प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने के लिए संसद मार्ग पहुंचा AAP का मार्च

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देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर आंदोलन के रंग रंगी हुई दिखाई दी. आज रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आवास के घेराव के ऐलान पर हजारों की संख्या में आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए. दिल्ली सरकार दिल्ली में आईएएस एसोसिएशन की हड़ताल खत्म कराने की मांग को लेकर बीते सोमवार से एलजी हाउस में अनशन पर बैठी है. एलजी हाउस में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, मंत्री सत्येंद्र जैन और गोपाल राय अनशन और भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं तो एलजी हाउस के बाहर पार्टी कार्यकर्ता जुटे हुए हैं.

आम आदमी पार्टी ने रविवार को अपनी मांगों को लेकर पीएम हाउस के घेराव का ऐलान किया था. आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में पार्टी ने पीएम हाउस की तरफ कूच किया. हालांकि पुलिस ने आंदोलनकारियों को संसद मार्ग थाने पर ही रोक लिया. यहां भारी मात्रा में पुलिस और अन्य सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. आप कार्यकर्ता जुटे और सड़क पर ही धरने पर बैठ गए.

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आप के मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पहले ही तीन मेट्रो स्टेशनों को कुछ समय के लिए बंद कर दिया था. पार्टी कार्यकर्ता मंडी हाउस में इकट्ठा हुए और अलग-अलग मार्गों से होते हुए पीएम आवास की तरफ कूच करने लगे. मंडी हाउस से लेकर संसद मार्ग तक की लगभग चार किलोमीटर की सड़क पर सिर्फ टोपी लगाए लोग नजर आ रहे थे. कुछ अन्य दलों ने भी आप के इस मार्च को अपना समर्थन दिया है. सीपीआई नेता सीताराम येचुरी खुद संसद मार्ग पर मौजूद रहे.

आप प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सब कुछ पांच साल पहले जैसा लग रहा है, जब कांग्रेस की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार डर महसूस कर रही थी और दिल्ली की जनता को उसके खिलाफ प्रदर्शन करने से रोकने के लिए उसने पुलिस बल का इस्तेमाल किया था. भारद्वाज ने कहा, “मुझे लगता है कि सरकार जब अपने लोगों से डरने लगे, तो समझिए उसके जाने का समय आ गया है.”
पुलिस ने संसद मार्ग पर धारा-144 लागू कर दी है और आंदोलनकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि उन्हें यहां से आगे नहीं दिया जाएगा.

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चार मुख्यमंत्रियों ने दिया समर्थन
दिल्ली सरकार के इस अनशन को कई अन्य दलों ने भी अपना समर्थन दिया है. शनिवार की शाम पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने अरविंद केजरीवाल के आवास पर जाकर उनके परिवार से मुलाकात की. चारों मुख्यमंत्रियों ने उप-राज्यपाल अनिल बैजेल को पत्र लिखकर केजरीवाल से मुलाकात करने की इजाजत मांगी थी, लेकिन उप-राज्यपाल ने उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी. इस पर उन्होंने मीडिया के सामने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. ममता बनर्जी ने कहा कि दिल्ली में इन दिनों संवैधानिक संकट चल रहा है. यहां चुनी हुई सरकार को काम नहीं करने दिया जा रहा है.

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इसके बाद इन चारों मुख्यमंत्रियों ने रविवार की सुबह नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में दिल्ली के संकट को दूर करने की मांग की.

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IAS एसोसिएशन ने हड़ताल के आरोप को बताया झूठा
उधर, आईएएस एसोसिएशन ने अधिकारियों की हड़ताल के दिल्ली सरकार के आरोप को झूठा करार दिया है. आईएएस एसोसिएशन ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फेंस में कहा कि दिल्ली का कोई भी अधिकारी हड़ताल पर नहीं है. कुछ अधिकारी तो छुट्टी के दिन भी काम कर रहे हैं. एसोसिएशन ने कहा कि दिल्ली का हालात सामान्य नहीं है. उन्होंने जानबूझ कर राजनीति में घसीटा जा रहा है. अधिकारियों ने यहां तक कहा कि उन पर निजी हमले हो रहे हैं और वे खुद को डरा तथा पीड़ित महसूस कर रहे हैं.

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