बिहार देश का पहला राज्य जहा अपराध पर अंकुश के लिए थानों की स्केलिंग नीति लागू

0
14

नीतीश सरकार ने अपराध पर लगाम लगाने के लिए नयी पॉलिसी तैयार कर ली है। इस पॉलिसी के तहत थानेदारों की ग्रेडिंग व सीआर तैयार की गई है। जो थानेदार तय पॉलिसी के तहत तीन बार सजा पा चुके हैं उन्हें दागी माना गया है। वैसे थानेदारों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें मुख्य धारा से हटा दिया गया है। बिहार देश का पहला राज्य है जिसने अपराध पर अंकुश लगाने व अपराधियों पर नकेल कसने के लिए स्केलिंग नीति लागू कर दागी थानेदारों कर कार्रवाई शुरू कर दी है।सूबे के 386 दागी पुलिस कर्मियों की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा से हटाया जा रहा है। ऐसे पुलिसकर्मियों को थानों में जिम्मेवारी नहीं मिलेगी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गुप्तेश्वर पाण्डेय ने बताया कि पुलिस में माफियागिरी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो प्रदेश में शराब बेचवाएंगे, बालू के अवैध कारोबारियों का साथ देकर बालू बेचवाएंगे,अनुसंधान कार्य को प्रभावित करेंगे उन्हें सरकार नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि बिहार में सुशासन का राज्य है। राज्य सरकार के निर्देश पर पुलिसकर्मियों की स्केलिंग हो रही है। जो बिहर के हित में सिस्टम के तहत काम करेंगे उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा और जो सिस्टम को नुकसान पहुंचाएंगे या गलत काम करेंगे उन्हें दंडित किया जाएगा। डीजीपी ने बताया कि 386 पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गई है।अच्छे काम करने वाले 400 पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने की भी योजना तैयार हुई है।दरअसल प्रदेश में आम धारणा बन गई है कि यदि थाना सुधर जाएगा तो अपने आप अपराध पर लगाम लग जाएगा। थाने को अपने क्षेत्र के सभी अपराधियों की कुंडली रहती है और जब थाना गंभीरता से अपराधियों की कुंडली खंगालने लगेगी तो सभी अपराधी या तो जेल में रहेंगे या अपना शहर छोड़ कर भाग जाएंगे। लिहाजा राज्य सरकार अब थाने को ही दुरुस्त करने जा रही है। जाहिर है थान तभी दुरूस्त होगा जब थानेदार की नीयत व नीति ठीक रहेगी। थानेदार का इमानदार होना जरूरी है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर थानेदारों की स्केलिंग शुरू की गई है। तय मापदंड के तहत दागी व ईमानदार थानेदार तय किए जा रहे हैं। हाल ही में 386 थानेदारों को सरकार के तय मापदंड पर परफेक्ट नहीं माना गया। इन्हें मुख्यधारा से हटाया जा रहा है। ज्ञात हो कि पिछले महीनों खुद डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय ने थानों का औचक निरीक्षण किया। इनके पहले सूबे में आईएएस व आईपीएस की टीम ने राजधानी के 19 थानों का औचक निरीक्षण किया था। मौजूदा नीतीश सरकार ने अपराधों पर अंकुश लगाने की नयी पॉलिसी पर काम करना शुरू कर दिया है। इस नीति के तहत छुटभैये अपराधियों की नकेल कसने की योजना पर काम शुरू हो गया है। साथ ही जो भी अपराधी वेल लेकर घूम रहे हैं उन्हें जेल में भेजा जाएगा। आकलन के मुताबिक छूटभैये अपराधी ही गली मोहल्ले में माहौल खराब करते हैं। खासकर पुलिस ‘‘बेसिक ह्यूमन एलीमेंट’ का सहारा ले रही है। इस प्रक्रिया से सांप भी मर जाते हैं और लाठी भी नहीं टूटती है। इसी सिद्धांत पर आधारित पुलिस की ‘‘रोको-टोको’ नीति काम आएगी। सूत्रों के अनुसार पुलिस प्रशासन पूरे प्रदेश में थानों से उन अपराधियों की सूची मांगने जा रही है जिनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है पर वे सभी अपराधी थाने की मिलीभगत से छुट्टे घूम रहे हैं। डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय ने कहा कि जो भी अपराधी बेल पर हैं उनकी वेल रद्द करवाने की कार्रवाई की जाएगी।पुराना फंडा है कि यदि छोटे अपराध पर काबू पा लिया जाए तो बड़े अपराध अपने आप कंट्रोल हो जाएगा। अमरीकी गवर्नर रहे रुडियो गुलियानी का यह संदेश है। सूत्रों का कहना है कि कभी-कभी ‘‘बेसिक ह्यूमन एलीमेंट’ बड़े-बड़े हथियार पर भारी पड़ते हैं। पुलिस प्रशासन इस ‘‘बेसिक ह्यूमन एलीमेंट’ का इस्तेमाल करने पर जोर दे रही है। रोको-टोको इस बेसिक ह्यूमन एलीमेंट का अंग है। नक्सलियों से भी निपटने के लिए ‘‘बेसिक ह्यूमन एलीमेंट’ का प्रयोग किया जा रहा है। जिस सड़क या क्षेत्र को नक्सलियों से खतरे हैं वहां रात दिन पुलिस की गश्ती करने की रणनीति बनायी गई है। आने वाले चुनाव को देखते हुए सूत्रों के अनुसार नक्सलियों के बड़े इरादे को ध्वस्त करने के लिए ही अमेरिका व जर्मनी में प्रचलित गुप्त डिवाइस की तरह सूबे में डिटेक्टर मंगाए गए हैं। ‘‘लिनियर जंक्शन डिटेक्टर’ में ऐसी क्षमता है कि वह बम की गंध को सूंघकर छुपाये गए बम को पता लगा लेता है। इस डिटेक्टर यंत्र के आ जाने से बारूदी सुरंग को खोज निकालने में बड़ी मदद मिलेगी। ज्ञात हो कि आज दो हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।

यह भी पढ़े  लू लगने से औरंगाबाद में 30 नवादा में 12 लोगों की मौत,CM ने जताया दुख, चार-चार लाख रुपए मुआवजे का ऐलान

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here