बिहार प्रशासनिक सेवा संवर्ग का होगा पुनर्गठन

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राज्य सरकार ने बिहार प्रशासनिक सेवा संवर्ग का पुनर्गठन करने का निर्णय लिया है। सेवा संवर्ग की संख्या और संरचना का निर्धारण करते हुए 113 पदों का सृजन किया गया है। इसके पहले 1150 पद थे। यह फैसला शुक्रवार को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। बैठक में कुल 18 प्रस्तावों पर मुहर लगी।बैठक के बाद कैबिनेट के प्रधान सचिव अरुण सिंह ने बताया कि किफायती आवास और मलिन बस्ती (स्लम) पुनर्वास एवं पुनर्विकास आवास नीति 2017 में संशोधन की मंजूरी दी गयी। इसके तहत 4000 वर्ग फीट से अधिक क्षेत्रफल में बनने वाली बिल्डिंग में गरीबों के लिए आश्रय निधि की दर निर्धारित की जायेगी। इसके लिए बिल्डरों को गरीबों के लिए रेट जमा करना होगा। उन्होंने बताया कि राज्य के विविद्यालयों या अंगीभूत महाविद्यालयों में कार्यरत वैसे शिक्षक, जिन्होंने नियुक्ति के पूर्व पीएचडी की उपाधि ली है, उन्हें इस एवज में एक सितम्बर 2008 के प्रभाव से प्रोत्साहन भत्ते के रूप में पांच अग्रिम वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा। इसी तरह वैसे शिक्षक, जिन्होंने सेवा काल में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है, उन्हें इस एवज में एक सितम्बर 2008 के प्रभाव से प्रोत्साहन भत्ते के रूप में तीन अग्रिम वेतन वृद्धि का लाभ दिया जायेगा। काराओं में चिकित्सा सेवा को सुदृढ़ बनाने के लिए एक्स-रे और लैब टेकनीशियन के पदों के सृजन की स्वीकृति दी गयी। इसके अलावा काराओं में अनुबंध भूतपूर्व सैनिक सह कक्षपाल के मासिक मानदेय 12000 रुपये से बढ़ाकर 17250 रुपये करने की स्वीकृति दी गयी।

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पीएचडीधारक शिक्षक पायेंगे पांच अग्रिम वेतन वृद्धि का लाभ संविदा पर कार्यरत कक्षपाल का मानदेय 17250 रुपये हुआ
बिल्डरों को अब गरीबों के लिए आश्रय निधि बनाना अनिवार्यपीएचडीधारक शिक्षक पायेंगे पांच अग्रिम वेतन वृद्धि का लाभ संविदा पर कार्यरत कक्षपाल का मानदेय 17250 रुपये हुआ

राज्य सरकार ने महिलाओं को बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) और बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) की ओर से संचालित होने वाली सभी प्रतियोगिता परीक्षाओं में बड़ी सहूलियत प्रदान की है.
महिला अभ्यर्थियों के लिए इन सभी परीक्षाओं के शुल्क को कम कर दिया गया है. नये वित्तीय वर्ष 2018-19 में पहली कैबिनेट की बैठक शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई, जिसमें 18 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी. बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रतियोगिता परीक्षाओं में महिलाओं को खासतौर से तवज्जों देने के लिए यह निर्णय लिया है.
इसके तहत बीपीएससी और बीपीएससी व बीएसएससी..बीएसएससी की सभी प्रारंभिक परीक्षाओं (पीटी) में 600 रुपये शुल्क लगता था, जिसे कम करते हुए 150 रुपये कर दिया गया है. इसी तरह मुख्य परीक्षा (मेंस) में पहले जो 750 रुपये शुल्क लगता था, उसे कम करके 200 रुपये कर दिया गया है. इस कटौती का लाभ सभी वर्गों की सिर्फ महिलाओं को ही दिया जायेगा.
बिप्रसे में 484 पदों की हुई बढ़ोतरी
राज्य सरकार ने बिहार प्रशासनिक सेवा (बिप्रसे) के पदों में 484 की बढ़ोतरी का निर्णय लिया है. इसके बाद अब बिप्रसे के पद 1150 से बढ़कर 1634 हो गये हैं. इनमें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी वरीय उपसमाहर्ता के पद में की गयी है. इसमें 208 पद बढ़ाये गये हैं. इसके अलावा उप सचिव स्तर में 154, एडीएम और संयुक्त सचिव रैंक में 61-61 पदों की बढ़ोतरी की गयी है.
पदों की बढ़ोतरी होने के बाद अब राज्य में एसडीओ रैंक के पदों की संख्या 727, उपसचिव के 339, अवर समाहर्ता के 304, संयुक्त सचिव के 192, विशेष सचिव के 24 और अपर सचिव रैंक के पदों की संख्या 48 हो गयी है. बिप्रसे संवर्ग का पुनर्गठन तथा सेवा संवर्ग की संख्या का निर्धारण करने से संबंधित प्रस्ताव को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है. इसके बाद अब बीपीएससी की बहाली में भी पदों की संख्या में बढ़ोतरी होगी.
पीटी में 600 की जगह 150, मेंस में 750 की जगह 200 ही देने होंगे
 
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
विश्वविद्यालय शिक्षकों को केंद्र की तरफ से एक जनवरी, 2006 के प्रभाव से लागू छठवें वेतन पुनरीक्षण को लागू किया गया है. इसके तहत एक सितंबर, 2008 के पहले पीएचडी करने वालों को एडवांस में पांच वेतन और सर्विस के दौरान पीएचडी करने वालों को तीन एडवांस वेतन बतौर प्रोत्साहन भत्ता देने का निर्णय लिया गया है.
बिहार राज्य के जेलों में अनुबंध पर नियोजित पूर्व सैनिक सह कक्षपाल का मासिक मानदेय 12 हजार से बढ़ कर अब 17,250 रुपये
बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग में सूचना प्रावैधिकी प्रबंधक के दो पदों का सृजन वर्ष 2018-19 में बाजार से 19,184 करोड़ रुपये ऋण समेत अन्य स्तर से कुल 23 हजार 635 करोड़ रुपये ऋण के रूप में उगाही करने की स्वीकृति  राज्य की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्रों को केंद्रीय नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की फीस के समान ही मिलेगी छात्रवृत्ति.
बिहार आकस्मिकता निधि के स्थायी जमा फंड के रूप में 350 करोड़ रुपये को बढ़ाकर 7079 करोड़ करने का निर्णय . यह बढ़ोतरी 30 मार्च 2019 तक करनी है.
– बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड पटना जिले में कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसब्लियटी के तहत 3.75 करोड़ रुपये खर्च करेगा.
– राज्य की अलग-अलग जेलों में एक्स-रे टेक्नीशियन और लैब टैक्नीशियन के पदों के सृजन की अनुमति दी है.
 
स्लम आवास नीति, 2017 में संशोधन
कैबिनेट ने किफायती आवास और मलिन बस्ती (स्लम) पुनर्वास एवं पुनर्विकास आवास नीति- 2017 में संशोधन को स्वीकृति दी है.
इसके तहत सभी नगर निगम क्षेत्रों में आठ फ्लैट और 500 वर्गफुट से ज्यादा जमीन पर ही मल्टीस्टोरी भवन बनाने की अनुमति मिलेगी. एफएआर  (फ्लोर एरिया रेशियो) के अनुपात को 2.50 से बढ़ाकर 2.81 प्रतिशत कर दिया गया है. इसके अलावा इसमें एक शेल्टर फंड बनाने की भी मंजूरी दी गयी है. यह नयी व्यवस्था शहर में जीवनयापन करने वाले खासकर मलीन बस्ती में रहने वाले गरीबों को बेहद सस्ती दर पर आवास उपलब्ध कराने के लिए की गयी है.पुलिसकर्मियों के खिलाफ शराब तस्करी की शिकायत की जांच डीआईजी या आईजी ही करेंगे

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