फीफा वर्ल्ड कप फुटबॉल…. चैम्पियन का इंतजार

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फुटबॉल का महाकुंभ शुरू होने वाला है. सारा विश्व इस खेल महोत्सव के 21वें संस्करण में अपनी आहुति देने को अपनी-अपनी तरह से तैयार हैं. इस विश्व कप के लिए 209 देशों ने क्वालीफाई करने के लिए विभिन्न स्पर्धाओं में भाग लिया. विश्व फुटबॉल के शीर्ष पर रहने वाले अधिकांश देश अंतिम 32 टीमों में आ गए. लेकिन कुछ अप्रत्याशित रूप से क्वालीफाई नहीं कर पाए. जो इस बात की ओर इंगित करता है कि इस खेल में भले ही किसी देश की आबादी कितनी ही कम हो, विश्व स्तर पर वह अपने जज्बे और इस खेल में तरक्की के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगा देता है. भले ही उनके पास बडे देशों के खिलाड़ियों की भांति सुविधाएं न हो, लेकिन फिर भी उनकी खेल दक्षता सबको चौंका देती है. सबको इंतजार है कि रूस में आयोजित होने वाले इस वर्ल्ड कप में कौन सा देश विश्व के सबसे लोकप्रिय खेल का सिरमौर बनता है.

प्रमुख देशों ने किया क्वालीफाई, कुछ रह गए
गत विजेता जर्मनी, उपविजेता अर्जेंटीना व चौथे स्थान पर रहने वाली ब्राजील के अतिरिक्त पुर्तगाल, पॉलैंड, बेल्जियम, स्पेन, फ्रॉंस, इंग्लैंड, मैक्सिको, उरूग्वे जैसे विश्व के शीर्ष देश अपने-अपने क्षेत्र से क्वालीफाई करने में सफल रहे. यही प्रमुख टीमें हैं जिनमें से कोई एक विश्व चैम्पियन बन सकता है. सबसे आश्चर्यजनक रहा चार बार के वर्ल्ड चैम्पियन ईटली का इस विश्व कप में क्वालीफाई न कर पाना. यूरोप के इस धाकड देश से किसी को भी आशा नहीं थी कि वह यूरोप से क्वालीफाई होने वाले 13 देशों में अपना स्थान नहीं बना पाएगा. जो विश्व कप क्वालीफाईंग की सबसे बडी घटना बनके सामने आई. तीन बार की उपविजेता व गत विश्व कप की तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम हॉलैंड भी अपने आप को अंतिम 32 टीमों में लाने में नाकामयाब रही. इटली व हॉलैंड जैसे दिग्गज देशों का इस विश्व कप में न खेल पाना कितना असर दिखाएगा ये विश्व कप के दौरान पता चलेगा. इनके अलावा चार ऐसे देश जो अपने अपने क्षेत्र में चैम्पियन हैं, 2017 के अफ्रीका कप की चैम्पियन कैमरून, दो बार की कोपा-अमेरिका की चैम्पियन व 2017 के कॉन्फेडरेशन कप की चैम्पियन चिली, 2016 के आसियाना कप की चैम्पियन न्यूजीलैंड और 2017 के मध्य अमेरिका व कैरेबियन कप की चैम्पियन अमेरिका प्रमुख है. इनके अतिरिक्त घाना व आईवरी कोस्ट भी क्वालीफाई नहीं कर सके.

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कुछ पहली बार और कुछ की वापसी
आईसलैंड और पनामा जैसे देशों ने अपनी अच्छी तरक्की के साथ पहली बार विश्व कप फुटबॉल में जगह बना ली है. आईसलैंड इस विश्वकप में भाग लेने वाले सभी देशों में सबसे कम जनसंख्या वाला देश है. जिसकी आबादी साढ़े तीन लाख से भी कम है. लेकिन विश्व कप फुटबॉल के 21वें संस्करण में उसने अपनी आमद दे दी है. पूर्णतः साक्षर देश के रूप में आईसलैंड को पहचान मिलती है. हैण्डबाल इस देश का राष्ट्रीय खेल है, जिसमें वह 2008 में बीजिंग ऑलम्पिक में आईसलैंड रजत पदक जीत चुका है. 2014 के विश्व कप के क्वालीफाईंग स्टेज तक आईसलैंड पहुॅच चुका था, किन्तु क्रोएशिया ने उसके फुटबॉल विश्वकप में खेलने के उसके सपने को तोड दिया था. 2016 के यूरो कप में पहली बार क्वालीफाई करने के बाद आईसलैंड ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के क्वार्टर फायनल तक का सफर तय कर सबको चौंका दिया था. वहीं 2018 के विश्वकप क्वालीफाईंग मुकाबलों में नीदरलैंड को दो बार हराकर फुटबॉल में अपनी तरक्की को साबित किया था. दूसरा देश पनामा जो पहली बार विश्वकप में खेलेगा. पिछले विश्वकप में बहुत नजदीकी अंतर से वे क्वालीफाई नहीं कर सके. अमेरिका के विरूद्ध निर्धारित समय में पनामा 2-1 से आगे था और उसका विश्वकप में खेलने का सपना पूरा होने वाला ही था. लेकिन स्टॉपेज टाईम में अमेरिका ने 2 गोल कर 3-2 से यह मुकाबला जीतकर पनामा को 4 साल तक और इंतजार करने को कह दिया. 28 वर्षों के बाद मिस्र, 36 वर्षों के बाद पेरू व सेनेगल की इस विश्व कप में वापसी हुई है.

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किसी ने नहीं लगाई जीत की हैट्रिक
1930 से उरूग्वे से प्रारंभ हुए विश्वकप में आज तक कोई भी देश लगातार तीन बार विश्व कप जीतकर हैट्रिक नहीं बना पाया है. 1934 व 1938 में सबसे पहले ईटली तथा 1958 व 1962 में ब्राजील ने लगातार दो बार बार विश्वकप की ट्रॉफी हासिल की है. ब्राजील ने 5 और जर्मनी व ईटली ने 4-4 बार विश्व कप जीतने का गौरव अपने देशवासियों को दिलाया है. हालांकि जर्मनी ने 8 बार फायनल खेला है और 7 बार ब्राजील फायनल में पहुंचा है. 4 बार का विश्व विजेता ईटली इस बार विश्व कप में नजर नहीं आयेगा. उरूग्वे, ईटली, इंग्लैंड, जर्मनी, अर्जेन्टीना, फ्रॉंस ऐसे मेजबान रहे हैं जिन्होंने अपनी मेजबानी में विश्वकप पर अपना कब्जा किया था. हालांकि पिछले चार विश्वकप मे कोई भी मेजबान अपने घर में चैम्पियन नहीं बन पाया है. मेजबान रूस के प्रदर्शन को देखा जाये तो उसे भी खिताब के दावेदार के रूप में नहीं देखा जा रहा है.

इन टीमों पर रहेगी मुख्य नजर
गत विजेता जर्मनी को खिताब के प्रबल दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है. चार विश्व कप अपने नाम पर करने वाला यह देश इस समय अच्छे फार्म में है. 2016 के रियो आलंपिक में रजत पदक, 2017 के कन्फेडरेशन कप के चैम्पियन के तौर पर जर्मनी का प्रदर्शन अच्छा चल रहा है. इसी अच्छे अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन की बदौलत जर्मनी फीफा वर्ल्ड रैंकिंग में पहले स्थान पर है. ब्राजील और फुटबॉल विश्वकप हमेशा ही एक-दूसरे के पूरक रहे है. सारे विश्व के फुटबॉल प्रेमी जानते हैं कि इस में ब्राजील का क्या ओहदा है. हमेशा ही ब्राजील को खिताब का सबसे प्रबल दावेदार के रूप में देखा जाता है.

1930 में जब से विश्वकप का पहला संस्करण खेला गया है, तब से ब्राजील अनवरत विश्वकप में खेला है. अपने देश में सम्पन्न 2016 के रियो आलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इस विश्वकप में आलंपिक चैम्पियन के तमगे के साथ ब्राजील खेलने उतरेगा. फ्रॉस और अर्जेन्टीना के साथ ब्राजील वह देश है जिसने विश्व फुटबॉल संस्था फीफा के तीन महत्वपूर्ण खिताब जीते हैं. ये हैं विश्वकप, कन्फेडरेशन कप और आलंपिक. ब्राजीली खिलाड़ियों को खेल विश्वकप का सबसे बडा आकर्षण है और रहेगा. पिछले विश्वकप में उनके स्टॉर खिलाडी नेमार के चोटिल होने के कारण ब्राजील फायनल में नहीं पहुंच सका था. लेकिन ऐसे कई दिग्गज खिलाड़ियों की फौज ब्राजील के साथ हमेशा रही है. देखना होगा रूस में ब्राजील के फुटबॉल का कितना जादू चलता है. 1950 से 1970 तक आयोजित 5 विश्व कप में से ब्राजील ने तीन में खिताबी जीत दर्ज की तथा एक में वह उपविजेता बना.

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एक टीम है अर्जेंटीना सबको चौकाने का माद्दा रखती है.1930 के पहले विश्वकप के फाइनल के साथ कुल पांच विश्वकप के फाइनल खेली है, जिसमें से दो वह विश्व चैम्पियन बनी. 1986 में जब डियेगो मेराडोना ने अपने खेल से फुटबॉल के दीवानों के दिलों में जगह बनाई, तब किसी ने भी यह नहीं सोचता था कि यह टीम फायनल में भी पहुंच सकेगी. लेकिन मेराडोना का जादू ही था, जिसने सबको अपने खेल का दीवाना बना दिया. एक तरफ पूरी टीम को एक तरफ मेराडोना. अपनी फिटनेस, कला, चपलता-फुर्ती तथा निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता के दम पर 1986 का पूरा विश्वकप मेराडोना के इर्द-गर्द घूमता रहा. क्रिस्टियानो रोनाल्डो वर्तमान समय में विश्व फुटबॉल के घूमकेतू है. पुर्तगाल को उन पर बहुत भरोसा है कि इस विश्वकप में उनकी अगुवाई में चमत्कारिक प्रदर्शन करे. हालांकि पुर्तगाल कभी भी विश्वकप के फायनल में नहीं पहुंचा है. लेकिन अपने अद्भुद खेल से सबको चमत्कृत करने वाली क्षमता रखने वाले रोनाल्डो रूस में क्या कमाल करते हैं, इसका इंतजार रहेगा. हॉलैंड, फ्रांस व स्पेन भी खिताब की दावेदारों में शामिल हैं. अभी तक आठ देशों ने विश्व कप का खिताब जीता है. इन्तज़ार है तो बस….. अगले चार वर्षों तक विश्व चैम्पियन कहलाने वाली टीम का.

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