बिहार के मुख्य अस्पताल होंगे सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस

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केंद्रीय स्वास्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्वनी चौबे की पांच देशों की यात्रा अत्यंत सफल रही। इस दौरान पहली बार जहां बिहार में इन देशों से निवेश की संभावनाएं बढ़ी, वहीं बिहार के चिकित्सकों, नसरे, चिकित्सा सेवा से जुड़े अन्य लोगों, कलाकारों व योग और आयुव्रेद के विशेषज्ञों तथा आईटी प्रोफेशनलों के लिए विदेश जाने का मार्ग खुल गया।यात्रा के दौरान हांगकांग में इंडियन बिजनेस वतन की बैठक में प्रतिनिधियों से भारत में स्किल इंडिया के अंतर्गत कार्यक्रम चलाकर रोजगार देने का आग्रह किया गया और भारत में विशेषकर बिहार के भागलपुर और बक्सर में निवेश करने का आग्रह किया गया। हांगकांग में 6 महीने का योग और आयुव्रेद का कोर्स शुरू करने पर सहमति बनी जिसमें प्रशिक्षक भारतीय रहेंगे। भारतीय पासपोर्टधारी अप्रवासी भारतीय को मताधिकार देने का विचार करने का आश्वासन दिया गया। हिंदी में चिकित्सा की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और आयुव्रेद एवं योग सहित वैकल्पिक परंपरागत चिकित्सा व्यवस्था को बढ़ावा देने के बारे में सहमति बनी जिसमें भारत के मानव संसाधन दल सहयोग करेगा। तुवालू में विभिन्न स्तरों की बैठकों में स्वास्य इनफाम्रेशन टेक्नोलॉजी, सामुदायिक विकास शिक्षा सौर ऊ र्जा टेलीकम्युनिकेशन आदि क्षेत्रों में भारत द्वारा तुवालू को पूरी सहायता देने पर सहमति बनी। 66705 अस्ट्रेलियन डालर की सहायता चेक से दी गयी। भारत सरकार द्वारा तुवालु को दी जाने वाली वार्षिक सहायता राशि 200000 यूएस डलर को बढ़ाने पर सहमति बनी। भारत से तत्काल एक चिकित्सा दल भेजने का निर्णय लिया गया। न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान सरकारी अधिकारियों और अप्रवासियों भारतीयों के साथ बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि एक कार्य योजना बनाई जाए जिसके माध्यम से भारत के कलाकार और कारीगर न्यूजीलैंड में पारंपरिक चीजों के विकास में मदद करें। साथ ही न्यूजीलैंड भारत में कृषि, चिकित्सा, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन आदि क्षेत्रों में मदद करें। सिंगापुर में इस बात की सहमति बनी कि बिहार के प्रमुख मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ली कांग लियान स्कूल ऑफ मेडिसिन, नांयांग टेक्नोलॉजिकल टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी द्वारा एनाटमी की अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बिहार के आईटी प्रोफेशनल को सिंगापुर में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और बिहार में पूंजी निवेश किया जाएगा। केन्द्रीय मंत्री श्री चौबे ने पांच देशों के साथ बिहार और भोजपुर के मामले को उठाकर भारत का भावनात्मक संबंध प्रगाढ़ किया तथा इन सभी देशों में भारत की ओर से विभिन्न प्रकार की सहायता की बात कर उन सबको भारत के समर्थन की ओर मोड़ दिया। ये सभी पांच विकसित देश भारत में अत्याधुनिक चिकित्सा पद्धति में योगदान देने के लिए तैयार हुए वहीं कई देशों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बिहार से मानव संसाधन भेजने के नए अवसर का निर्माण भी किया। सिंगापुर और न्यूजीलैंड के अप्रवासी भारतीयों निवासियों को श्री चौबे ने भारत विशेषकर बिहार में निवेश के लिए आमंत्रित किया जिसके लिए उन्हें ठोस आश्वासन भी मिला। इन सभी 5 देशों में रह रहे भारतवंशियों के साथ श्री चौबे ने विशेष भावनात्मक संबंध जोड़ने की कोशिश की जिसमें वह सफल भी रहे।

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