बिहार में आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली से 16 लोगों की मौत

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आंधी और ओले के साथ सोमवार देर शाम हुई भारी बारिश के बीच दीवार गिरने एवं वज्रपात से प्रदेश में 12 लोगों की मौत हो गई। हालांकि आपदा प्रबंधन विभाग को अभी विस्तृत रिपोर्ट की प्रतीक्षा है। संख्या बढ़ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने इसे प्री-मानसून बारिश बताया है,

बिहार के कई हिस्सों में सोमवार देर शाम तेज आंधी तूफान के दौरान रिमझिम बारिश हुई.  एक तरफ इस बारिश से गर्मी से बेहाल लोगों को राहत मिली तो दूसरी तरफ भारी नुकसान की खबर है. तेज आंधी और बारिश से कुल 16 की मौत की सूचना है.

बिहार के औरंगाबाद के दाउदनगर, पौथु, रफीगंज और बंदेया थाना क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई. इनमें तीन महिला, एक युवती और एक किशोर की मौत हो गई. गया और कटिहार में तीन- तीन और मुंगेर और नवादा में दो-दो और रोहतास में एक की मौत हो गई.

रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार देर शाम पटना सहित राज्य के अन्य हिस्सों में झमाझम बारिश हुई. तेज आंधी और बारिश के कारण कई इलाकों में बिजली भी गुल हो गई . राजगीर में आंधी व बारिश ने मलमास मेला को तहस-नहस कर दिया, कई पंडाल गिर गए. उधर, मुंगेर वज्रपात में चार बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए. असरगंज थाना क्षेत्र के सती स्थान गांव मेंआम चुनने के दौरान भी लोग वज्रपात के शिकार हो गए.

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उधर, बेगूसराय में बारिश शुरु होने से पहले ही वज्रपात ने भारी तबाही मचाई है. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के राजौड़ा गांव में वज्रपात से दो झोपड़ी में आग लग गई, जिससे हजारों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है. गनीमत यह रही कि इस वज्रपात में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है.

राजधानी समेत पूरे बिहार में सोमवार को हुई मानसून पूर्व की बारिश से लोगों ने राहत की सांस ली। दिनभर उमस भरी गर्मी के बाद शाम में मौसम ने अचानक यू टर्न लिया तथा तेज आंधी के साथ मूसलधार बारिश शुरू हो गई। इस दौरान कई क्षेत्रों में ओला वृष्टि भी हुई। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रहेगी तथा गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। मौसम विज्ञानियों ने बताया कि दो-तीन दिनों से पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर बांग्लादेश तक आद्र्रतायुक्त लेयर की एक ‘‘ट्रफ लाइन’ बन गयी है। इस वजह से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड पश्चिमी बंगाल तथा उड़ीसा में स्थानीय चक्रवात की स्थिति है। उन्होंने बताया कि ग्रीष्म ऋतु में उत्तर-पश्चिम भारत में स्थित मरुस्थल पर मिलनेवाला न्यूनतम वायुदाब क्षेत्र का विस्तार झारखंड तथा दक्षिणी बिहार तक बढ़ जाता है, जिसके कारण स्थानीय एवं सागरीय आद्र्र हवाओं का परिसंचरण इस ओर प्रारंभ हो जाता है और स्थानीय प्रबल तूफानों का जन्म होता है। मूसलधार बारिश के साथ ही कभी-कभी यहां तीव्रगति वाले प्रचंड तूफान भी आते हैं, जिनका कारण स्थलीय गर्म एवं शुष्क वायु का सागरीय आद्र्र वायु से मिलना है। इस बीच, यहां तापमान बढ़ने व हवा की तीव्रता की वजह से अलग-अलग स्थानों पर बादल और फिर स्थानीय बारिश होती है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को राजधानी का न्यूनतम तापमान 29.1 डिग्री तथा अधिकतम 39.0 डिग्री सेल्सियस गया का अधिकतम 42.3 तथा न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री तथा भागलपुर का अधिकतम 39.4 तथा न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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