बालिका गृह सेक्स स्कैंडल : मास्टरमाइंड ब्रजेश ठाकुर को भागलपुर शिफ्ट किया गया

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ब्रजेश पर काउंटर एफिडेविट फाइल करेगी सीबीआई

मुजफ्फरपुर बालिका गृह सेक्स स्कैंडल की जांच कर रही सीबीआई की सिफारिश पर इसके मास्टरमाइंड ब्रजेश ठाकुर को खुदीराम बोस सेंट्रल जेल से भागलपुर शिफ्ट कर दिया गया है. मुजफ्फरपुर जेल के अधीक्षक नीरज झा ने न्यूज18 को बताया कि गुरुवार देर रात एक बजे उसे भारी सुरक्षा के बीच भागलपुर जेल भेजा गया.

सीबीआई ने आशंका जताई थी कि मुजफ्फरपुर जेल में रहते हुए ठाकुर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सकता है.

राज्य सरकार ने इस पर गंभीरता से विचार किया और जेल आईजी ने इसे स्वीकार करते हुए मुजफ्फरपुर प्रशासन को शिफ्ट करने के आदेश दे दिए. ब्रजेश ठाकुर के अलावा उसके एनजीओ सेवा संकल्प एवं विकास समिति में काम करने वाली आठ महिलाएं, निलंबित चाइल्ड वेलफेयर ऑफिसर रवि रौशन, समाज कल्याण विभाग की निलंबित सहायक निदेशक रोजी रानी और ठाकुर का ड्राइवर विजय भी मुजफ्फरपुर जेल में बंद है.

ब्रजेश के अलावा बाकी आरोपियों को पटना के बेऊर जेल में शिफ्ट किया जा सकता है.

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टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टिस) की रिपोर्ट में शेल्टर होम में नाबालिग लड़कियों से रेप और मानिसक-शारीरिक यातना का खुलासा होने के बाद 27 मई को मुजफ्फरपुर के अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई थी और दो जून को ब्रजेश ठाकुर गिरफ्तार कर लिए गए.

तीन जून को जेल भेजने के पांच दिनों बाद ही अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए ब्रजेश ठाकुर कई गंभीर बीमारियों का बहाना बनाकर एसकेएमसीएच अस्पताल में भर्ती हो गया. यहां 17 दिनों तक ठाठ से रहने के बाद नए जेल अधीक्षक ने अस्पताल से रिपोर्ट मंगवाई और फिर उसे वापस जेल के मेडिकल वार्ड में शिफ्ट किया गया.

अगस्त में जब जेल में छापेमारी हुई तो ठाकुर के पास से एक डायरी बरामद हुई. इसमें लगभग 40 लोगों के नाम थे जिनसे वह संपर्क में था. इसी डायरी के सामने आने के बाद समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा को इस्तीफा देना पड़ा क्योंकि इसमें उनके पति चंद्रशेखर वर्मा ऊर्फ चंदेश्वर वर्मा का नाम आने की बात कही गई. हालांकि इसकी तस्दीक खुद ठाकुर ने मुजफ्फरपुर कोर्ट परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए की.

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26 जुलाई को सीएम नीतीश कुमार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की और 28 जुलाई से केंद्रीय एजेंसी ने जांच की जिम्मेदारी संभाल ली. सीबीआई अधिकारियों ने ठाकुर के बैकग्राउंड पर नजर दौडा़ने के बाद ही उसे जेल से शिफ्ट करने की सिफारिश की.

ब्रजेश पर काउंटर एफिडेविट फाइल करेगी सीबीआई

मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के किंगपिन ब्रजेश ठाकुर पर बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट ने सीबीआई को काउंटर एफिडेविट फाइल करने को कहा है। इस दौरान ब्रजेश ठाकुर की जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई। ब्रजेश ठाकुर के अधिवक्ता ने बताया कि उनके खिलाफ पुलिस और सीबीआई की ओर से आरोप पत्र दाखिल किया है लेकिन संज्ञान नहीं हुआ है। इसके बाद भी वे पिछले 90 दिनों से जेल में हैं।जबकि सीबीआई के अधिवक्ता का कहना था कि यह मामला पहले बिहार पुलिस के जिम्मे था। जांच जारी है, लिहाजा जल्द ही सीबीआई संज्ञान लेगी। गौरतलब है कि तीन जून से बालिका गृह कांड में बृजेश ठाकुर जेल में है। इस दौरान बिहार पुलिस ने आरोप-पत्र किया मगर संज्ञान नहीं लिया। बिहार पुलिस के बाद मामले पर जांच कर रही सीबीआई ने भी अब तक इस पर मामले संज्ञान नहीं लिया। जिस पर न्यायाधीश एस. कुमार ने सीबीआई को काउंटर ऐफिडेविट फाइल करने को कहा। मामले पर अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी।

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