प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज झारखंड की धरती से देश को देंगे 3 योजनाओं सहित नवनिर्मित नए विधानसभा भवन का मिलेगा सौगात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक दिवसीय दौरे पर रांची पहुंच रहे हैं। वे बिरसा की धरती से एक बार फिर केंद्र की तीन महत्‍वाकांक्षी योजनाओं का देशभर में शुभारंभ कर रहे हैं। गुरुवार को पीएम मोदी राज्य की जनता को झारखंड विधानसभा के नए भवन और साहिबगंज के मल्टी मॉडल टर्मिनल (बंदरगाह) का उद्घाटन कर विशेष तोहफा दे रहे हैं। पीएम सुबह 10:30 बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिन के 11 बजे रांची पहुंचेंगे. दिन के 11.30 बजे नवनिर्मित झारखंड विधानसभा का उद्घाटन करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी का जगन्नाथ (प्रभात तारा) मैदान में आगमन करीब 12 बजे होगा. यहीं से देश को तीन योजनाओं की सौगात देंगे. कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री साहिबगंज स्थित मल्टी मॉडल टर्मिनल की प्रतिकृति का अवलोकन करेंगे.

इसके बाद मल्टी मॉडल टर्मिनल का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन उद्घाटन करेंगे. राज्य के अनुसूचित जाति व जनजाति बहुल क्षेत्र के बच्चों के लिए 462 एकलव्य मॉडल स्कूल व 1238 करोड़ की लागत से रांची में निर्मित होने वाले नये सचिवालय भवन का शिलान्यास करेंगे.

प्रधानमंत्री देश के किसानों की समृद्धि के लिए किसान मान-धन योजना और दुकानदारों और स्वरोजगारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना की शुरुआत लाभुकों को पेंशन कार्ड देकर करेंगे. कार्यक्रम में मुख्य मंच से स्वागत संबोधन केंद्रीय राज्यमंत्री संतोष कुमार गंगवार करेंगे. फिर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और सीएम रघुवर दास का संबोधन होगा.

शुभारंभ
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, खुदरा व्यापारिक एवं स्वरोजगार पेंशन योजना
462 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय

इसके साथ ही प्रधानमंत्री यहां 1238 करोड़ की लागत से बनने वाले झारखंड सचिवालय के नए भवन का भी शिलान्यास करेंगे।

उद्घाटन
झारखंड की नयी विधानसभा भवन
साहिबगंज में मल्टीमॉडल बंदरगाह

बंदरगाह का निर्माण पूरा होते ही करीब 10 हजार लोग प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से रोजगार से जुड़ेंगे. आसपास के सैकड़ों लोगो को इस बंदरगाह में टेक्नीशियन, ऑपरेटर, हेल्पर, मजदूर, इलेक्ट्रिशियन सहित अन्य फिल्ड में रोजगार मिलेगा. इससे यह इलाका व्यावसायिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण हो जायेगा. बंदरगाह को न्यूनतम कचरा उत्पादन व ध्वनि प्रदूषण को ध्यान में रखकर बनाया गया है. इस बंदरगाह से अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी.

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बांग्लादेश तक जायेगा काला हीरा
बंदरगाह बन जाने से साहिबगंज टर्मिनल से राजमहल का काला हीरा पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार व अन्य देशों तक जायेगा. हल्दिया के रास्ते आनेवाला सामान जहाज से यहां पहुंचेगा.

शिलान्यास हम किये हैं तो उद्घाटन भी करेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 06 अप्रैल 2017 को साहिबगंज स्थित पुलिस लाइन की धरती पर इस बंदरगाह का शिलान्यास किया था. मात्र ढाई साल में ही काम पूरा हो चुका है. ट्रायल भी हो चुका है. हाल ही में कई कार्गो शिप कंटेनर लेकर बंदरगाह पहुंचे.

कई फायदे
संताल और झारखंड में निर्मित सामान को देश-विदेश आसानी से भेजा जा सकेगा. यहां के उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेगा
साहिबगंज जिला व्यावसायिक हब बन कर उभरेगा. बाहर से आनेवाले सामान की लागत कम होगी. इससे यह सस्ती दर पर मिलेंगे.
इसे पर्यटन के रूप में विकसित किया जायेगा. देश-विदेश से आनेवाले पर्यटक जिले व संताल के ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर देख सकेंगे
साहिबगंज शहर व आसपास के इलाकों की सड़कें बेहतर होंगी. दुमका-साहिबगंज सड़क, बंदरगाह से फरक्का व मिर्जाचौकी तक सड़क को फॉर लेन किया जायेगा

जिले का संपर्क सीधे तौर पर जलमार्ग, वायुमार्ग व रेलमार्ग से हो जायेगा
बनारस से कई गुना बड़ा व आधुनिक
बंदरगाह में कन्वेयर की सुविधा है, जो सालाना तीन मिलियन टन का है. इसके जरिये कोयला, चिप्स सहित अन्य सामान आसानी से लोड किया जा सकेगा
बंदरगाह के प्लेटफॉर्म पर एक बड़ा क्रेन है. इससे कार्गो शिप में आये कंटेनर को आसानी से लोड व अनलोड किया जा सकेगा
यहां तेल डिपो से लेकर जहाज मरम्मत का भी शेड बनाया जायेगा

10 राज्यों से सीधे संपर्क में आ जायेगा झारखंड
साहिबगंज का सकरीगली समदा देश ही नहीं, अब विदेशों में भी अपनी पहचान बनाने को आतुर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां निर्मित अंतरराष्ट्रीय मल्टी मॉडल टर्मिनल बंदरगाह आज राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इससे साहिबगंज बांग्लादेश, म्यांमार, नेपाल सहित अन्य देशों से सीधे जुड़ जायेगा. इस बंदरगाह को सागरमाला परियोजना से जोड़ा जाना है.
इसके बाद यह पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश के अलावा देश के करीब 10 राज्यों से सीधे संपर्क में आ जायेगा. साहिबगंज एक बड़ा व्यावसायिक हब के रूप में उभर कर सामने आयेगा. यहां बड़े-बड़े जहाजों का आगमन होने लगेगा. हर साल करीब 2.24 मिलियन टन कार्गो का संचालन किया जायेगा. इसे हल्दिया-वाराणसी जल मार्ग से जोड़ा गया है.
इसके अलावा इसे एनएच 80 फोरलेन से भी जोड़ा गया है. बंदरगाह सकरीगली रेलवे स्टेशन के करीब है. भविष्य में इसे वायु मार्ग से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है. साहिबगंज के रोल ऑन रोल ऑफ टर्मिनल बिहार के मनिहारी से भी जोड़ा गया है.

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क्यों महत्वपूर्ण है यह टर्मिनल
देश में 106 जलमार्ग हैं. इनमें 154 जलमार्ग महतवपूर्ण हैं. राष्ट्रीय जल मार्ग-एक वाराणसी से हल्दिया तक काफी महत्वपूर्ण है. साहिबगंज का बंदरगाह गंगा नदी पर वाराणसी से हल्दियाा तक प्रस्तावित 1390 किमी लंबे राष्ट्रीय जल मार्ग-एक के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
राष्ट्रीय जल मार्ग-एक को जल मार्ग विकास प्रोजेक्ट ने तकनीकी रूप से तैयार किया है.
इस परियोजना के तहत 150-2000 डीडब्लूटी की क्षमता वाले जहाजों को व्यावसायिक रूप से इस जलमार्ग पर चलाया जा सकेगा. राष्ट्रीय जल मार्ग-एक देश के कई राज्य जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल के गंगा किनारे बसे हल्दिया, हावड़ा, कोलकाता, भागलपुर, पटना, गाजीपुर, वाराणसी, इलाहाबाद और आसपास के औद्योगिक इलाकों को जोड़ेगा.

झारखंड विधानसभा के नये भवन का करेंगे उद्घाटन

करीब 19 साल के लंबे इंतजार के बाद झारखंड विधानसभा किराए के मकान से निकलकर आज अपनी खुद की बिल्डिंग में शिफ्ट हो जाएगी। ये विधानसभा देश की पहली ऐसी विधानसभा होगी जो पूरी तरह से पेपरलेस होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इस विधानसभा भवन का उद्घाटन करेंगे। अलग राज्‍य बनने के करीब 19 साल बाद किराये के विधानसभा भवन से झारखंड को मुक्ति मिल रही है।
झारखंड विधानसभा की नई बिल्डिंग एक तरफ जहां झारखंड की संस्‍कृति की सतरंगी झलक को संजोए हुए है वहीं दूसरी ओर ये बिल्डिंग बेहद हाईटेक और तमाम अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। ये देश की पहली ऐसी विधानसभा है जो पूरी तरह से पेपरलेस है। तमाम कार्यवाही के लिए यहां कंप्यूटर और टैब का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए हरेक विधायक की सीट पर टैब लगाया गया है और किसी भी विधायक को अपनी बात कहने और वोटिंग के लिए पेपर की जरूरत नहीं पड़ेगी।
झारखंड विधानसभा में फिलहाल 81 सदस्य हैं लेकिन भविष्य को ध्यान में रखते हुए यहां एक सौ बाइस सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की गई है। झारखंड विधानसभा की नई इमारत में जल संचयन और ऊर्जा संरक्षण की मुकम्‍मल व्‍यवस्‍था की गई है। इस इमारत में सौर ऊर्जा से बिजली की आपूर्ति की जाएगी। यहां विधानसभा की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए छोटी से छोटी बातों का ध्यान रखा गया है। खास बात ये है कि इमारत की डिजायन में झारंखड की आत्मा जल-जंगल और जमीन का भी पूरा ध्यान रखा गया है।
झारखंड विधानसभा की ये हाइटेक इमारत कई और मायनों में खास है। यह विधानसभा भवन रांची के धुर्वा में 39 एकड़ में बना है। 3 मंजिला भवन 465 करोड़ की लागत से बनी है जो 57,220 वर्ग मीटर में बना है। देश का ये सबसे ऊंचा गुंबद वाला विधानसभा भवन है। इसकी गुंबद की ऊंचाई करीब 39.5 मीटर है। 12 जून 2015 को इस इमारत का शिलान्यास किया गया था जिसके बाद रिकॉर्ड टाइम में विधानसभा भवन की नई इमारत को तैयार कर लिया गया।

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