मंत्रिपरिषद की बैठक में कई निर्णय

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जन कल्याण के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार ने मध्याह्न भोजन योजना के संविदाकर्मियों के आश्रितों के सुरक्षित भविष्य के लिए कर्मचारियों की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को चार लाख रुपये अनुदान देने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई है। श्री सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग के तहत मध्याह्न भोजन योजना में संविदा पर कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मियों की सेवाकाल में मृत्यु होने पर उनके आश्रित को एकमुश्त चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गयी। प्रधान सचिव ने बताया कि बैठक में मद्यनिषेध एवं उत्पाद, मनोरंजन कर एवं दहेज प्रतिषेध से संबंधित तीन विधेयकों को विधानमंडल के आगामी सत्र में पेश किये जाने की स्वीकृति दी गई। वहीं, वित्त विभाग के तहत 01 जनवरी 2006 के पूर्व के राज्य सरकार के पेंशनरों या परिवार पेंशनरों की पेंशन के पुनरीक्षण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। श्री सिंह ने बताया कि वैशाली में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप के निर्माण के लिए 301 करोड़ 40 लाख पांच हजार 500 रुपये व्यय की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। उन्होंने बताया कि इससे पहले सरकार ने इन कायरे के लिए 152 करोड़ 37 लाख 54 हजार 462 रुपये की मंजूरी दी थी। भागलपुर जिले में सुलतानगंज के विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को ‘‘राजकीय मेले’ का दर्जा देने की स्वीकृति प्रदान की गई। प्रधान सचिव ने बताया कि महानंदा नदी बाढ़ प्रबंधन पुनरीक्षित योजना 882 करोड़ 44 लाख 71 हजार रुपये की प्रशासनिक एवं व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि लघु जल संसाधन विभाग में संविदा के आधार पर कार्यरत 133 कनीय अभियंताओं को अगले एक वर्ष तक के लिए पुनर्नियोजित करने की स्वीकृति दी गई है। राज्य योजना के तहत नौ प्रखंड सह अंचल कार्यालय सह आवासीय भवन, निरीक्षण कमरा एवं परिसर विकास योजना के पुनरीक्षित प्राक्कलन जिसकी कुल लागत राशि 169.20 करोड़ रुपये है। इसकी प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं, अल्पसंख्यक मुस्लिम परित्यक्ता या तलाकशुदा महिलाओं के लिए सहायता योजना से संबंधित मार्गनिर्देशिका की कंडिका चार एवं सात में संशोधन की मंजूरी दी गई है।

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बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर नीतीश कैबिनेट ने बुधवार को अहम फैसला लिया। कैबिनेट ने शराबबंदी के कड़े कानून में संशोधन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। जानकारी के मुताबिक अब शराब मिलने पर घर, गाड़ी और खेत जब्त करने के प्रावधान को खत्म किया जायेगा। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कई बार कह चुके हैं कि उनकी सरकार शराबबंदी के कड़े कानूनों पर कानूनविदों से सलाह ले रही है और इसे आगामी विधानसभा सत्र में संशोधन के लिए पेश किया जायेगा। वहीं, अब पहली बार शराब पीते हुए पकड़े जाने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना या तीन महीने की कारावास होगी। जानकारी के मुताबिक संशोधन में शराबबंदी कानून के तहत सामूहिक जुर्माना खत्म करने के प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी दी गयी है। वहीं, संशोधन में शराब में हानिकारक पदार्थ मिलाने और इससे मृत्यु होने पर सख्त कानून का प्रस्ताव की मंजूरी दी गयी है। ऐसे अपराध पर उम्रकैद या फिर मौत की सजा हो सकती है। इसके साथ ही तीन साल की सजा पूरा कर चुके लोग जेल से बाहर निकलेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 39 एजेंडों पर मुहर लगायी गयी। बिहार कैबिनेट की बैठक में शराबबंदी कानून में संशोधन का प्रस्ताव मंजूर किया गया तो ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के लिए ग्रिड बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गयी।

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