प्रधानमंत्री ने सूबे की 10 चुनावी सभाओं से 40 सीटों को साधा निशाना

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश की 40 सीटों के लिए यहां कुल 10 चुनावी सभाएं कीं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के सिलसिले में प्रदेश में 2 अप्रैल को जमुई से उनकी चुनावी सभाएं शुरू हुई थीं और 15 मई को उन्होंने पालीगंज से अपनी चुनावी सभा को विराम दिया। 40 सीटों के लिए किसी प्रधानमंत्री के लिए 10 मैराथन चुनावी सभाएं दर्शाती हैं कि बिहार का चुनाव एनडीए के लिए कितना महत्वपूर्ण है।बिहार का मौजूदा लोकसभा चुनाव इस मायने में भी देश के सभी प्रदेशों से अधिक महत्वपूर्ण है कि यहां अगले वर्ष विधानसभा का भी चुनाव होना है। जाहिर है चुनाव परिणाम का असर अगले विधानसभा चुनाव पर भी पड़ेगा। लिहाजा सत्ताधारी एनडीए के नेताओं ने मौजूदा लोकसभा चुनाव जीतने के लिए एड़ी चोटी एक कर दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहली चुनावी सभा जमुई व गया में हुई थी। इसके बाद भागलपुर,अररिया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, वाल्मीकिनगर, बक्सर व सासाराम में चुनावी सभाएं हुईं। आज उनकी आखिरी सभा पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पालीगंज विधानसभा क्षेत्र में हुई। इस तरह प्रदेश की 40 सीटों के लिए 10 चुनावी सभाएं कर पीएम ने अपना 25 फीसदी समय बिहार में दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोजपा उम्मीदवार चिराग पासवान के समर्थन में चुनाव प्रचार की शुरुआत कर केन्द्रीय राज्यमंत्री रामकृपाल यादव के समर्थन में पालीगंज में चुनावी संबोधन कर बिहार में अपने चुनाव प्रचार को विराम दिया। अपने आखिरी संबोधन में जनता से एनडीए को जिताने की अपील की। साथ ही यह भी कहा कि वह जीतकर बिहार में आएंगे और बिहार के विकास के लिए सौगात देंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सभी भाषणों में अमूमन राष्ट्रीय सुरक्षा, राष्ट्रवाद व आतंकवाद के मुद्दे के साथ विकासात्मक कायरे का प्रमुखता से जिक्र रहा है। साथ ही बिहार में उन्होंने अपने सभी भाषणों में विरोधियों को महामिलावटी की संज्ञा देकर उन्हें जमकर लपेटा है। पालीगंज की सभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजद व लालू परिवार को घेरा। भाषण का सार है कि बिहार की जनता व एक विशेष जाति ने राजद को सत्ता की दहलीज तक पहुंचाया पर लालू परिवार ने उस खास जाति के लिए कुछ भी नहीं किया। केवल जाति विशेष के कंधे का इस्तेमाल कर अपने लिए संपत्ति अर्जित की। श्री मोदी ने यहां पाटलिपुत्र और पटना साहिब संसदीय क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ये जितने भी महामिलावटी हैं, वे घोर नकारात्मकता के साथ चुनाव लड़ रहे हैं और उनके पास दो ही मुद्दे हैं मोदी की छवि खराब करो और मोदी को हटाओ। महामिलावटी लोग दिल्ली में एक मजबूर सरकार का सपना पाले हुए हैं लेकिन उनकी उम्मीदों पर देश की जनता ने पानी फेर दिया है। महामिलावटी लोगों ने निजी स्वार्थ को सवरेपरि रखा। ये महामिलावटी जिन पदों पर गए उसे लालची नजरों से देखा ताकि उन्हें जनता को लूटने का अवसर मिल सके । इन महामिलावटी लोगों ने अपने और अपने परिवार के स्वार्थ को राष्ट्र की सुरक्षा और गरीबों के हित से भी ऊपर रखा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजद व लालू परिवार का नाम लिए बगैर कहा कि इन लोगों ने अपने आसपास की दीवार इतनी ऊंची कर ली है कि अब इन्हें गरीबों का दर्द दिखाई नहीं देता है। गरीबों की परेशानी को ये भूल चुके हैं। उन्होंने कहा कि गरीबों की सैकड़ों एकड़ जमीन हड़पने के बाद ये लोग जमीन से पूरी तरह कट चुके हैं। इनकी आंखें आज भी चोरी का माल तलाशने के लिए खुलती हैं। जैसे ही मौका मिलता है वे उस माल को लूटने में लग जाते हैं। बिहार की जनता ही फैसला करे कि इन लोगों ने राज्य को बदनामी के अलावा और क्या दिया है। पालीगंज की चुनावी सभा में मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान, रविशंकर प्रसाद, राधामोहन सिंह, गिरिराज सिंह, प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय,सतपाल महाराज, राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा, देवेश कुमार,चंदेश्वर प्रसाद चन्द्रवंशी समेत तमाम नेताओं ने तालियों की गड़गड़हाट के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2019 के चुनाव के आखिरी संबोधन का अभिवादन किया।

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