बीईओ हत्याकांड में आठ आरोपी गिरफ्तार

0
220

अरवल : बीईओ हत्याकांड की गुत्थी पुलिस सुलझा ली है। हत्या के 14वें दिन घटना के चौदहवें दिन पुलिस को इस मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। हत्याकांड का उद्भेदन करते हुए एस0पी0 दिलीप कुमार मिश्रा ने बताया कि फर्जी फरमान पत्र के आधार पर नियुक्त शिक्षकों एवं पंचायत सचिवो के द्वारा बी0ई0ओ0 शालिकराम शर्मा की हत्या की योजना बनायी गयी। इस हत्याकांड में 11 लोग शामिल थे जिसमें से आठ लोगो को गिरफ्तार किया गया है। शेष अन्य अभियुक्तों के गिरफ्तारी के लिए आगे की कारवाई की जा रही है। गिरफ्तार किए गए आठ लोगो में 3 शिक्षक, एक शिक्षिका पति, दो पंचायत सचिव एवं दो अपराधकर्मी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए तीन शिक्षकों में मध्य विद्यालय झिकटिया के संतोष कुमार, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर के श्रीकांत कुमार, प्राथमिक विद्यालय बुद्धु विगहा के सुरज कुमार, प्राथमिक विद्यालय आजाद विगहा के शिक्षिका सुधा देवी के पति विजेन्द्र कुमार, शिक्षक उमेश कुमार मधुकर, पंचायत सचिव अयुब अंसारी एवं दिनानाथ सिंह, अपराधकर्मी विक्की पासवान एवं रौशन पासवान शामिल हैं। जबकि प्राथमिक विद्यालय बुद्धु विगहा के शिक्षक सुरज कुमार एवं दो अपराधकर्मी उपेन्द्र पासवान एवं श्याम शर्मा फरार है। इनलोगो को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होने बताया कि अनुसंधान के क्रम में उद्भेदित हुआ है कि बी0ई0ओ0 करपी एक ईमानदार पदाधिकारी थे जिन्होने करपी प्रखण्ड में फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे पंचायत शिक्षको के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करवाया था। कई शिक्षकों के निलंबन, पुनरयोगदान एवं वेतन भुगतान नहीं होने देने में बाधा उत्पन्न कर रहे थे जिसके कारण कई फर्जी शिक्षक एवं पंचायत सचिव असंतुष्ट थे। इन लोगो द्वारा ही हत्या की योजना बनाई गयी। अनुसंधान के क्रम में उद्भेदित हुआ कि जून महीने में ही बी0ई0ओ0 की हत्या की योजना बनाई गयी थी। योजना के अनुसार संतोष कुमार द्वारा अपराध कर्मी विक्की पासवान जो की जेल ब्रेक कांड का अभियुक्त हैं उससे सम्पर्क किया। जिसने रौशन पासवान, श्याम शर्मा एवं उपेन्द्र पासवान से बात कर एक लाख रुपये की मांग किया। संतोष कुमार ने हत्या के लिए 60 रुपया देने की बात विक्की पासवान को बताया। सभी अपराध कर्मी हत्या के लिए तैयार हो गये। संतोष कुमार द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे शिक्षकों एवं पंचायत सचिवों से पैसा एकत्रित किया जाने लगा। संतोष कुमार द्वारा 25 हजार रुपये की राशि हत्या के पूर्व भुगतान किया गया । हत्या के बाद विक्की पासवान को 3000 रुपये की राशि दी गयी। शेष राशि बाद में देने की बात कही गयी। 29.08.2017 को बी0ई0ओ0 शहरतेलपा क्षेत्र में भ्रमण कर रहे थे। जिसकी सूचना अयुब अंसारी पंचायत सचिव द्वारा संतोष कुमार को दिया गया। संतोष कुमार ने विक्की पासवान को हत्या करने के लिए बी0आर0सी0 बुलाया। सभी अपराधकर्मी हथियार के साथ बी0आर0सी0 के इर्द-गीर्द इक्कठा होकर शाम होने का इंतजार करने लगे। शाम होते ही बी0आर0सी0 के पीछे की खिड़की से गोली मारकर सभी लोग मोटरसाईकिल एवं पैदल ही अपने – अपने घर भाग गए। उद्भेदन के बाद हत्या कांड का मास्टर माइंड संतोष कुमार शिक्षक निकला जिसने अहम रोल अदा किया। विदित हो कि 29 अगस्त को शाम में बी0ई0ओ0 शालिकराम शर्मा को गोली मारकर जख्मी कर दिया गया था। जिन्हे बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया था। इलाज के दौरान 31 अगस्त को उनकी मौत हो गयी थी। पुरा इलाका इस घटना से आहत था। सभी को मामले के उद्भेदन का इंताजार था। जिसका उद्भेदन घटना का 14वें दिन पुलिस द्वारा किया गया। बाकई में पुलिस के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। इस दौरान डी0एस0पी0 शैलेन्द्र कुमार, थानाध्यक्ष राजीव कुमार सहित कई लोग शामिल थे।

यह भी पढ़े  राजद-जदयू में आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी , लालू ने कसा तंज जदयू ने किया पलटवार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here