भागलपुर में लालू का नुक्कड़ नाटक आत्मघाती : नीतीश

0
15

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सृजन घोटाले के विरोध में रविवार को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की भागलपुर में की गई जनसभा को ‘‘नुक्कड़ नाटक’ बताया और कहा कि यह उनके लिए आत्मघाती साबित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मेरे ये किसी अन्य लोगों के खिलाफ कोई सबूत है, तो वे सीबीआई के समक्ष पेश करें।अपने आवास पर सोमवार को आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम कभी मर्यादा का उल्लंघन नहीं करते हैं। हम मर्यादा में रहकर काम करना पसंद करते हैं। अपने विरोधियों का नाम लिये बगैर मुख्यमंत्री ने कहा कि भागलपुर में करोड़ों रुपये के हुए सृजन घोटाले की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है। सीबीआई की जांच पर अगर किसी को शक है और वह अदालत से जांच की निगरानी चाहता है, तो उसे मीडिया में वक्तव्य देने के बजाय हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में जाना चाहिये। सीएम ने कहा कि अदालत जांच की निगरानी करे, यह कहना हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सृजन घोटाला मामले को 9 अगस्त को पहली बार हमने ही पब्लिक डोमेन में लाया था। तब जाकर लोगों को इसके बारे में पता चला था। चार-पांच दिन की जांच में जैसे ही लगा कि घोटाला बहुत बड़ा है, तो हमने तुरंत इसकी जांच सीबीआई से कराने की अनुशंसा कर दी। मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने कहा कि जिनके पास सृजन घोटाले में मेरे या किसी और के खिलाफ कोई सबूत हैं तो वह उसे सीबीआई को क्यों नहीं देते। सीबीआई जांच कर रही है। वह अपनी जांच में उस सबूत का इस्तेमाल कर सकती है। मुख्यमंत्री ने भागलपुर में हुई राजद की रैली को आत्मघाती नुक्कड़-नाटक बताया। कोसी त्रासदी के समय केंद्र सरकार से मिली राहत के संदर्भ में पूछे गये प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से 1010 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता मिली थी। यह बुनियादी राहत कार्य के लिए मिला था। बाकी जो राशि की हमने मांग की थी, वह नहीं मिली। राज्य सरकार ने विश्व बैंक से कर्ज लेकर राहत एवं बचाव कार्य किया था। नोटबंदी के संदर्भ में पूछे गये प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका असर लंबी अवधि में दिखेगा। नोटबंदी से किसके पास कितने पैसे हैं, इसके बारे में उन्हें समझाना तो होगा ही। नोटबंदी गरीबों को अच्छी लगी थी। हमने शुरू से कहा था कि नोटबंदी के साथ बेनामी संपति पर हमला होना चाहिये, जो शुरू हो गया है। बेनामी संपत्ति पर जब पूरे देश में हमला होगा, तो इसका और फायदा होगा। लंबे अंतराल में इसका फायदा दिखता है, इससे अंततोगत्वा कालाधन उजागर होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here