भारतीय संस्कृति में मिथिलांचल का योगदान महत्वपूर्ण :राज्यपाल

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‘‘भारतीय संस्कृति को समृद्ध बनाने में मिथिलांचल की महत्वपूर्ण भूमिका है। साहित्य, संगीत, कला, संस्कृति सभी दृष्टियों से महत्वपूर्ण मिथिला की भूमि का भारतीय संस्कृति के विकास में सर्वदा महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मैथिल कोकिल विद्यापति के पदों और गीतों में भक्ति, ज्ञान, प्रेम, श्रृंगार और सामाजिक सद्भावना के अनुपम संदेश मिलते हैं।’ यह बातें सूबे के राज्यपाल लाल जी टंडन ने स्थानीय विद्यापति भवन में चेतना समिति द्वारा आयोजित ‘‘विद्यापति स्मृति पर्व समारोह-2018’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि मैथिली सहित सभी लोकभाषाओं के विकास से हिन्दी भी समृद्ध होगी, अतएव इन सबको भी समुचित सम्मान मिलना चाहिए। विद्यापति हिन्दी के आदिकवि के रूप में समादृत हैं। संस्कृत, प्राकृत, अपभां, अवहट्ठ और मैथिली भाषा में रचना करने वाले विद्यापति को मैथिली भाषा के कारण लोक प्रसिद्धि मिली। विद्यापति जीवन, प्रेम, भक्ति और सौन्दर्य के अमर गायक महाकवि हैं। लोकभाषा मैथिली में रचित उनकी पदावली में अत्यन्त मधुरता, भावमयता और आकर्षण है। अद्भुत कवित्व और अनुभूति की गहनता के कारण वे काव्य-जगत् में आज भी अद्वितीय हैं। मिथिला की चित्रकला और पेंटिग को भी विश्व प्रसिद्धि प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि बिहार भारत का सांस्कृतिक मनोमुकुट है और इसका सर्वाधिक श्रेय मिथिलांचल को जाता है। राज्यपाल ने बाबा नागाजरुन, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘‘दिनकर’ आदि का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्होंने भारतीय साहित्य को समृद्ध बनाने में भरपूर योगदान दिया है। राज्यपाल ने समारोह में विभिन्न प्रक्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मिथिलांचल की कई प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया,‘‘स्मारिका’ एवं ‘‘कैलेण्डर’ का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में राज्य के लोक स्वास्य एवं अभियंतण्रमंत्री विनोदानंद झा ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल बिहारी वाजपेयी को मैथिली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का श्रेय प्रदान करते हुए उनके प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम में चेतना समिति के पूर्व अध्यक्ष एवं बिहार विधान परिषद् की याचिका समिति के अध्यक्ष विजय कुमार मिश्र, चेतना समिति के वर्तमान अध्यक्ष विवेकानंद झा, सचिव उमेश मिश्र आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में पूर्व शिक्षा मंत्री रामलखन राम ‘‘रमण’, विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्र सहित कई गणमान्य जन उपस्थित थे।

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