बिहार संग्रहालय अद्भुत : राज्यपाल

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राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने आज बिहार संग्रहालय का परिभ्रमण किया। कला संस्कृति एवं युवा विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने राज्यपाल को संग्रहालय की विभिन्न दीर्घाओं को दिखाया तथा बिहार की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, कलात्मक एवं सांस्कृतिक विरासतों से अवगत कराया। इतिहास दीर्घा में भगवान बुद्ध, तीर्थंकर स्वामी महावीर, सम्राट अशोक, चंद्रगुप्त, चाणक्य, शेरशाह सूरी, गुरू गोविन्द सिंह आदि से जुड़े ऐतिहासिक तयों एवं उनसे संबंधी विभिन्न संग्रहित प्रदशरे को राज्यपाल को दिखाया गया। उन्हें क्षेत्रीय कला दीर्घा, बिहारी संतति दीर्घा, इतिहास दीर्घा आदि से संबंधित प्रदशों को दिखाकर व्यापक जानकारी दी गई। खन्डोलाइट स्टोन की तारा की प्रतिमा, दीदारगंज की यक्षी की प्रतिमा तथा भगवान बुद्ध की विभिन्न प्रतिमाओं आदि को राज्यपाल ने काफी अभिरूचिपूर्वक देखा एवं उनके बारे में जानकारी प्राप्त की। पाल कालीन कला, कुषाणकालीन कला, मृण मूत्तियों, पुरापाषणिक एवं नवपाषणिक उपकरणों, हड़प्पा कालीन मृदुभाड़ एवं उपकरणों आदि को देखकर राज्यपाल अत्यन्त अभिभूत दिखे। राज्यपाल को बिहार के गौरवमय अतीत तथा बिहार संग्रहालय से संबंधित एक फिल्म भी दिखाई गई। राज्यपाल को स्थानीय लोक कलाओं से जुड़ी कला दीर्घा भी दिखायी गई। राज्यपाल ‘‘इतिहास दीर्घा’, ‘‘कला दीर्घा’ एवं ‘‘बिहारी डायस्पारो गैलरी’ आदि देखने के बाद ‘‘चिल्ड्रेन्स गैलरी’ भी गये। टेराकोटा’, ‘‘मुद्रा’, ‘‘पांडुलिपि’ आदि के रूप में वर्गीकृत प्रदशरे को देखकर राज्यपाल ने इनकी प्रशंसा की। ‘‘बिहार संग्रहालय’ देखने के बाद राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने ‘‘विजिटर्स-बुक’ में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा कि -‘‘बिहार संग्रहालय अद्भूत एवं अभूतपूर्व है। अनेक काल के बहुत ही वैज्ञानिक तरीके से दर्शाए गए हैं। इसे देखकर भारत के स्वर्णयुग का पूरा दर्शन हो जाता है। इसकी इमारत भी अकल्पनीय सुन्दर और बेजोड़ है।’ संग्रहालय में कार्यरत सभी लोगों को धन्यवाद देते हुए राज्यपाल ने लिखा कि- जो कोई इसे देखेगा, बार-बार देखना चाहेगा तथा वे भी यहां आगे भी आते रहेंगे। राज्यपाल के परिभ्रमण के दौरान राज्यपाल के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा भी उपस्थित थे।

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