बिना दहेज शादी करने वाले होंगे सम्मानित : नीतीश कुमार

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NISHCHEY AND SAMIKSHA YATRA KE ABSAR PER DHAKJARI,BENI PATTI MADHUBANI MEM LABHARTI KO CHAQUE DETE KERTE C M NITISH KUMAR
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बाल विवाह व दहेज प्रथा समाज के लिए अभिशाप है. इसके खिलाफ सशक्त अभियान चलायेंगे. इसका समाज पर असर पड़ेगा. शराबबंदी के खिलाफ समाज एकजुट हुआ तो इसका व्यापक असर दिख रहा है.  इसी प्रकार समाज से बाल विवाह व दहेज प्रथा को दूर करना है.
इसके खिलाफ तो कानून पहले से ही है, इसे एक अभियान के रूप में लेकर समाज से दूर करने के लिए सबको को आगे आना होगा. एक बार फिर हम सब मिलकर 21 जनवरी को दहेज प्रथा व बाल विवाह के खिलाफ मानव शृंखला बनायेंगे. वह शुक्रवार को धकजरी गांव के प्लस टू जगदीश हाईस्कूल में समीक्षा यात्रा के दौरान लोगों को संबोधित कर रहे थे. मौके उन्होंने बिना दहेज के शादी करनेवालों को सम्मानित करने का एलान भी किया
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2018 तक बिहार के सभी घरों में बिजली और हर घर में नल से जल और पक्की नाली से गांव का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली कनेक्शन ऑन डिमांड दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पांच नए मेडिकल कॉलेज और खोले जाएंगे। सामाजिक कुरीतियों को मिटाये बिना समाज में सही बदलाव नहीं आएगा। श्री कुमार ने कहा कि सूबे में शराब बंदी और नशामुक्ति के लिए जो अभियान चलाया जा रहा है, उसका चमत्कारिक असर दिख रहा है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को मधुबनी जिले के धकजरी-2 जगदीश उच्च विद्यालय परिसर में विकास समीक्षा यात्रा के तहत आम सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में अनुमंडल स्तर पर स्वास्य सुविधाएं, सड़क, पुल-पुलिया, विद्यालय भवन और विकास के लिए सरकार कटिबद्ध है। उन्होंने बाल विवाह व दहेज प्रथा के खिलाफ 21 जनवरी 2018 को विश्व का सबसे बड़ा मानव श्रृंखला बनाने की लोगों से अपील की। मुजफ्फरपुर संवाददाता के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी विकास समीक्षा यात्रा के क्रम में ‘‘बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों पर चोट करना जारी रखा। जिले के गायघाट प्रखंड में जारंग हाई स्कूल मैदान में शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने 460 करोड़ रुपये की 347 योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित आम सभा में मुख्यमंत्री ने लोगों को सामाजिक कुरीतियों को जड़ से मिटाने का संकल्प भी दिलवाया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों के रहते सामाजिक विकास कभी नहीं हो सकता। इसलिए समरस समाज बनाने के लिए इन कुरीतियों को मिटाना ही होगा। इस संकल्प की शुरुआत हमने शराबबंदी लागू कर की। एक वर्ष में शराबबंदी से पूरे बिहार का माहौल बदला है। समाज और परिवार में बदलाव आया। महिला सशक्तीकरण को बल मिला है। इसलिए सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाइये। समय बदलेगा और सफलता जरूर मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2009 में मैं विकास यात्रा के क्रम में गायघाट के जारंग गांव आया था और यहां की स्थिति देखी थी। आठ साल बाद गांव की वर्तमान स्थिति को देखकर संतोष हुआ है। अब प्रदेश में दहेज प्रथा और बाल विवाह के उनमूलन के लिए अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान को हमसब लोगों को मिलकर सफल बनाना होगा। उन्होंने उपस्थित लोगों से 21 जनवरी को शराबबंदी और नशामुक्ति के साथ-साथ बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ बनने वाली मानव श्रंखला को ऐतिहासिक बनाने की अपील की। प्रदेश में शुरू किये गये सरकार के कार्यक्रम ‘‘सात निश्चय’ को मुख्यमंत्री ने लोहिया की सप्तक्रांति और लोकनायक की सम्पूर्ण क्रांति का प्रतिरूप बताया और कहा कि उन महान नेताओं से प्रेरित होकर ही हमने योजना ‘‘सात निश्चय’ को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने जारंग पंचायत के बलुआहा वार्ड नम्बर 8 का भ्रमण कर वहां जमीन पर उतरी सात निश्चय योजनाओं को देखा तथा ग्रामीणों से मिलकर गांव में हुए विकास के बारे में पूछा। उन्होंने लोगों को शौचालय का ही इस्तेमाल करने की सलाह दी।
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