बिहार में विधान परिषद चुनाव 26 अप्रैल को, इसी दिन आएंगे नतीजे

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बिहार में विधान परिषद की दो दर्जन सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव 26 अप्रैल को होगा. निर्वाचन आयोग द्वारा जारी चुनाव कार्यक्रम के अनुसार उत्तर प्रदेश की 13 और बिहार की 11 सीटों के लिए चुनाव की अधिसूचना 9 अप्रैल को जारी की जाएगी.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी सहित 11 सदस्यों का कार्यालय छह मई को ख़त्म हो रहा है.

परिषद में जो 11 सीटें रिक्त हो रही है उनमें जदयू के नीतीश कुमार, संजय सिंह, राजकिशोर कुशवाहा, चन्देश्वर प्रसाद चन्द्रवंशी और उपेन्द्र प्रसाद, भाजपा के सुशील कुमार मोदी, मंगल पांडेय, लालबाबू प्रसाद और स्व. सत्येन्द्र प्रसाद कुशवाहा जबकि राजद की राबड़ी देवी और हम के नरेन्द्र सिंह शामिल हैं।

मौजूदा अंकगणित के मुताबिक भाजपा के तीन, जदयू के तीन, राजद के चार व कांग्रेस के एक सदस्य का विधान परिषद पहुंचना तय है। जाहिर है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी व स्वास्य मंत्री मंगल पांडेय के दोबारा विप पहुंचने में दो राय नहीं है। राजद की तरफ से राबड़ी देवी का नाम भी तय है। ऐसे में इन चार नामों को छोड़ बचे सात नामों के लिए जदयू, भाजपा, राजद व कांग्रेस के अंदरखाने दाव-पेंच चल रहा है।

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सूत्र बताते हैं कि तीन उम्मीदवारों को विधान परिषद भेजने के बाद जदयू के पास जो सरप्लस वोट बचेंगे वह भाजपा के तीसरे उम्मीदवार को जिताने में काम आएगा। भाजपा के तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए लोजपा व रालोसपा की मदद की भी दरकार होगी। साथ ही राजद के चौथे उम्मीदवार को जिताने के लिए उसे कांग्रेस की मदद लेनी होगी। कांग्रेस के पास एक उम्मीदवार को परिषद में भेजने के बाद उसके पास पांच सरप्लस वोट बचेंगे जो राजद के काम आएगा।

समझा जाता है कि राजद व जीतन राम मांझी के हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (से.) के बीच हुए समझौते के तहत हम के एक उम्मीदवार का विधान परिषद में पहुंचान तय है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा ने मांझी के एक सदस्य को विधान परिषद भेजने की हामी भरी थी। यह तय हो गया था कि मांझी के पुत्र संतोष मांझी विधान परिषद भेजे जाएंगे।

मौजूदा विधायकों के अंकगणित के मुताबिक राजद विधान परिषद में जदयू व भाजपा की तुलना में अधिक सदस्य भेजने में सक्षम है। यह भी माना जा रहा है कि जिस तरह राज्यसभा चुनाव में कोई राजनीतिक तोड़-फोड़ व हार्स ट्रेडिंग की नौबत नहीं आई उसी तरह परिषद चुनाव भी आपसी समन्वय से संपन्न हो जाएगा।

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