भाजपा पर भारी पड़ सकती है नीतिन की नाराजगी

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गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन तथा कई तरह के आंदोलनों और कांग्रेस के जोरदार विरोध से निपट कर लगातार छठी बार सत्तारूढ़ हुई भाजपा के लिए अब उपमुख्यमंत्री और कद्दावर पाटीदार नेता नीतिन पटेल की कथित नाराजगी गहरी मुश्किल का सबब बन सकती है। विभागों के बंटवारे में कथित अपमान के चलते श्री पटेल ने दो दिन पहले विभागों का आवंटन होने के बावजूद शनिवार शाम तक पदभार ग्रहण नहीं किया था। बहुमत के लिए जरूरी 92 से मात्र सात ही अधिक यानी 99 सीटें जीत कर पिछली बार से कमजोर ढंग से सत्तारूढ़ हुई भाजपा के लिए श्री पटेल का बगावती तेवर खासी परेशानी पैदा कर सकता है। पाटीदारों के संगठन सरदार पटेल ग्रुप के प्रवक्ता पूर्विन पटेल समेत कुछ अन्य नेताओं ने आज पटेल ने उनके अहमदाबाद के थलतेज स्थित आवास पर मुलाकात की। उन्होंने कहा कि एक पाटीदार नेता के तौर पर श्री पटेल को उनका पूरा समर्थन है। इस बीच श्री पटेल को मनाने के लिए उनके कक्ष को मुख्यमंत्री जैसा बड़ा बनाया जा रहा है। उन्हें अगले मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान कुछ और विभाग दिये जाने का कथित तौर पर आश्वासन भी दिया गया है पर अब तक श्री पटेल का रवैया अड़यिल ही दिख रहा है।

नीतिनभाई ने भाजपा को गुजरात में मजबूत बनाने में 30 साल तक कड़ी मेहनत की है और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की ‘‘दादागिरी’ के चलते उनका अपमान किया गया है। द वार्ताइसी वजह से वडोदरा से किसी भाजपा नेता को मंत्री नहीं बनाया गया है जबकि सूरत जिसने भाजपा की लाज बचायी है को भी केवल एक ही राज्य मंी मिला है। अगर नीतिनभाई तैयार हो कि भाजपा छोड़ना है तो हम उनका पूरा साथ देंगे मै सामने से कांग्रेस से बात कर उन्हें योज्ञ स्थान दिलाऊंगा। ज्ञातव्य है कि भाजपा को इस बार केवल 99 सीटें मिली हैं जो बहुमत के लिए जरूरी 92 से मात्र सात ही अधिक है। दो दिन पहले विभागों के बंटवारे के बावजूद श्री पटेल ने अब तक पदभार नहीं संभाला है। वह सरकारी गाड़ी का भी इस्तेमाल नहीं कर रहे। उन्हें मनाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता भी जुटे हैं। श्री पटेल से वित्त, नगर विकास और नगरीय आवास तथा पेट्रोरसायन जैसे महत्वपूर्ण विभाग ले लिये गये हैं।

उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने शनिवार को चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि अब यह उनके आत्म सम्मान का मुद्दा है. बताया जा रहा है कि अहम विभागों की जिम्मेदारी नहीं मिलने की वजह से डिप्टी सीएम नितिन पटेल नाराज चल रहे हैं और इस कारण से उन्होंने अभी तक अपना कार्यभार नहीं संभाला है.

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नितिन पटेल ने संवाददातों से कहा कि ‘मैंने पार्टी हाई कमान को अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है और मुझे उम्मीद है कि वे मेरी भावनाओं पर उचित प्रतिक्रिया देंगे.’ उप मुख्यमंत्री ने कहा यह कुछ विभागों की बात नहीं है, यह आत्मसम्मान की बात है. राज्य की पिछली सरकार में पटेल के पास वित्त और शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे लेकिन इस बार उन्हें सड़क एवं भवन और स्वास्थ्य जैसे विभाग आवंटित किये गये हैं.

पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) के नेता हार्दिक पटेल ने कथित तौर पर विभाग के आवंटन को लेकर नाराज गुजरात के उपमुख्यमंत्री तथा वरिष्ठ पाटीदार नेता नीतिन पटेल को सत्तारूढ़ भाजपा से नाता तोड़ने पर उन्हें कांग्रेस में सम्मानीय पद दिलाने का ऑफर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने श्री पटेल को शुक्रवार की शाम एक एसएमएस संदेश भी भेजा था जिसमें यह कहा था कि वह उनके साथ खड़े हैं। हालांकि इसका कोई जवाब नहीं आया है और संभवत: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के डर से वह जवाब भी नहीं देंगे। विधानसभा चुनाव में भाजपा का खुलेआम विरोध कर चुके हार्दिक ने शनिवार को बोटाद में चुनाव परिणामों को लेकर पास के चिंतन शिविर से पहले पत्रकारों से कहा कि नीतिनभाई भाजपा में अपमान के बाद अगर हमारे साथ जुड़ जायें तो साथ मिल कर गुजरात में सुशासन की लड़ाई लड़ी जायेगी। 

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