बिहार का हरित आवरण 17 फीसद करना लक्ष्य : नीतीश

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Patna-Oct.26,2019-Bihar Chief Minister Nitish Kumar is delivering his lecture after foundation laying and inauguration programme of various schemes under Water-Life-Greenery scheme at Gyan Bhawan in Patna.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को जल-जीवन-हरियाली मिशन की शुरुआत की। साथ ही जल-जीवन-हरियाली पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, नंदकिशोर यादव, श्रवण कुमार, सांसद रामकृपाल यादव समेत कई लोग मौजूद थे। ज्ञान भवन में आयोजित कार्यकम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में हरित आवरण 15 फीसद तक हो चुका है। अभी तक 19 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। हरित आवरण का लक्ष्य रखा गया है। बाढ़, सूखे से निबटने के लिए सरकार काम कर रही है। बरसात में बाढ़ आने पर प्रभावित इलाकों का पानी नालंदा ले जाया जाएगा। गंगा का पानी चार महीनों तक भेजा जाएगा, जिससे पूरे साल पीने का पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य भर में हर कुएं का जीर्णोद्धार किया जाएगा और सार्वजनिक स्थलों पर लगे चापाकलों को ठीक कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि घर-घर में हमने बिजली पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि पानी के दुरूपयोग को रोकना होगा। अगर पानी का दुरूपयोग नहीं रोका गया, तो एक दिन भू-जल समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भू-जल को बचाने के लिए सरकार ने पेड़ लगाने पर जोर दिया है। कार्यकम में मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा कि सभी जिलों में 8500 जगहों पर एक साथ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस योजना के तहत तीन साल में 24 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च होंगे। अब तक तीन लाख कुओं को चिह्नित किया जा चुका है। चापाकलों के पास सोख्ता भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमें जल का संरक्षण और बिजली की बचत करनी होगी। सरकार के विभागीय कार्यालयों में रेन वाटर हाव्रेस्टिंग किया जाएगा। बाढ़ के दिनों में प्रभावित इलाकों का पानी दूसरे क्षेत्रों में ले जाने की योजना है। वैकल्पिक ऊ र्जा को बढ़ावा दिया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि मैं जिस विभाग का मंत्री हूं, उस विभाग में ज्यादा पेड़ कटाई होती है। सड़क निर्माण के लिए पेड़ की कटाई नहीं होगी। पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान भविष्य बनाने की योजना है। वर्ष 2030 तक पानी की मांग आज से दोगुनी हो जाएगी। पृवी पर पीने का पानी मात्र चार फीसद है। उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि इस वर्ष 1. 12 करोड़ पौधे अब तक लगाए जा चुके हैं। अगले वर्ष 2. 5 करोड़ पौधे लगाए जाने की योजना है। अगले तीन साल में 7 करोड़ 70 लाख पौधे लगाए जाएंगे।मुख्यमंत्री द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत करने के बाद सभी जिलों, प्रखंडों और पंचायत स्तर पर कम से एक योजना की शुरुआत हो गई। जल-जीवन-हरियाली मिशन के तहत नौ क्षेत्रों में काम होना है। सूबे के 12 विभागों को तीन साल में योजना को पूरा करना है। इस योजना पर 24,524 करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्ताव है। इस योजना के तहत 62,412 तालाब, आहर, पइन और पोखर का जीर्णोद्धार-निर्माण किया जाएगा। साथ ही 81,201 सार्वजनिक कुओं का भी जीर्णोद्धार होगा। कुएं के साथ-साथ चापाकल, नलकूप के किनारे सोख्ता या जल रिचार्ज का निर्माण भी कराया जाएगा। छोटी नदियों, नालों के अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में जल संग्रह के लिए चेकडैम एवं अन्य संरचनाओं का निर्माण कराए जाने के साथ-साथ 32,139 नए जल स्रेतों का सृजन किया जाएगा। 104922 रेन वटर हव्रेस्टिंग के साथ-साथ सात करोड़ 70 लाख पौधे ग्रामीण विकास विभाग और पर्यावरण विभाग द्वारा लगाए जाएंगे। जैविक खेती 60 हजार एकड़ में कराई जाएगी। साथ ही 43245 हेक्टेयर खेतों में ड्रिप सिंचाई से पटवन की व्यवस्था होगी। सरकारी भवनों पर तीन साल के दौरान 60 मेगावट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही निजी भवनों से तीन साल के दौरान 60 मेगावट बिजली उत्पादन किये जाने की योजना है।

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