मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बिहार में पहली सजा मुंगेर के अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर को, पांच लाख का अर्थदंड भी

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प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) में मुंगेर के अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर मो. नौशाद को पांच वर्ष की सजा हुई है. साथ ही पांच लाख रुपये का अर्थदंड भी न्यायालय ने लगाया है. पीएमएलए में यह बिहार में पहली सजा है.
 देशभर की बात करें तो यह तीसरी सजा है. डिस्ट्रिक्ट जज कृष्णकांत त्रिपाठी ने गुरुवार को यह सजा सुनायी है. वर्ष 2016 में मो. नौशाद की प्राॅपर्टी को ईडी ने जब्त किया था. ईडी ने माना था कि मो नौशाद ने बड़े पैमाने पर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देकर संपत्ति बनायी.
इसके बाद ईडी ने स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट फाइल की थी. ईडी की विशेष अदालत में यह मामला चल रहा था.  गुरुवार को पीएमएलए में राज्य का पहला ऐसा मामला रहा, जिसमें सजा हुई है. मो.  नौशाद मुंगेर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मिर्जापुर बरदह गांव का रहने वाला है.
बड़ा था जाली नोटों का नेटवर्क
नौशाद के जाली नोटों से लेकर अवैध हथियार का कारोबार का नेटवर्क काफी बड़ा था. वर्ष 2013 में पुलिस की विशेष टीम को जानकारी मिली थी कि नौशाद के पास जाली नोट की बड़ी खेप पहुंची  है.
उन रुपयों को वह अपने एजेंट के माध्यम से बाजार में खपा रहा है. पुलिस  ने बरदह स्थित उसके घर पर छापेमारी की और तलाशी के क्रम में रुपयों से भरा  एक थैला बरामद किया. उसमें से तीन लाख 50 हजार रुपये के जाली नोट बरामद हुए थे.
इसके अलावा, वर्ष 2016 में मो नौशाद को मुंगेर के ही मिर्जापुर गांव से पुलिस ने छापेमारी कर 15 पिस्टल और 50 कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था. इस दौरान उसे दबोचा गया था. वर्ष 2011 में भी नौशाद आर्म्स तस्करी में जेल जा चुका था. इसके अलावा अवैध हथियार के संदर्भ में दिल्ली से आयी एनआईए की टीम को भी मो नौशाद की तलाश रही थी. नौशाद सीमावर्ती देशों से जाली नोटों की तस्करी करता था.
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