प्लास्टिक और थर्मोकोल से बने ग्लास व प्लेट का प्रयोग नहीं करें : उपमुख्यमंत्री

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उपमुख्यमंत्री सह पर्यावरण व वन मंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि 05 जून के प्रभाव से पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान, इको पार्क व वन विभाग के अधीन अन्य पाकरे तथा संरक्षित स्थानों पर 50 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक बैग व थर्मोकोल से बने सामान के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी गयी है। पटना के 100 बड़े स्टोर, मॉल व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साथ बैठक कर उन्हें वनटाइम यूज वाले प्लास्टिक व थर्मोकोल के सामानों की बिक्री नहीं करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।विश्व पर्यावरण दिवस समारोह 2018 को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कागज, जूट, कपड़े आदि के थैले के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जायेगा। इसके अलावा सरकारी कार्यक्रमों, बैठकों आदि में भी प्लास्टिक के पानी के बोतल व थर्मोकोल से बने सामानों का इस्तेमाल नहीं किया जायेगा। श्री मोदी ने कहा प्लास्टिक के पाउच व बोतल आदि के रीयूज को बढ़ावा देने के लिए निर्माताओं व विक्रेताओं को ठनल ठंबा स्कीम शुरू करने के लिए प्रेरित किया जायेगा। सुधा डेयरी व वाटर बोतल पैकेजिंग करने वालों से सरकार अपील करेगी कि वह अपने बूथ व स्टोर के जरिये पाउच व बोतल को वापस खरीद कर उसका दुबारा उपयोग करें। प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन के तौर पर बिहार की निर्माणाधीन सड़कों में उसका उपयोग शुरू कर दिया गया है। केन्द्र सरकार ने तय किया है कि 2022 तक भारत को सिंगल यूज प्लास्टिक के कचरे से मुक्त करना है। महाराष्ट्र सहित करीब आधे दर्जन राज्य सरकारों ने 50 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक के उपयोग को प्रतिबंधित कर दिया है। अन्य राज्यों के अनुभवों के आधार पर बिहार में भी आने वाले दिनों में प्लास्टिक व थर्मोकोल से बनी सामग्री पर प्रतिबंध लगाने पर सरकार विचार करेगी। श्री मोदी ने आम लोगों से अपील की कि वे शादी-विवाह व अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में प्लास्टिक व थर्मोकोल से बने ग्लास,प्लेट, कटोरे, चम्मच आदि का इस्तेमाल नहीं करें तथा किराना व सब्जी आदि की खरीदारी के लिए कागज, कपड़े, जूट आदि के थैले का प्रयोग करें।

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