राजू बिश्वास पर कथित टीएमसी कार्यकर्ताओं ने चाकू से हमला किया। राजू बिश्वास की हालत गंभीर बताई जा रही है। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। कूचबिहार के दिनाहाटा में बम फटने से एक टीएमसी कार्यकर्ता ने अपना हाथ खो दिया है। आसनसोल के रानीगज के बांसरा में सुबह-सुबह बमबाजी की सूचना है। इस घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है।

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भाजपा समर्थक को मारा थप्पड़
दूसरी तरफ सामने आए एक वीडियो में कथित तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ता एक पोलिंग बूथ के बाहर लोगों को वोट डालने जाने से रोकते हुए दिख रहे हैं और भांगर में टीएमसी पर बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगे हैं। कूचबिहार में ममता सरकार के मंत्री रबींद्र नाथ घोष पर पोलिंग बूथ पर भाजपा समर्थक को थप्पड़ मारने का भी आरोप लगा है। टीएमसी कार्यकर्ता ने सफाई देते हुए कहा कि भाजपा एजेंट बैलट बॉक्स लेकर भागने की कोशिश कर रहा था। अधिकारियों ने उसे रोका तो लोगों ने कहा उसे जाने दो। मैंने अपने हाथों से बस लोगों को हटाया था। टीएमसी ने किसी पर भी हमला नहीं किया है।

सीपीएम कार्यकर्ता के घर में आग
उत्तर 24 परगना में रविवार रात को सीपीएम के एक कार्यकर्ता के घर में आग लगी दी गई। कार्यकर्ता और उसकी पत्नी इसमें जिंदा जल गई। सीपीएम का आरोप है कि इस हमले के पीछे टीएमसी का हाथ है। घटना के बाद लोगों के बीच खौफ का माहौल है। आसपास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

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मीडियाकर्मियों पर भी हमला
हिंसा में पांच स्थानीय पत्रकारों के घायल होने की खबर हैं। दक्षिण 24 परगना के भांगर में मीडिया की गाड़ी में आग लगाये जाने की सूचना है, एक कैमरा को नुकसान पहुंचाया गया है।

भाजपा ने साधा निशाना
राज्य चुनाव में हिंसा को लेकर भाजपा ने टीएमसी पर निशाना साधा है। भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह बेहद निंदनीय है। घटनाएं बताती हैं कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी के राज में राजनीतिक हिंसा ने पूरे राज्य को चपेट में ले लिया है और यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।

बता दें कि 58 हजार 692 सीटों के लिए चुनाव होने थे। इनमें से 20 हजार 76 सीटों पर प्रत्याशियों को निर्विरोध चुना गया है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों को अभी सर्टिफिकेट जारी नहीं करने को कहा है। 17 मई को नतीजों को एलान किया जाएगा। दरअसल, राज्य की 42 में से 40 लोकसभा सीटें इन्हीं 20 जिलों में हैं। ऐसे में 2019 में होने वाले आम चुनाव से पहले राजनीतिक दल इस चुनाव को वॉर्मअप मैच की तरह देख रही हैं।

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