बीजद की परंपरागत पुरी सीट पर भाजपा ने संबित पात्रा को उतार कर दिलचस्प बनाया

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पुरी को नीलाचल धाम या श्रीक्षेत्र भी कहा जाता है. श्रीजगन्नाथजी का मंदिर यहां होने से पुरी की एक खास पहचान है. तीसरे चरण में यानी 23 अप्रैल को यहां वोट पड़ेगा. इस सीट से दो बार से लगातार  सांसद पिनाकी मिश्र को ही बीजद ने अपना उम्मीदवार घोषित किया है.
भाजपा ने इस बार पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा को उतारा है, जबकि कांग्रेस ने ओड़िशा के वरिष्ठ पत्रकार रहे सत्यप्रकाश नायक पर भरोसा जताया है. बीजद की परंपरागत पुरी सीट में भाजपा ने अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ संबित पात्रा को उतार कर इस चुनाव को दिलचस्प बना दिया है.
इस चुनाव में स्थानीय मुद्दे हावी
कांग्रेस के प्रत्याशी सत्यप्रकाश नायक चुनाव प्रचार में लगे तो हैं, लेकिन उनमें व उनके पार्टी के कार्यकर्ताओं में कोई खास उत्साह नहीं है.
जहां कांग्रेस की स्थिति कमजोर है, वहां सत्यप्रकाश प्रचार करने भी नहीं जा रहे हैं. पुरी लोकसभा क्षेत्र में पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर की परंपराओं को प्रशासन द्वारा तोड़ा जाना, किसानों की समस्या, सिंचाई, कानून-व्यवस्था की स्थिति, नदी-बांधों की सुरक्षा, पर्यटन सेवा की उपेक्षा आदि मुद्दों पर चुनाव में चर्चा हो रही है.
शक्तिशाली सांगठनिक शक्ति के आधार पर बीजद इस बार फिर से वैतरणी पार करने का प्रयास कर रही है, लेकिन कमजोर संगठन के बावजूद डॉ संबित पात्रा का व्यक्तित्व, चुनाव प्रचार की उनकी शैली तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति लोगों के विश्वास को आधार बना कर भाजपा इस सीट को निकालने का प्रयास कर रही है.  राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि सांगठनिक मजबूती व वोटों के गणित से देखें, तो बीजद की विजय की संभावना अधिक है, लेकिन यदि इस सीट को डॉ संबित पात्रा निकाल लें तो हैरानी नहीं होगी.
लोगों के रुझान में आया है बदलाव : 2014 के तुलना में इस बार लोगों के रुझान में  बदलाव साफ दिख रहा है.  दो बार से लगातार सांसद रहे पिनाकी मिश्र के खिलाफ लोगों में जबर्दस्त नाराजगी है. उन पर आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद अपने क्षेत्र में दिखते नहीं है और दिल्ली में अपने वकालत के कार्य में व्यस्त रहते हैं.
कोट
भाजपा उम्मीदवार डॉ पात्रा दिल्ली में टीवी चैनलों में बैठ कर बस बातें ही कर सकते हैं. पुरी की जनता उन्हें ही वोट करेगी, क्योंकि उन्होंने पुरी के लिए काफी कुछ किया है.
पिनाकी मिश्र, बीजद के प्रत्याशी  
पिछले चुनाव में क्या थी स्थिति
पिनाकी मिश्र (बीजद) 5 लाख 23 हजार  वोट
सुचरिता पटनायक (कांग्रेस) – 2 लाख 59 हजार
अशोक साहु (भाजपा) -2 लाख 15 हजार मत प्राप्त हुए थे.
पुरी की सात में से महज एक विधानसभा सीट पर भाजपा का कब्जा, छह बीजद के पास
 
गांवों में रात बिताते हैं पात्रा
डॉ संबित पात्रा के चुनावी मैदान में प्रवेश करने के बाद स्थिति दिलचस्प हो चुकी है. पात्रा के प्रचार की शैली अनोखी है. वह सिर पर चंदन लेप कर व धोती पहन कर प्रचार कर रहे हैं.
पात्रा होटलों में ठहरने की बजाय गांवों में साधारण परिवारों के घरों में रात गुजार रहे हैं. सुबह गांवों के तालाबों में स्नान करने के बाद चुनाव प्रचार के लिए निकल रहे हैं. प्रचार के दौरान मंदिरों व गोशालाओं में जा रहे हैं.  वह अपने भाषणों में यह बात बार-बार कह रहे हैं  कि ‘भगवान जगन्नाथ ने मुझे बुलाया है, मोदी ने मुझे भेजा है.’
बीजद की पारंपरिक सीट रही है पुरी
पुरी की सीट पारंपारिक रूप से जनता दल व बाद में बीजू जनता दल की रही है. 1990 के दशक के बाद से पुरी लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने सिर्फ 1996 में जीत हासिल की थी. इसके बाद हर बार यहां से बीजू जनता दल के प्रत्याशी विजयी होते रहे हैं. 2014 में बीजद के पिनाकी मिश्र ने जीत दर्ज की थी.
सांगठनिक रूप से यहां कमजोर है भाजपा
पुरी लोस में सात विस सीटें हैं. पुरी शहर, सत्यवादी, चिलिका, पिपिली, रणपुर, ब्रह्मगिरि व नयागढ़ आती हैं.  इन सातों सीटों में से चिलिका सीट ही ऐसी सीट है, जहां भाजपा का विधायक है. शेष सभी छह पर बीजद के विधायक हैं. इस लिहाज से कहा जाए तो पुरी लोकसभा क्षेत्र में बीजद सांगठनिक रूप से काफी शक्तिशाली, कांग्रेस कमजोर और भाजपा अत्यंत कमजोर रही है.
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