बिना आधार के अपील करने पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को लगाई फटकार

0
257

पटना : बिना आधार के अपील करने पर पटना उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की है। मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन व न्यायमूर्ति डॉ. अनिल कुमार उपाध्याय की पीठ ने सरकार की तरफ से पेश अधिवक्ता से कहा कि क्या अपील दाखिल किये जाने से पहले विधि विभाग से अनुमति लिया गया है। अधिवक्ता ने जवाब दिया कि पुलिस विभाग की तरफ से अपील दाखिल किया गया है।

पीठ ने कहा कि डीजीपी सरकार नहीं है, सरकार गृह विभाग है। किसी भी अपील को दाखिल करने का अधिकार विभाग के मुखिया को है। कोई भी अधिकारी आकर अपील दाखिल नहीं कर सकता। ऐसा हो तो पटवारी से लेकर हर अधिकारी अपील दाखिल करता रहेगा। पीठ ने कहा कि दूसरे राज्यों में कोई भी अपील दाखिल करने से पहले विधि विभाग से कानूनी परामर्श लिया जाता है और फिर विभाग की मुखिया की तरफ से अपील दाखिल किया जाता है। यहां बिना किसी से अनुमति लिये पुलिस विभाग की तरफ से अपील दाखिल कर दिया गया। पुलिस विभाग का डीजीपी सरकार नहीं है, सरकार गृह विभाग है। इसके मुखिया अपील दाखिल कर सकते हैं।

यह भी पढ़े  अवैध ढंग से चल रहे पैथोलॉजिकल लैब के खिलाफ क्या की कार्रवाई:पटना उच्च न्यायालय

पीठ ने कहा कि पुलिस विभाग की तरफ से अपील दाखिल करने को लेकर एक लाख रुपये का हर्जाना लगाते हैं और यह राशि अपील दाखिल करने का निर्देश देने वाले अधिकारी की वेतन से काटने का आदेश देते हैं। हर्जाने की राशि वे बिहार राज्य विधिक प्राधिकार में जमा करायें। अधिवक्ता ने कहा कि वे अपील वापस लेते हैं जिसकी उन्हें अनुमति दी जाय। पीठ ने उन्हें अपील वापस लेने की अनुमति दे दी और उसे निरस्त कर दिया। न्यायालय ने यह टिप्पणी राज्य सरकार बनाम अजय कुमार सिन्हा के मामले में किया।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here