मंत्रिमंडल के फैसले :किसानों को अब 40 रुपये प्रति लीटर डीजल अनुदान

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पटना – किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध बिहार सरकार ने सिंचाई के लिए मिलने वाले डीजल अनुदान की राशि 35 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति लीटर कर दी है।मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के विशेष सचिव उपेंद्रनाथ पांडेय ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद् की बैठक के बाद बताया कि कृषि विभाग की ओर से किसानों को मिलने वाली डीजल अनुदान की राशि को दो रुपये की बढ़ोतरी कर 37 रुपये प्रति लीटर करने का प्रस्ताव किया गया था, लेकिन बैठक में इसे पांच रुपये बढ़ाकर 40 रुपये प्रतिलीटर करने का निर्णय लिया गया है। श्री पांडेय ने बताया कि धान, गेहूं, मक्का, दलहन, तिलहन, मौसमी सब्जी, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की सिंचाई के लिए एक एकड़ खेत में एक सिंचाई के लिए किसानों को दस लीटर डीजल पर अनुदान दिया जाता है। वर्तमान में किसानों को डीजल अनुदान 35 रुपये प्रति लीटर मिलता है, जिसे बढ़ाकर अब 40 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।विशेष सचिव ने बताया कि इसके अलावा सरकार ने वर्ष 2018-19 में राज्य में अनियमित मॉनसून, बाढ़ या सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न होने पर सिंचाई के लिए डीजल अनुदान मद में 60 करोड़ रुपये और आकस्मिक फसल योजना के लिए 15 करोड़ रुपये अर्थात कुल 75 करोड़ रुपये की लागत पर कार्यक्रम कार्यान्वयन एवं व्यय की भी स्वीकृति प्रदान की है।

बिहार सरकार ने राज्य के लोगों को नई सौगात देते हुए दानापुर से खगौल के बीच बनने वाली प्रदेश की पहली आठ लेन सड़क के लिए 57 करोड़ 87 लाख रुपये व्यय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिससे इस पथ का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो जाएगा।मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के विशेष सचिव उपेंद्रनाथ पांडेय ने मंगलवार को यहां बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद् की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है। श्री पांडेय ने बताया कि केंद्रीय सड़क निधि से वित्त पोषित पटना पश्चिम पथ के तहत दानापुर से खगौल के बीच 4.05 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण, कलवर्ट एवं आरसीसी ड्रेन कार्य के लिए 57 करोड़ 87 लाख के अनुमानित व्यय की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। विशेष सचिव ने बताया कि वर्तमान में दानापुर से खगौल के बीच दो लेन की सड़क है, जिसे बढ़ाकर आठ लेन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह बिहार की पहली आठ लेन वाली सड़क होगी। उन्होंने बताया कि इस पथ की खास बात यह होगी कि इसे उन सभी सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, जिससे निकट भविष्य में उस रूट पर बनने वाले मेट्रो लाइन के साथ सामंजस्य स्थापित हो सके।

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बिहार सरकार ने बाढ़ पूर्व तैयारियों पर गंभीरता से अमल करते हुए पूर्व के वर्षों में आयी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए तटबंधों, बराजों और नहर पण्रालियों के सुदृढ़ीकरण के लिए 275 करोड़ रुपये व्यय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के विशेष सचिव उपेंद्रनाथ पांडेय ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद् की बैठक के बाद बताया कि वर्ष 2014, 2015 और 2017 में आयी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए तटबंधों, संरचनाओं, बराजों और नहर पण्रालियों के पुनस्र्थापन तथा क्षतिग्रस्त जमींदारी बांधों की खाड़ भराई, उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 275 करोड़ रुपये अग्रिम की स्वीकृति दी गई है। विशेष सचिव ने बताया कि दीघा-पटना रेलवे लाइन की 71.2533 एकड़ भूमि पर चार या छह लेन की सड़क के निर्माण के लिए रेलवे को 222 करोड़ 19 लाख 52 हजार 155 रुपये के भुगतान के आधार पर बिहार के पथ निर्माण विभाग द्वारा हस्तातंरण प्राप्त करने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि बैठक में कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। श्री पांडेय ने बताया कि राज्य में कौशल विकास के लिए वित्त वर्ष 2018-19 में 336 करोड़ 26 लाख 61 हजार रुपये सहायक अनुदान के रूप में बिहार कौशल विकास मिशन को विमुक्त करने की मंजूरी दी गई है। वहीं, गया जिले के शेरघाटी के चिलिम में कोलकाता की कंपनी विष्णु बेकर्स प्राइवेट लिमिटेड को प्रतिवर्ष 3000 मि. टन क्षमता का आलू चिप्स, टकाटक एवं नमकीन के उत्पादन की इकाई स्थापित करने के लिए कुल 33 करोड़ 29 लाख 55 हजार रुपये के निजी निवेश की स्वीकृति एवं वित्तीय प्रोत्साहन क्लियरेंस को मंजूरी दी गई है। विशेष सचिव ने बताया कि वामपंथ उग्रवाद प्रभावित जिलों के लिए विशेष केंद्रीय सहायता के तहत ली जाने वाली योजनाओं की प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति प्रदान करने की शक्ति प्रत्यायोजित किए जाने की मंजूरी दी गई है। साथ ही इस योजना के तहत इनके कार्यान्वयन के लिए वित्त वर्ष 2018-19 में एक अरब 63 करोड़ 32 लाख तथा वित्त वर्ष 2019-20 में एक अरब 33 करोड़ 32 लाख रुपये अर्थात कुल दो अरब 96 करोड़ 64 लाख रुपये व्यय की स्वीकृति दी गई है।श्री पांडेय ने बताया कि राज्य के सात नवसृजित जिला विधिक सेवा प्राधिकार में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के सात पूर्णकालिक सचिव के पदों का एक करोड़ सात लाख 36 हजार 292 रुपये के कुल अनुमानित व्यय भारत पर सृजन की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के आलोक में लक्षित जन वितरण पण्राली के तहत कम्प्युटराइजेशन मद में वित्त वर्ष 2018-19 में कुल 38 करोड़ 46 लाख रुपये व्यय की मंजूरी दी गई है।

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