बैंक से सस्ती दर पर छात्रों को कर्ज दे रही सरकार

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‘‘बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना’ के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है जो अपने खजाने से उच्च शिक्षा के लिए छात्र-छात्राओं को चार लाख तक का कर्ज बैंक से काफी सस्ते ब्याज पर दे रही है। बैंक जहां शिक्षा ऋण पर 10 से 11 प्रतिशत तक ब्याज लेते हैं वहीं सरकार छात्रों को मात्र चार प्रतिशत साधारण ब्याज पर कर्ज दे रही है। लड़कियों को बैंक महज 0.5 प्रतिशत की छूट देता है जबकि सरकार मात्र 01 प्रतिशत साधारण ब्याज लेगी। छात्र-छात्राओं को हॉस्टल/लॉज आदि में रहने के खर्च के तौर पर भी 36 से 60 हजार रुपये सालाना दिये जायेंगे। श्री मोदी ने कहा कि बैंक जिस दिन से कर्ज देते हैं उसी दिन से साधारण और पढ़ाई पूरी होने के बाद कंपाउंड ब्याज जोड़ कर वसूलते हैं जबकि राज्य सरकार छात्र-छात्राओं से पढ़ाई पूरी होने तक कोई ब्याज नहीं लेगी, पढ़ाई पूरी होने के बाद रोजगार मिलने तक कर्ज वापसी की बाध्यता नहीं होगी। छात्रों को दिए गए कर्ज साधारण ब्याज के साथ वापस लेने का प्रावधान किया गया है। सरकार ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लिए बजट में 550 करोड़ का प्रावधान किया है। राज्य सरकार शिक्षकों के वेतन आदि पर 21,272 करोड़ सहित अपने बजट का बड़ा हिस्सा 32,125 करोड़ शिक्षा पर खर्च कर रही है। श्री मोदी ने छात्र-छात्राओं का आह्वान करते हुए कहा कि इस योजना का लाभ उठायें। उच्च शिक्षा खासकर तकनीकी कोर्सेस में गरीबी के कारण जो छात्र नहीं पढ़ पाते थे सरकार ने उन्हें मौका दिया है। इतनी सस्ती दर पर कर्ज उपलब्ध कराने का मकसद है कि अधिक से अधिक छात्र उच्च शिक्षा ग्रहण करें क्योंकि शिक्षा सबसे ताकतवर हथियार है।

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