फिर हुए ‘नोटबंदी’ जैसे हालात! कई राज्यों के ATM खाली

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देश के कई राज्यों में कैश की किल्लत की खबरें हैं. कई छोटे शहरों में एटीएम खाली हैं और बाहर ‘नो कैश’ का बोर्ड लगा है. उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार, गुजरात, झारखंड और मध्यप्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में एटीएम में कैश न होने की शिकायत आ रही हैं. कुछ लोगों का कहना है कि उनके इलाके में नोटबंदी जैसे हालात दिखने लगे हैं.

दिल्ली की कई जगहों पर भी एटीएम में कैश की किल्लत है. दिल्ली के शकरपुर, लक्ष्मीनगर, रोहिणी जैसे इलाकों में लोगों को एटीएम में पैसे नहीं मिल रहे हैं. उधर मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर के लोगों का दावा है कि एटीएम खाली हो गए हैं. बता दें , दिल्ली के शकरपुर और लक्ष्मीनगर के 80 % ATMs में कैश नादारद हैं. ग्राहक दावा कर रहे हैं कि बैंक की ब्रांच से भी नकद पैसे मिलने में दिक्कत हो रही है.

क्यों खाली है ATM?
कैश को लेकर दिक्कत क्यों हो रही है इसको लेकर रिजर्व बैंक ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. जानकारों का मानना है कि बैंक में कैश डिपॉजिट का फ्लो बहुत कम हो गया है. कहा जा रहा है कि बैंक शाखाओं और करंसी चेस्ट में भी 2000 रुपये के नोटों की सप्लाई लगातार कम हो रही है. आरबीआई ने नोटबंदी के बाद करीब 7 लाख करोड़ रुपये से मूल्य के 2000 रुपये के नोट जारी किए थे.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा ये साजिश है
सोमवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैश की कमी के पीछे साजिश की आशंका जताई. उन्होंने कहा, ”कुछ लोग 2,000 के नोट दबाकर नकदी की कमी पैदा करने की साजिश रच रहे हैं. जब (नवंबर 2016 में) नोटबंदी हुई थी तब 15 लाख करोड़ रुपये के नोट बाजार में थे और आज साढ़े 16 लाख करोड़ के नोट छापकर बाजार में भेजे गये हैं. लेकिन 2-2 हजार के नोट कहां जा रहे हैं, कौन दबाकर रख रहा है, कौन नकदी की कमी पैदा कर रहा है. ये षड्यंत्र है

पटना : सोमवार  को शहर के लगभग 90 फीसदी एटीएम कैशलेस दिखे. अधिकांश एटीएम सेंटर्स के आगे  कैश नहीं की तख्ती लटकी मिली. लोग एटीएम से निराश लौट रहे थे.
कैश न होने  की तख्ती सार्वजनिक  व निजी दोनों तरह के बैंकों में लटकी मिली. कुछ एक एटीएम जहां पैसे निकल रहे थे, वहा लंबी कतारें देखने को मिलीं. शहर में पिछले तीन सप्ताह से एटीएम में नकदी का संकट बना हुआ है, जो मंगलवार को चरम पर पहुंच गया. बैंक प्रबंधकों की मानें, तो रिजर्व बैंक से मांग के अनुसार नोट नहीं मिल पाने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है.
पटना जिले  में कुल 1454 एटीएम सेंटर्स हैं. ज्ञात हो कि एटीएम में नकदी की किल्लत को  लेकर वित्त मंत्रालय ने शनिवार को भारतीय रिजर्व बैंक से स्थिति की समीक्षा  करने और इस समस्या का समाधान निकालने को कहा था. लेकिन दो दिन बाद भी  लोगों को एटीएम से कैश नहीं मिला. प्रभात खबर ने सोमवार को वित्त मंत्रालय  के आदेश के बाद एटीएम का जायजा लिया.
बैंकों में नहीं मिल रही पर्याप्त नकदी: पटना सहित सूबे के अन्य जिलों के बैंकों में नकदी खास कर बड़े नोटों की किल्लत होने लगी है. शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र, बैंकों में पर्याप्त मात्रा में नकदी नहीं मिल रही है.
फिलहाल लगभग सभी बैंक सुनियोजित तरीके से अपने ग्राहकों को 10, 20, 50, 100 व 200 रुपये जैसे छोटे नोट थमा रहे हैं. बैंक अधिकारियों की मानें, तो ग्राहक ज्यादा रुपये निकाल रहे हैं और उस अनुपात में बैंकों में रुपये जमा नहीं हो रहे हैं. ऊपर से आरबीआई की तरफ से पर्याप्त नकदी नहीं मिलने की वजह से ऐसी स्थिति बनी है. वहीं रिजर्व बैंक के अधिकारी इससे इन्कार करते हैं और कहते हैं कि बैंकों को हर मूल्य के नोटाें की सप्लाई हो रही है. इन सब के बीच आम आदमी परेशान हो रहा है.
सुबह 10:30 बजे, बोरिंग रोड चौराहा
आईसीआइसीआई  बैंक के एटीएम से लोगों को पैसे मिल रहे थे लेकिन एक एटीएम से 10 हजार और  दूसरे एटीएम से केवल चार हजार रुपये ही मिल रहे थे.
गार्ड ने बताया कि एक  एटीएम में 500 व 100 रुपये के नोट हैं तथा दूसरे एटीएम में केवल सौ रुपये  के नोट हैं. वहीं आईडीबीआई के एटीएम सेंटर्स में लगी दोनों मशीनों पर नो कैश की तख्ती रखी थी. यहां तैनात गार्ड ने बताया कि दो दिन से कैश नहीं है.  एजेंसी को फोन किया गया है. ओरियंटल बैंक ऑफ काॅमर्स का एटीएम खाली पड़ा  था.
12 बजे दोपहर सहदेव महतो मार्ग
इस इलाके में लगी 11 एटीएम में  से दो एटीएम से ही लोगों को पैसे मिल रहे थे. स्टेट बैंक (3), आईसीआईसीआई  (2) , एचडीएफसी, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक (2) के एटीएम  में कैश नहीं था. केवल कोटक महिंद्रा और केनरा बैंक के एटीएम ने लोगों काे  सहारा दिया.
1 बजे दोपहर डाकबंगला चौराहा
यहां बैंक ऑफ बड़ौदा,  पंजाब एंड सिंध बैंक और एक्सिस बैंक के एटीएम में कैश नहीं होने के कारण  लोग निराश होकर लौटने को मजबूर थे. लोगों ने बताया कि पंजाब एंड सिंध बैंक  एटीएम तो पिछले तीन दिनों से बंद है. बैंक ऑफ बड़ौदा के गार्ड के मुताबिक रविवार से ही कैश नहीं है. इससे आम लोगों को एटीएम का चक्कर लगाना पड़ रहा है.
1:30 बजे दोपहर इनकम टैक्स गोलंबर
संग्रहालय परिसर में लगी स्टेट बैंक एटीएम पर कैश नहीं है की तख्ती रखी  थी. तारामंडल परिसर में लगी यूको बैंक एटीएम से कैश निकल रहा था. वहीं, स्टेट बैंक के एटीएम में दो दिन से कैश नहीं होने की जानकारी गार्ड ने दी.
2 बजे दोपहर श्रीकृष्ण नगर
दो  बजे तक यूनाइटेड बैंक आॅफ इंडिया एटीएम का आज शटर तक नहीं उठा था. जबकि  स्टेट बैंक और बैंक ऑफ इंडिया में कैश नहीं था. लोगों को देख गार्ड बता रहा  था कि कैश नहीं है.
2.15 बजे दोपहर पाटलिपुत्र काॅलोनी
स्टेट  बैंक के एटीएम का शटर गिरा था. लोग शटर उठने का इंतजार कर रहे थे. लोगों  ने बताया कि गार्ड ने कहा है कि थोड़ी देर में कैश वैन आ जायेगा. पैसा लेना  है तो कुछ देर इंतजार कर लीजिए. इससे सटे सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंडिया  में कैश नहीं था. यहां न तो सुरक्षा गार्ड तैनात था और न कोई ग्राहक ही.
3 बजे अपराह्नबोरिंग रोड
बोरिंग  रोड में लगी देना बैंक एटीएम का शटर आधा गिरा था. वहीं एएन काॅलेज के गेट  पर लगी पंजाब नेशनल बैंक और स्टेट बैंक के एटीएम में नो कैश का बोर्ड लगा  था. गार्ड ने बताया कि रविवार से ही कैश नहीं है. फोन किया गया है लेकिन  अभी तक कोई नहीं आया है.
4 बजे अपराह्न मीठापुर बस स्टैंड रोड
इस रोड में लगभग दस एटीएम हैं लेकिन किसी एटीएम में कैश नहीं  था. इंडियन बैंक, यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक के एटीएम का शटर तक नहीं उठा.  स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक, पीएनबी, आईसीआइसीआई, बैंक ऑफ इंडिया में कैश नहीं होने से लोग परेशान रहे.
जल्द समाप्त हो जा रहे हैं एटीएम के कैश
जानकारी के अनुसार बैंक के पास जमा से जो 2000 रुपये के नोट आ रहे हैं, उन्हें अधिक से अधिक एटीएम में डालने का प्रयास किया जा रहा है. ताकि एटीएम से अधिक-से-अधिक कैश मिल सके. स्टेट बैंक ने अपने कुछ एटीएम में 2000 रुपये के नोटों के करेंसी कैसेट्स को 500 रुपये के नोटों के लिए रीकैलिब्रेट किया है, ताकि एटीएम में ज्यादा कैश रखा जा सके. लेकिन यह व्यवस्था भी ध्वस्त-सी हो गयी है. एटीएम में छोटे नोट डाले जाने के कारण कम समय में रुपये समाप्त हो जा रहे हैं.
2000 रुपये के नोटों की कमी
पिछले दो सप्ताह में 2000 के नोटों की कमी अा गयी है. रिजर्व बैंक के अधिकारी ने कहा कि सौ रुपये का पुराना स्टॉक नहीं है.  अधिकारी ने स्वीकार किया कि पिछले दो-तीन सप्ताह से मांग के अनुसार नोटों की सप्लाई नहीं की जा रही है. 500 रुपये के नोटों की पुन: छपाई 16 अप्रैल से शुरू होने की संभावना है़  इसके बाद कैश का संकट नहीं होगा.
झारखंड
झारखंड में छोटे और बड़े शहर दोनों जगह एक जैसे हालात है. राजधानी रांची में कैश को लेकर चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल है. स्थानीय लोगों को कई एटीएम का चक्कर काटने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. रांची में करीब 750 एटीएम हैं, लेकिन हर जगह एक जैसे हालात हैं. जमशेदपुर के लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. पटना में स्थित रिजर्व बैंक की रीज़नल हेडक्वार्टर से बिहार और झारखंड के एटीएम को कैश पहुंचाया जाता है. लेकिन यहां बड़े करेंसी की कमी के चलते बाक़ी एटीम में कैश नहीं है.मध्यप्रदेश
राजधानी भोपाल में तो कैश को लेकर कोई दिक्कत नहीं है लेकिन दूसरे शहरों से लगातार शिकायतें आ रही है. सागर, दामोह, छतरपुर और तिकमगढ़ ज़िलों से लोग खासे परेशान हैं. यहां के लोगों का कहना है कि पिछले एक हफ्ते से बैंक के एटीएम खाली हैं. सागर ज़िले के कुल 140 एटीएम में से 125 खाली हैं.

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गुजरात
गुजरात में लोग पिछले एक हफ्ते से परेशान हैं. यहां के लोगों का कहना है कि सिर्फ 30 से 40 फीसदी एटीएम में पैसे हैं. घंटों चक्कर काटने के बाद भी लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है.

उत्तराखंड
उत्तराखंड में ऋषिकेश-बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे पर स्थित कई शहरों के एटीएम खाली हैं. श्रीनगर, देवप्रयाग, ऊखीमठ और रूद्रप्रयाग में लगभग सभी बैंकों के एटीएम या तो बंद हैं या उनमें कैश नहीं हैं.

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