भय, प्रतिक्रिया और प्रतिरोध में काम नहीं करता संगठन, आचरण शुद्ध रखें स्वयंसेवक : भागवत

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PATNA SHAKHA MAIDAN RAJENDRA NAGAR MEIN AYOJIT SABHA KO SAMBODHIT KERTE MOHAN BHAGWAT

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने रविवार को उद्घोष किया कि संपूर्ण विश्व में भारत की जयकार हो और भारत सामर्यवान तथा परम वैभव से पूर्ण हो, इसी उद्देश्य से संघ कार्य कर रहा है। उन्होंने साफ कहा कि संघ का स्वयंसेवक स्वयं की प्रेरणा से काम करता है। संगठन किसी के भय, प्रतिक्रिया व प्रतिरोध में काम नहीं करता। राजेन्द्र नगर स्थित शाखा मैदान में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख डॉ.मोहन भागवत ने कहा कि भारत की संस्कृति विविधता में एकता की बात नहीं बल्कि एकता की विविधता की बात करती है। संघ कार्य का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि बाहर के व्यक्ति को लगता है कि संघ का कार्य अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए हो रहा है लेकिन संघ कार्य को ध्यान में रखकर जो विचार करता है उसे इस कार्य का रहस्य समझ में आता है। स्वयंसेवकों के व्यवहार से संघ को लोग जानते हैं। संघ का कार्यकर्ता प्रामाणिक रीति से, समर्पणभाव से कोई कार्य करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महापुरु षों के प्रयास से देश में स्वतंत्रता आई थी, लेकिन उसका परिणाम क्या निकला डॉ. हेडगेवार ने आजादी की लड़ाई में भाग लिया था। कार्यक्रमों में भाषण देना, स्वदेशी के निमित्त कार्य करना, पत्रक निकालना यह सब कार्य करके उन्होंने समझ लिया था कि इससे स्थाई स्वतंत्रता नहीं प्राप्त होने वाली। अंत में उन्होंने संघ की स्थापना की। संघ का स्वयंसेवक स्वयं की प्रेरणा से नि:स्वार्थ भाव से कार्य करता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि समाज में एकता नहीं रहने के कारण दुनिया के सबसे उन्नत देशों में गिने जाने वाले भारत पर कुछ मुट्ठीभर लोगों ने सैकड़ों वर्षों तक राज किया। आरएसएस प्रमुख ने संघ के महत्व पर बल देते हुए कहा कि संघ एक संगठन के रूप में चलता है और उनका लक्ष्य पूरे समाज को संगठित करना है। उन्होंने कहा कि उन्हें संघ की नहीं बल्कि देश की चिंता है और जो लोग संघ का विरोध करते हैं वह भी अंदर से इसकी इज्जत करते हैं। श्री भागवत ने कहा कि अंग्रेजों ने देश की विविधताओं को हथियार बनाकर भारत को गुलाम बना लिया था। उन्होंने कहा कि स्वयं के बारे में जानने पर यदि गौरव का भाव जागृत हो तो वही उन्नति का पहला कदम होगा। संघ प्रमुख ने कहा कि प्रत्येक दिन शाखाओं में शामिल होने वाले व्यक्ति की जीवन के किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनेगी। वे हर क्षेत्र में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपना कार्य करेंगे। चाहे वह आजीविका को लेकर व्यापार करें या प्रशासनिक सेवाओं में जायें। उन्होंने स्वयंसवेकों से व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक जीवन में सजगता से आचरण की शुद्धता का उदाहरण प्रस्तुत करने का आह्वान किया। ज्ञात हो कि संघ प्रमुख मोहन भागवत 5 फरवरी से ही बिहार के प्रवास पर हैं। 6-10 फरवरी तक मुजफ्फरपुर में कई जनोपयोगी कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद वह 11 फरवरी को राजधानी पहुंचकर कार्यकर्ताओं को संबोधित किए। कार्यक्रम में केन्द्रीय स्वास्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, केन्द्रीय राज्य मंत्री रामकृपाल यादव, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह व विधायक अरुण कुमार सिन्हा समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता व पदाधिकारी मौजूद थे।

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