बिहार के स्कूलों में साढ़े चौदह लाख फर्जी नामांकन पर सदन में हंगामा

0
161
PATNA - BIHAR VIDAN SAVA ME R . J . D VIDAK GAN APNA MANGO KO LAKAR PRADSHAN KARTA SATH ME TAJPRATAB YADAV

बिहार में साढ़े 14 लाख फर्जी दाखिला मामले की जांच शिक्षा विभाग के निदेशक करेंगे। जांच रिपोर्ट की विभाग के प्रधान सचिव समीक्षा करेंगे। राजद विधायक ललित यादव के अल्पसूचित प्रश्न पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट विधायकों की मांग पर विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने मंगलवार को सदन में यह निर्देश दिया। उनके निर्देश के तत्काल बाद शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने इसकी जांच करवाने की घोषणा की।बिहार विधानसभा में राजद विधायक ललित यादव ने अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से आरोप लगाया था कि सूबे में साढ़े 14 लाख फर्जी दाखिला का मामला आधार से पकड़ा गया। फर्जी नामांकन दिखलाकर प्रधानाध्यापकों द्वारा करोड़ों का गबन किया गया है। हालांकि शिक्षा मंत्री ने दावा किया कि बिहार में 14 लाख फर्जी दाखिला से संबंधित प्रकरण में कोई घोटाला या गबन नहीं हुआ है। उन्होंने ललित यादव के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यह सिर्फ आरोप है। किसी तरह का भुगतान छात्रों की उपस्थिति के आधार पर होता है। यहां ऐसी कोई बात ही नहीं है, लिहाजा कोई घोटाला नहीं माना जा सकता। राजद सदस्यों ने इसका विरोध किया और कहा कि जिनके ऊपर आरोप है, वैसे ही लोग यह रिपोर्ट दे रहे हैं। जब साढ़े 14 लाख फर्जी नामांकन पकड़ा गया तो स्वाभाविक है कि घोटाला किया गया है। ललित यादव ने तो मंत्री के जवाब को ही चुनौती दे दी। मंत्री ने कहा कि स्कूलों में 2 करोड़ 19 लाख 43 हजार 818 नामांकन किया गया था। सरकार के मापदंड का पालन कर इसे आधार से जोड़ा गया तो 2 करोड़ 4 लाख 83 हजार 913 नामांकन मिले। यह आंकड़ों के संकलन में परिवर्तन करने से हुआ। इसमें गबन या घोटाला नहीं। मंत्री के जवाब से नाराज विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष का आरोप था कि पूरे प्रदेश में इस तरह की गड़बड़ी हुई है और सरकार इस पर पर्दा डाल रही है। सदस्यों की बढ़ती नाराजगी के बाद विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने किसी वरीय अधिकारी से इसकी जांच कराने का सुझाव दिया। इसे सदस्य मानने को तैयार नहीं थे। इसके बाद अध्यक्ष ने निदेशक से जांच कराने की बात की विपक्ष प्रदान सचिव से जांच कराने पर अड़ा था। अध्यक्ष ने कहा कि निदेशक भी आईएएस हैं। हालांकि उन्होंने विपक्ष की बात मानते हुए निदेशक की जांच रिपोर्ट को प्रधान सचिव के स्तर पर समीक्षा करवाने का भी निर्देश दिया। श्री यादव ने कहा कि शिक्षा विभाग के जो लोग इस घोटाले में शामिल हैं उन्हीं की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा मंत्री जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में फर्जी नामांकन दिखाकर सरकारी योजनाओं की कराड़ों रुपये की राशि का गबन किया गया है। इसलिए दोषी प्रधानाध्यापकों समेत अन्य संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले की जांच सदन की कमेटी से कराई जानी चाहिए।

यह भी पढ़े  24 घंटे के भीतर बिहार के दो लाल शहीद, घर में पसरा मातम

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here