बुराड़ी में 11 की मौत पर सस्पेंस बरकरार

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दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक घर से एक ही परिवार के 11 शव मिलने के बाद से सनसनी फैली हुई है. दिल्ली पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है. मृतकों में 10 शवों का पोस्टमार्टम हो चुका है. प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सभी की मौत की वजह फांसी की वजह से दम घुटने से हुई है. सूत्रों के मुताबिक किसी भी शव पर चोट का कोई निशान नहीं है, अभी एक अन्य शव का पोस्टमार्टम जारी है. फिलहाल सभी का बिसरा जमा कर जांच के लिए भेज दिया गया है.

घर से मिला रजिस्टर, बाबा की तलाश में पुलिस
जिस घर से शव मिले हैं वहां से एक एक रजिस्टर भी बरामद हुआ है जिसमें मोक्ष प्राप्ति का रास्ता बताया गया है. रजिस्टर में लिखा है, ”पट्टियां अच्छे से बंधनी चाहिए, शून्य के अलावा कुछ नहीं दिखना चाहिए. रस्सी के साथ सूती चुन्नियों या साड़ी का प्रयोग करना है. सात दिन बाद पूजा लागातार करनी है, थोड़ी लगन और श्रद्धा से. कोई घर में आ जाए तो अगले दिन गुरुवार या रविवार को चुनिए. रात 12 से एक बीच क्रिया करनी है, इससे पहले हवन करना है. बेब्बे खड़ी नहीं हो सकतीं तो अलग कमरे में लेट सकती हैं. सबकी सोच एक जैसी होनी चाहिए. पहले से दृढ़ता के सआथ, ये करते ही तुम्हारे आगे के काम दृढ़ता से शुरू हो जाएंगे. मद्धम रोशनी का प्रयोग करना है. हाथों की पट्टियां बच जाएं तो उन्हें आंखों पर डबल कर लेना. मंह की पट्टी को भी रूमाल से डबल कर लेना. जितनी दृड़ता और श्रद्धा दिखाओगे उतना ही उचित फल मिलेगा.”  पुलिस इस मामले में एक बाबा जानेगदी को तलाश कर रही है, इसके लिए पुलिस मृतकों की कॉल डिटेल खंगाल रही है. पुलिस की एक थ्योरी के मुताबिक शायद किसी तांत्रिक ने ही परिवार को आत्महत्या के लिए उकसाया है.

हवा आने के लिए लगवाए थे पाइप: ठेकेदार

जिस घर में शव मिले हैं उसकी एक दीवार पर 11 पाइप लगे हैं जिनमें सात के मुंह मुड़े हुए हैं जबकि चार के मुंह सीधे हैं. एबीपी न्यूज़ ने मृतक परिवार का घर बनाने वाले ठेकेदार कर्मपाल से बात की है. ठेकेदार कर्मपाल ने बताया कि मृतक परिवार में छोटा बेटा ललित ही घर बनवाने के काम देखता था. इसके लिए वो पूरे परिवार की सलाह लेता था. ललित ने ठेकेदार से कहा कि हवा के लिए पाइप लगवाने हैं. ठेकेदार के मुताबिक उसने ललिक से कहा कि हवा के लिए खिड़की लगवाओ, इस पर ललित ने कहा कि नहीं सिर्फ पाइप ही लगा दो. ठेकेदार कर्मपाल ने यह भी बताया कि उसका परिवार पर एक लाख रुपये का बकाया भी है.

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हत्या की साजिश से भी इनकार नहीं, सभी पहलू खंगाल रहे: पुलिस
पुलिस इस मामले में हर एंगल को खंगाल रही है. दिल्ली के ज्वाइंट सीपी ने कहा, ”तीन नाबालिग समेत सात महिलाओं और चार पुरुषों के शव बरामद किये गये हैं. हम हर संभव पहलुओं की जांच कर रहे हैं. अभी इस मामले में कुछ भी नहीं कह सकते हैं.”  पुलिस को सभी के मोबाइल फोन नगदी और ज्वैलरी टेप में लिपटी हुई पूजाघर में मिली है लेकिन पुलिस को शक है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कोई एक ऐसा शख्स है जो पूरे परिवार को प्रभावित कर रहा था.

फेसबुक पर तंत्र-मंत्र से जुड़ा कंटेंट शेयर करता था परिवार- पुलिस
पुलिस के आला अधिकारी ने बताया कि परिवार के एक सदस्य की फेसबुक पर कई ऐसी चीजे मिली है जो परिवार के गहरी आस्था की तरफ इशारा करती है मसलन फेसबुक पर आर्टिकल है कि यदि आप पर कोई तंत्र मंत्र कर दे तो आप उसका पता कैसे लगायेगे. अधिकारी ने कहा कि परिवार के सदस्यो के फोन नंबरो की जांच के जरिए उस शख्स की तलाश की जा रही है जो इन लोगो को प्रभावित कर रहा था. पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है. जानकारी के मुताबिक भाटिया परिवार ने रात में 11 बजे के करीब बाहर से खाना ऑर्डर किया था.

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मृतक नारायण देवी की बेटी का दावा- परिवार की हत्या की गई
मृतक नारायण देवी की बेटी सुजाता ने इस पूरे मामले को लेकर बड़ा दावा किया है. सुजाता ने दिल्ली पुलिस की सुसाइड थ्योरी को नकार दिया है, सुजाता के मुताबिक भाटिया परिवार की हत्या की गई है. सुजाता ने एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए कहा, ”सब झूठ फैलाया जा रहा है, सारी बातें गलत हैं. मैं उनकी बेटी हूं, क्या मुझे नहीं पता होगा कि घर में क्या होता था. पूरा परिवार पूजा पाठ करता था जो सब करते हैं. क्या ऐसा हो सकता है कि एक बेटा अपनी मां का गला दबा दे. केस को दबाने की कोशिश हो रही है.”

कैसे हुआ खुलासा?
मृतक परिवार भाटिया परिवार के नाम से जाना जाता था और बुराड़ी के संत नगर में अपने दोमंजिले घर में एक ग्रॉसरी की दुकान और प्लाइवुड की दुकान चलाता था. पुलिस अधिकारी ने बताया, “दुकान रोजाना सुबह छह बजे खुल जाती थी लेकिन जब आज सुबह 7.30 बजे तक दुकान नहीं खुली तो एक पड़ोसी ने इसका कारण जानने के लिए घर के भीतर देखा तो पाया कि घर के कई लोग आंगन की जाली से लटके हुए हैं. पड़ोसी ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी.”

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सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की है. फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंच कर सबूत जुटाए हैं, घटनास्थल से सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ.

 

मरने वालों में कौन-कौन शामिल? 
नारायण देवी उम्र 77 साल
भवनेश उर्फ भुपी उम्र 50, नारायण देवी का बड़ा बेटा (परचून की दुकान)
ललित उम्र 45 साल, नारायण देवी का छोटा बेटा (फनीचर-प्लाईवुड की दुकान)
सविता उम्र 48 साल भवनेश की पत्नी, (हाउस वाइफ)
टीना उम्र 42 साल, ललित की पत्नी, (हाउस वाइफ)
प्रतिभा उम्र 57 साल नारायण देवी की बेटी, (इसी घर में रहती थी)
प्रियंका उम्र 33 साल प्रतिभा की बेटी, (एमएनसी में जॉब)
नीतू उम्र 25 साल, भुपी की बेटी, (प्राइवेट कंपनी में जॉब)
मीनू उम्र 23 साल, भूपी की बेटी, (स्टूडेंट)
ध्रुव उम्र 15, भूपी का बेटा, (स्टूडेंट)
शिवम उम्र 15 साल, ललित का बेटा, (स्टूडेंट)

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