बिहार में सैलाब का सितम गहराया; अररिया में आवागमन ठप, चंपारण में कटाव तेज

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मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और जम्मू-कश्मीर सहित 13 राज्यों में अगले 72 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश होने की आशंका जतायी है. इसके मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 89 टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. 

कोसी-सीमांचल समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ मुश्किल बढ़ाने लगी है। अररिया में स्थिति सबसे अधिक खराब हुई है। सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया में भी धीरे-धीरे बाढ़ का पानी आबादी वाले इलाकों में प्रवेश कर रहा है।

नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण पनार नदी का जल स्तर बढ़ने लगा है. शहर की खरैया बस्ती में कुछ घरों को बाढ़ का पानी छूने लगा है. हालांकि अररिया के कई गांवों में बाढ़ का पानी आ गया है. तटबंध टूटने से जिले के कई गांवों में बाढ़ का पानी फैलता जा रहा है.
महानंदा के कटाव से चार दिनों में 25 परिवारों के घर नदी में समा गये 
कटिहार : जिले में महानंदा सहित अन्य प्रमुख नदियों के जल स्तर में वृद्धि गुरुवार को भी जारी रही. महानंदा का जल स्तर अधिकतर स्थानों पर लाल निशान को पार कर गया है. महानंदा धबौल में खतरे निशान से 14 मीटर ऊपर बह रही है, जबकि दुर्गापुर में खतरे निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है.
आजमनगर में यह नदी खतरे निशान से 19 सेंटीमीटर ऊपर है. इसके साथ ही गंगा, बरंडी व कोसी नदी के जल स्तर में वृद्धि दर्ज की गयी है. बलिया बेलौन क्षेत्र की भौनगर पंचायत के मंझोक गांव में महानंदा के कटाव से चार दिनों में 25 परिवारों के घर नदी में समा गये हैं. मंझोक गांव का अस्तित्व समाप्त होने का डर लोगों को सता रहा है.
पूर्णिया के निचले हिस्से में घुसा पानी : पूर्णिया. बायसी अनुमंडल क्षेत्र की तीनो नदियों में जल स्तर बढ़ने का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा. निचले हिस्से में बाढ़ का पानी फैल गया है.
कालू मस्तान टोला, पूरानागंज पंचायत के नबावगंज, हाथीबंधा, बनगामा, खपड़ा पंचायत के मथुरापुर, वहीं बैसा प्रखंड के मंगलपुर, हरिया, काशीबाड़ी, धोबनिया गांव में कटाव तेज हो गया है. कनकई के कटाव से अशियानी गांव के 13 परिवारों के घर कनकई में विलीन हो गये.
 
केले के थंब के सहारे आवाजाही कर रहे हैं लोग
मधुबनी. जिले में कमला नदी का जल स्तर तीसरेदिन भी खतरे के निशान से ऊपर था. झंझारपुर में जल स्तर खतरे के निशान से करीब तीन फुट से ऊपर दर्ज किया गया. हालांकि जल स्तर में उतार-चढ़ाव हो रहा है. लगातार उतार-चढ़ाव के कारण तटबंध में कटाव भी होने लगा है.
लोगों में दहशत है. वहीं जयनगर अनुमंडल से लदनियां प्रखंड मुख्यालय को जोड़नेवाले एनएच 104 के पदमा-योगिया के बीच धौरी नदी पार करनेवाले डायवर्जन पर बाढ़ का पानी चढ़ने से तीन दिनों से यातायात पूरी तरह ठप है. गुरुवार को चौथे दिन पद्मा एवं योगिया के युवाओं ने आवाजाही के लिए केले के थंब से नाव बनायी है. इसी के सहारे फिलहाल आवाजाही की जा रही है. अब तक प्रशासन के स्तर पर आम लोगों को इस समस्या से निबटने के लिए उक्त स्थल पर किसी भी तरह का कार्य देखने को नहीं मिल रहा है.
फारबिसगंज के आधा दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में 
फारबिसगंज अंचल क्षेत्र से हो कर बहनेवाली प्रमुख परमान नदी के जल स्तर में वृद्धि होने और नदी के उफनाने के कारण फारबिसगंज प्रखंड के पूर्वी क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है. पानी की तेज धार में फारबिसगंज से कुशमाहा, पिपरा सहित पूर्वी क्षेत्र के अन्य गांव तक जानेवाले डुमरा बांध की सड़क गढ़ा चौक के समीप टूट गयी है. इसके कारण उक्त गांव से फारबिसगंज का संपर्क भंग हो गया है. गांवों में पानी के प्रवेश कर जाने से स्थिति भयावह बनी हुई है.

 

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अररिया में एनएच पर आवागमन ठप होने की आशंका बढ़ गई है। यहां गुरुवार को सिकटी-पड़रिया प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से निर्मित 25 लाख रुपये का पुल ध्वस्त हो गया। देश के बाकी हिस्सों को पूर्वोत्तर भारत से जोडऩे वाले एनएच 327 पर तीन महीने पहले 90 करोड़ की लागत से दो डायवर्सनों का निर्माण कराया गया था। इनमें से एक के फ्लैंक तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है।

सुपौल-सहरसा में कोसी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से तटबंध और स्परों पर दबाव बढऩे लगा है। किशनगंज में महानंदा, कनकई, बूढ़ी कनकई, डोक, रेतुआ, चेंगा व कौल समेत सभी छोटी-बड़ी नदियों में उफान है। टेढ़ागाछ, दिघलबैंक, ठाकुरगंज व पोठिया प्रखंड बाढ़ की चपेट में हैं। जिले में गत दो दिनों में डूबने से दो की मौत हो चुकी है। कटिहार में गंगा और महानंदा दोनों उफान पर हैं।

पूर्णिया के बायसी प्रखंड के आसजा, मवैया, बनगामा, ताराबाड़ी व पुरानागंज के निचले इलाकों में परमान और कनकई नदी का पानी भरने लगा है।

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इधर, पानी घटने से पश्चिम चंपारण में नदियों का कटाव तेजी से हो रहा है। सिकटा प्रखंड के गुलरिया महादलित टोला के चकदहवा सरेह में बाढ़ के पानी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। मधुबनी जिले के बेनीपट्टी प्रखंड क्षेत्र में धौंस, खिरोई, बुढऩद तथा थुम्हानी नदी का पानी बढऩे लगा है। मुजफ्फरपुर जिले के पांच प्रखंडों में बाढ़ का असर है।

दानापुर – बाढ़ से पूर्व बिहार रेजीमेंट के सैनिकों ने वृहस्पतिवार को कचहरी घाट पर बाढ़-राहत के लिए पुर्वाभ्यास किया। जिसका नेतृत्व आर्मी के अधिकारी कर्नल जोंसन लोबो व आशीष अग्रवाल ने संयुक्तरूप से जवानो को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि जब भी बाढ़ राहत के लिए सैनिक जाते है तो छोटी से लेकर बड़ी समस्या उत्पंन होती है। ऐसे समस्याओं से निपटने के लिए सैनिकों को तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तरी बिहार में संभावित बाढ़ राहत के लिए हम पूरी तरह से तैयार रहते है। पुर्वाभ्यास में नाव से बाढ़ पीडितो को कैसे बचाए और उस हालात में क्या करे क्या ना करे इसकी जानकारी दिया गया। सैनिक सारे परेशानियो को नजर अंदाज़ करते हुए बाढ़ में फंसे लोगो तक राहत पहुंचाते है। उन्होंने बताया कि बाढ़ के आने पर सेना की 70 सैनिक और दो अधिकारी के साथ बिहार रेजिमेंट की 7 बटालियन पूरी तरह से तैयार है।

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