प्रधानमंत्री की विकास यात्रा से घबरा गए हैं विपक्षी दलों के नेता :मंगल

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PATNA VEDANTA NETRA SCIENCE CENTER MEIN AB CHASHMA MUKT BIHAR SAMAROH KA UDGHATAN KERTE HEALTH MINISTER MANGAL PANDEY

बिहार में एक बार फिर तय समय पर सीट शेयरिंग नहीं होने और नागमणि के रालोसपा से इस्तीफा देने पर स्वास्य मंत्री मंगल पाडेय ने तथाकथित महागठबंधन पर निशाना साधा है। श्री पांडेय ने कहा कि महागठबंधन में सीटों का मामला तो नहीं सलट सका, हां महाघमासान जरूर मचने लगा है। ऐसी स्थिति सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि झारखंड की भी है। बिहार में महागठबंधन में शामिल दलों के नेता जहां अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं, वहीं झारखंड में भी जेवीएम और वाम दल आंखें तरेरने लगे हैं। श्री पांडेय ने कहा कि आज 10 फरवरी बीतने जा रहा है, लेकिन महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर उनके नेता चुप्पी साधे हुए हैं। महागठबंधन में शामिल कांग्रेस और राजद नेता यह जानते हैं कि जिस दिन सीट शेयरिंग हुई उस दिन कांग्रेस और राजद का टूटना तय है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल दल भले ही कांग्रेस और राजद पर सीटों को लेकर दबाव बना रहे हों, लेकिन अभी तक दोनों दलों में ही सीटों को लेकर समझौता नहीं हुआ है। हाल यह है कि कांग्रेस जहां 19-20 सीटों पर ताल ठोंक रही है, वहीं राजद भी 20-22 सीटों पर दावेदारी जता रहा है। इस स्थिति में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले समय में महागठबंधन का हश्र क्या होगा।श्री पांडेय ने कहा कि यह सिर्फ नाम का महागठबंधन है। वास्तव में तो यह महामिलावट है। न तो इसमें शामिल दल का पता है और न ही किसी विचारधारा से प्रेरित है। यही नहीं इसके नेता का भी अता-पता नहीं है। खुद पर लटक रही तलवार से बचने के लिए बने महागठबंधन के नेताओं का सिर्फ एक ही लक्ष्य है कि देश से भाजपा भगाओ, लेकिन भाजपा का लक्ष्य है कि भ्रष्टाचार भगाओ और देश को ऐसे नेताओं से बचाओ। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकास यात्रा से घबरा गए हैं। उनकी लोकप्रियता को ऐसे नेता पचा नहीं पा रहे हैं। इसलिए साथी तलाशने के लिए कभी पश्चिम तो कभी पूरब का भ्रमण कर ख्याली पुलाव पका रहे हैं।

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