भारत में बहुजातीय संस्कृति होने के कारण यहां के भोजन की एक विशाल और वृहद श्रृंखला है

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भारत में बहुजातीय संस्कृति होने के कारण यहां के भोजन की एक विशाल और वृहद श्रृंखला है। भारत के स्वादिष्ट और आकर्षक व्यंजनों की खासियत इसमें होने वाला मसालों और जड़ी बूटियों का सूक्ष्म इस्तेमाल है।

भारत मेें भोजन एक क्षेत्र से लेकर दूसरे क्षेत्र तक व्यापक रुप से भिन्न है। विभिन्न क्षेत्रों ने अलग अलग भोजन को अपनाया है। पूरी दुनिया में सबसे विविध व्यंजन परोसने का गौरव भारत को प्राप्त है।

हर क्षेत्र की अपनी अलग विशेषताएं और खाना पकाने का अपना अलग तरीका है। परिदृश्य के हिसाब से खाना पकाने, स्वाद और उनकी विशेषताएं बदलती हैं। ज्यादातर भारतीय भोजन शाकाहारी होता है लेकिन भारतीयों को मछली, भेड़, बकरी, चिकन और अन्य मांस से बने मांसाहारी व्यंजन भी बहुत पसंद आते हैं। भोजन हमेशा से भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा रहा है।

पूर्वी भारतीय भोजन
भारत के पूर्वी हिस्से में बिहार, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा जैसे राज्य आते हैं। चावल भारत के पूर्वी हिस्से का मुख्य भोजन है। अनुकूल जलवायु के कारण पूर्वी भारत में चावल बहुत उगता है। उत्तरी भारत में गेंहू प्रमुख है, लेकिन इसके बिलकुल विपरीत चावल पूर्वी भारत का अभिन्न अंग है। इसके अलावा इस क्षेत्र के तालाबों और नदियों में मछली भी बड़ी मात्रा में मिलती है। पूर्वी भारत के लोगों का एक पसंदीदा आइटम मछली भी है।

मछली से विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं। हिल्सा पूर्वी भारत की सबसे लोकप्रिय मछली है। ज्यादातर मानसून में मिलने वाली यह मछली अपने कभी ना भूल पाने वाले स्वाद के लिए मशहूर है। हिल्सा से कई व्यंजन बनाए जाते हैं और इसके अलावा मछली की अन्य लोकप्रिय किस्मों में रोहू, वेटकी आदि हैं जो आपको मजेदार स्वाद देते हैं। भारत के इस भाग में सब्जियां भी बहुत उगाई जाती हैं। सब्जियां भी पूर्वी भारत के खाने का महत्वपूर्ण भाग है। यहां इस्तेमाल होने वाले मसाले भारत के अन्य हिस्सों में इस्तेमाल होने वाले मसालों से बहुत अलग होते हैं। मिठाई भी पूर्वी भारतीय भोजन की मुख्य विशेषता है। पूर्वी क्षेत्र के लोग मिठाई के शौकीन होते हैं। ज्यादातर पूर्वी भारतीय भोजन में मिठास होती है। पश्चिम बंगाल में रसगुल्ला एक ऐसी शानदार मिठाई है जो पूरी दुनिया में मशहूर है। यदि आप पूर्वी भारत में जाएं तो आपको मिष्टी दोई भी ज़रुर चखना चाहिए।

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पश्चिम भारतीय भोजन
भौगोलिक विविधता के कारण भारत के पश्चिमी भाग में व्यंजनों में बहुत विविधता है। शुष्क रेगिस्तान से लेकर गीले तटीय इलाके जैसी विविध लैंडस्केप के कारण यहां के भोजन में इतनी विविधता है। इसके साथ ही पश्चिमी भारत में कई जातियां और कई परंपराएं हैं। इसलिए भी इनके व्यंजनों में इतनी विविधता है।

चावल पश्चिमी भारत का भी मुख्य भोजन है। गुजरात और राजस्थान जैसे इलाकों में गेंहू, बाजरा और ज्वार भी खाया जाता है।

गुजरात के इलाके में और मुंबई में खानपान पर आपको पारसी प्रभाव स्पष्ट नज़र आता है। शाकाहारी व्यंजन, जैसे पाव भाजी, भेलपुरी और ढोकला खाने के शौकीनों के पसंदीदा हैं। गुजरात में जैनियों की आबादी ज्यादा होने के कारण ये राज्य शाकाहारी खाने में अव्वल है और इनके खाने में मसालों का सूक्ष्म इस्तेमाल और रिच टेक्सचर होता है। महाराष्ट्र और गोवा के तटीय इलाकों में समुद्री मछली बहुतायत में उपलब्ध है। स्वादिष्ट मसालों में तैयार की गई समुद्री मछली आपकी स्वाद ग्रंथियों में जादू जगा देगी। पुर्तगाली प्रभाव होने के कारण गोवा के व्यंजन और आकर्षक सी-फूड, जैसे कंेकड़ा और झींगा भोजन प्रेमियों का दिल जीत लेते हैं।

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राजस्थान का भोजन मसालों से समृद्ध रहता है। अगर आप मसालेदार खाना खाने का दम रखते हैं तो आप राजस्थानी खाना खाने का आनंद उठा सकते हैं।

उत्तर भारतीय भोजन
उत्तर भारतीय भोजन मुख्य रुप से खाना पकाने की मुगल शैली से प्रभावित है। भारत में अपने लगभग 500 साल के राज में मुगलों ने भारतीय भोजन में बहुत योगदान दिया है। मुगल मूल रुप से मध्य एशिया के थे, इसलिए यहां के भोजन को पकाने की शैली में मध्य एशियाई प्रभाव दिखता है।

बड़े पैमाने पर मक्खन आधारित करी और सूखे मेवों का प्रचुर मात्रा में इस्तेमाल उत्तर भारतीय भोजन की खासियतें हैं। उत्तर भारत में बहुत ज्यादा उगने वाला गेंहू भी उत्तर भारतीय भोजन का मुख्य भाग है। दक्षिण भारत, जहां का मुख्य भोजन चावल है, से बिलकुल अलग गेंहू से बनने वाली रोटी, चपाती, पराठा और तंदूरी उत्तर भारत का मुख्य भोजन है।

तेल, घी, मक्खन की ज्यादा मात्रा के साथ समृद्ध मसालों का इस्तेमाल उत्तर भारतीय भोजन को बहुत अच्छा स्वाद देता है।

उत्तर भारतीय भोजन में मांस का भी खास स्थान है। कबाब और बिरयानी की विभिन्न किस्में मुगल विरासत की निशानी हैं।

समोसा संभवतः उत्तरी भारत का सबसे पसंदीदा नाश्ता है। दही से बनने वाली लस्सी भी एक स्वाद भरा पेय है। गुलाब जामुन और मोतीचूर लड््डू इस इलाके की पसंदीदा मिठाई हैं।

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उत्तर भारत के कुछ रोचक व्यंजनों में रेशमी कबाब, सींक कबाब, शामी कबाब, कश्मीरी पुलाव, तंदूरी चिकन और मटन हैं।

दक्षिण भारतीय भोजन
दक्षिण भारतीय भोजन भारत के अन्य हिस्सों में भी बहुत लोकप्रिय है। यदि भारत के किसी अन्य हिस्से में आप किसी से पूछें कि बदलाव के लिए आप कौन सा भारतीय भोजन खाना चाहेंगे तो सामान्य जवाब होगा दक्षिण भारतीय भोजन। चार अलग अलग राज्य – आंध्र, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल मिलकर दक्षिण भारत बनता है। दक्षिण भारतीय भोजन में चार अलग अलग स्कूल हैं।

दक्षिण भारतीय भोजन शाकाहारियों का पसंदीदा है। दक्षिण भारतीय भोजन की एक खासियत नारियल तेल है। नारियल का तेल दक्षिण भारतीय भोजन में एक खास स्वाद लेकर आता है। कई व्यंजनों में भी नारियल का बहुत इस्तेमाल होता है। चावल यहां का भी मुख्य भोजन है। दाल और चावल पीसकर बनाया गया इडली, डोसा, वड़ा और उत्तपम सबसे लोकप्रिय दक्षिण भारतीय व्यंजन हैं, खासकर तमिलनाडु में। यदि आप तमिलनाडु में हैं तो मसालेदार, तेलभरी और खुशबूदार चेट्टीनाद भोजन का भी मजा लें।

दक्षिण भारत के कुछ भागों, जैसे आंध्र प्रदेश में चावल और मांस मिलाकर बनने वाली बिरयानी एक शानदार व्यंजन है। इस व्यंजन में मुगल मेल की समृद्ध विरासत है।

केरल जैसे मालाबार तट में केंकड़ा और झींगा जैसे सी-फूड के शानदार व्यंजन बनाए जाते हैं। मसालों की तेज़ खूशबू भी मालाबार तट के भोजन का एक और आकर्षण है।

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