मंत्रिपरिषद के फैसले:मॉब लिंचिंग के पीड़ितों को एक माह में मिलेंगे एक लाख रुपये

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प्रदेश में भीड़ की हिंसा को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करने को प्रतिबद्ध नीतीश सरकार ने अवैध प्राणदंड एवं ऐसी ¨हिंसा के पीड़ितों को एक माह के अंदर एक लाख रुपये की अंतरिम राहत देने के साथ ही मामले का निष्पादन छह माह के अंदर कराने का निर्णय लिया है। सरकार ने इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए बिहार अवैध प्राणदंड एवं भीड़ द्वारा हत्या या ¨हसा पीड़ित प्रतिकर स्कीम 2018 को तत्काल प्रभाव से लागू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। इस स्कीम के लागू होने से अवैध प्राणदंड एवं भीड़ द्वारा हत्या या ¨हसा के पीड़ितों को घटना की तिथि से एक माह के भीतर एक लाख रुपये अंतरिम राहत के रूप में दी जायेगी। साथ ही त्वरित न्यायालय द्वारा मामले को दिन-प्रतिदिन सुनवाई कर छह माह के अंदर निष्पादन किया जायेगा।

राज्य के सभी विभागों में अब एक समान शर्त पर संविदाकर्मियों की नियुक्ति होगी। यह फैसला बृहस्पतिवार को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। बैठक में सरकार ने 42 एजेंडों पर अपनी मुहर लगायी है। बैठक में राज्य के 23 डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य के 23, सहायक प्रोफेसर के 1162 और कर्मियों के लिए 299 पदों के सृजन की भी मंजूरी दी है। जमुई, अरवल, त्रिवेणीगंज, रजौली, और जगदीशपुर में राजकीय महिला कॉलेज का भवन बनेगा, जिस पर 6.73 करोड़ रुपये की लागत आयेगी। इसके अलावा सरकार ने समस्तीपुर के सरायरंजन में मेडिकल कॉलेज की स्थापना तथा आर्यभट्ट ज्ञान विविद्यालय के लिए 122 करोड़ रुपये की स्वीकृत प्रदान की है। बैठक में एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है, जिसके तहत महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर जेलों में बंद वैसे कैदियों जिनका व्यवहार अच्छा है। इसके अलावा बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि विभिन्न विभागों में संविदा पर नियोजित कर्मियों की सेवा के संबंध में गठित उच्चस्तरीय समिति की अनुशंसाओं को स्वीकृति दी गई। उन्होंने बताया कि पहले सरकार के विभिन्न विभागों में अलग-अलग शतरे पर संविदागत नियुक्ति होने से किसी विभाग द्वारा आकस्मिक अवकाश के अलावा अन्य अवकाश भी दिया जाता था, लेकिन इस पर किसी विभाग का रवैया बेहद कड़ा होता था। उन्होंने बताया कि सरकार के इस निर्णय से संविदा पर होने वाली सभी नियुक्तियां एक समान शतरे पर होंगी। अब संविदा कर्मियों को मातृत्व अवकाश के साथ ही कर्मचारी भविष्य निधि बीमा का लाभ भी मिलेगा तथा इनके कायरे का वार्षिक मूल्यांकन भी होगा, ताकि एक मानक के तहत कार्य लिया जा सके।विभागों में स्थायी नियुक्ति के समय समायोजन में संविदा कर्मियों को उम्र शिथिलीकरण का भी लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती (2 अक्टूबर) पर जेलों में बंद वैसे कैदियों जिनका व्यवहार अच्छा है उन्हें तीन चरणों में रिहा किया जाएगा। पहले चरण में दो अक्टूबर को कुछ कैदियों की रिहाई होगी। इसके बाद 6 अप्रैल 2019 एवं 2 अक्टूबर 2019 को कैदियों को रिहा किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग के ही तहत चिकित्सा पदाधिकारी, सहायक अभियंता एवं पशु चिकित्सा पदाधिकारी के पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया में संशोधन की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के अन्तर्गत नियुक्तियों में साक्षात्कार की व्यवस्था खत्म कर दी गयी है। राज्य के अंतर्गत अभियंतण्रया चिकित्सा महाविद्यालयों अथवा संस्थानों से उत्तीर्ण छात्रों को राज्य सरकार की नियुक्तियों में 50 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण दिया जायेगा। 

 

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