भारत सरकार को योग गुरु बाबा रामदेव की नसीहत, ‘POK में अटैक कर इसे देश का हिस्सा बनाया जाए’

0
71

योग गुरु बाबा रामदेव ने पाकिस्तान को सबसे सिखाने के लिए भारत को पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में धावा बोलने की नसीहत दी है। बिहार के गया में एक योग सेशन के दौरान योग गुरु ने यह भी कहा कि भारत को बलूचिस्तान की मदद भी करनी चाहिए। रामदेव का बयान पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के 2008 मुंबई हमलों में पाकिस्तानी आतंकियों के शामिल होने की स्वीकारोक्ति के एक दिन बाद सामने आया है।

रामदेव ने कहा, ‘यह सच है कि पाकिस्तान में आतंकियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसका उपाय है यही है कि भारत को पीओके में धावा बोलना चाहिए और इसे अपने देश का हिस्सा बनाना चाहिए। भारत को बलूचिस्तान को आजादी दिलाने में भी मदद करनी चाहिए, सिर्फ तभी पाकिस्तान सही रास्ते पर आएगा।’

बता दें कि पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने स्वीकार कर लिया है कि मुंबई अटैक में पाकिस्तानी आतंकियों का ही हाथ था। नवाज शरीफ की इस स्वीकारोक्ति ने पाकिस्तान के हमेशा के उस दावे को भी खत्म कर दिया है जिसमें वह आतंकियों को पालने के आरोपों से पल्ला झाड़ता रहा है। नवाज ने एक इंटरव्यू में स्वीकार किया है कि उनके देश में आतंकी संगठन सक्रिय हैं।

योगगुरु इन दिनों बिहार के दौरे पर हैं। वह गया स्थित गांधी मैदान में पतंजलि योग समिति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नि:शुल्क योग चिकित्सा व ध्यान शिविर में शामिल हुए हैं। इससे पहले उन्होंने नालंदा में तीन दिन का योग शिविर आयोजित किया था।
इसके पूर्व योग गुरु बाबा रामदेव नें कहा कि दार्शनिकों में मतभेद रहा है, लेकिन अध्यात्म में कोई विभेद नहीं रहा हैं। आचरण की शुद्धता, प्रेम, करुणा, सदभाव इन्हें लेकर किसी धर्म या पंथ में मतभेद नहीं है। हम सबके जीवन का एक ही लक्ष्य है पूर्णता को प्राप्त करना। साधू और संतों के दिनर्चया और जीवनर्चया के संबंध में आधुनिकता के बढ़ते प्रभाव पर प्रहार करते हुए उन्होंने मंचासीन कई बौद्ध भिक्षुओं से कहा कि पहले कंकाल बुद्धा बनें। नये नये बुद्ध बन रहे हैं। भगवान बुद्ध ने छह वर्ष तक निरंजना नदी के तट पर तप किया आप छह दिन कपालभती और प्राणायामक कर लिया। उन्होंने आज के बौद्ध भतें पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध तो कभी मोटे नहीं हुए जैसे आज बौद्ध भिक्षु हैं। योगगुरु स्वामी रामदेव बोधगया के कालचक्र मैदान में शनिवार को भगवान श्रीजगन्नाथ एवं बुद्ध की पूजा अर्चना के बाद योग साधना महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने योग के महत्व एवं उसके प्रतिफल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक योग करने वाले सीएम योगी बन गये और दूसरे योग करने वाले चाय वाला पीएम बन गये। अब आप इस भाव को भी मानकर योग कर सकते हैं कि इसके प्रभाव से कुछ न कुछ अवष्य बनेगे। यदि कुछ नहीं बने तो रामदेव अवश्य बनेंगे। उन्होंने भगवान के मंदिरों में सोना लगाने पर कहा कि सिद्धार्थ गौतम राजसुख को त्याग कर योगी बने थे और आज उनके अनुयायी मन्दिरों में तीन सौ नब्बे किलो सोना चढ़ा दिया। जो मन्दिर के गुंबद पर लगा है। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध बिना सोने के भी खुश थे, सब त्यागकर भी खुश थे। उन्होंने कहा कि ये सारे विदेशी कम्पनिया देश को लूटने में लगी है और एक साधू बचाने में लगा है। उन्होंने कहा कि मुझे लोगों ने 11 हजार करोड़ रूपये दान में दिया जिससे मैनें जन कल्याण के लिए पतंजलि योगपीठ और अन्य संस्थायें खोल दिया। मंचासीन बौद्ध भिक्षुओं से कहा कि दान में प्राप्त धन से जन कल्याण का कार्य करें। कार्यक्रम में मौजूद सबों को कपालभाती और अनुलोम विलोम करने की सलाह दी। कार्यक्रम के आयोजन से जुड़े लोगों ने उन्हें स्मृतिचिन्ह प्रदान किया बाबा ने आशीर्वाद स्वरूप रूद्राक्ष की माला भेंट की। मंच पर श्रीशकराचार्य मठ के महंत रमेश गिरि, बीटीएमसी के मुख्य पुजारी भंते चालिन्दा, भंते डा. मनोज, भंते दीनानंद, डा. भोला मिश्र आदि मौजूद थे। योग साधना महोत्सव में लोगों की काफी भागदीरी रही।
यह भी पढ़े  घाटों पर पूरी करें छठ की तैयारी : डीएम

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here